Saturday, November 25, 2017
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karwa chauth astrology

                अखण्ड सौभाग्य का पर्व करवाचौथ मंगलवार को मनाया जाएगा। पति की लम्बी आयु के लिए विवाहिता महिलाएँ निर्जला व्रत रखेंगीं जो शाम को चन्द्रमा को अघ्र्य देने और पूजन-अर्चना के बाद ही टूटेगा। मंगलवार का करवाचौथ मंगल ही मंगल करेगा। ज्योतिर्विद गुंजन वाष्र्णेय बताती हैं कि लाल रंग शुभ और सुहाग का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में विवाह का लाल रंग का जोड़ा पहनकर मंगलवार के दिन पूजन करने का खास महत्व होगा, क्योंकि मंगल ग्रह का प्रिय रंग लाल है।

इस बार करवाचौथ मंगलवार को है साथ ही ग्रह नक्षत्रो की सिथति अनुसार करवाचौथ का व्रत विशेष फलदायी होगा। करवाचौथ का सम्बंध चन्द्रमा से है, इस बार करवाचौथ के दिन चन्द्रमा अपनी उच्च वृष राशि में होगा। इस बार जिन सुहागिनों का प्रथम करवाचौथ व्रत होगा, उनके लिए इस बार का करवाचौथ विशेष फलदायी होगा क्योंकि वह सर्वप्रथम उच्च के चन्द्रमा का दीदार करेंगीं। इसी के साथ इस बार तुला राशि में सिथत चार ग्रह, सूर्य, बुध, शनि एवं राहु चतुग्रही योग का सृजन कर रहे हैं। ग्रह नक्षत्रम ज्योतिष शोध संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य आशुतोष वाष्र्णेय बताते हैं कि इस बार करवाचौथ नवविवाहित महिलओं जो पहली बार व्रत रख रही हैं, के लिए विशेष रूप से शुभ फल देने वाला होगा क्योंकि उन्हें उच्च राशि के चन्द्रमा का दर्शन और पूजन करने का अवसर मिलेगा। सौभाग्य,पुत्र, धन-धान्य, पति की रक्षा एवं संकट टालने के लिए चन्द्रमा की पूजा की जाती है। चन्द्रमा का उच्च वृष राशि में होना व्रत खोलने के समय वर्षभर शुभता प्रदान करेगा। अविवाहित युवतियों पर कुछ वर्षो से करवाचौथ का क्रेज करवा मिशन के रूप में विधमान है, भले ही अभी उन्हें साजन की मान्यता मिली हो पर वह अपने सपनों के राजकुमार को जल्दी पाने या फिर प्रेम को प्रगाढ़ करने की चाहत में करवाचौथ का व्रत सुहागिनों की भांति ही रखेंगीं। दशहरा और दीपावली के बीच पड़ने वाला करवाचौथ सुहागिन रित्रयो का प्रमुख व्रत है। करवाचौथ का व्रत सुहागिन रित्रयो अपने अखंड सुहाग और पति के स्वस्थ दीर्घायु होने की मंगल कामना हेतु करती हैं।

 

 

 

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