Friday, November 24, 2017
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rashi chakra
सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं, मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होने लगते हैं और देवताओं का दिन प्रारम्भ होता है इसलिए मकर संक्रांति का महत्व सर्वाधिक माना गया है। सूर्य का धनु से मकर राशि में प्रवेश बारह राशियों को इस प्रकार शुभाशुभ फल प्रदान करेगा।

aries

मेष राशि - गोचर से दशम भाव में सूर्य के जाने पर धन, स्वास्थ्य, मित्र आदि का सुख प्राप्त होता है। राज्यादिधकारियों और प्रतिषिठत लोगों से मित्रता बढ़ती है। सज्जनों द्वारा लाभ होता है, प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है। पदोन्नति का सुअवसर प्राप्त होता है, मान, गौरव तथा प्रताप बढ़ता है।

taurus

वृष राशि - गोचर से नवम स्थान में सूर्य के जाने पर कांति का क्षय, झूठा आरोप, बिना कारण धन और पुण्य की हानि, आय की कमी, रोग एवं अशांति उत्पन्न होती है। बड़ों से तथा मित्रों तथा भाइयों से विरोध रहता है। अपमान का भय रहता है, हर उधोग में असफलता मिलने के कारण व्यकित दीन बन जाता है।

gemini

मिथुन राशि - गोचर से अष्टम स्थान में सूर्य के जाने पर जातक को अपने बुरे कर्मों का फल मिलता है, शत्रुओं से झगड़ा होता है, शरीर में पीड़ा रहती है, बवासीर, अपच आदि रोग उत्पन्न हो जाते हैं। राजभय (जुर्माना, मुकदमा, गिरफतारी) होता है। स्त्री को भी कष्ट होता है, अधिक खर्च होता है, कभी-कभी ज्वर, रक्त भाराधिक्य के कारण मृत्यु भी हो सकती है, अपमान का विशेष भय रहता है।

cancer

कर्क राशि - गोचर से सातवें स्थान में सूर्य के जाने से दाम्पत्य जीवन में वैमनस्य की उत्पतित होती है, स्त्री और पुत्र बीमार रहते हैं। कार्यों में असफलताएं प्राप्त होती हैं। व्यवसाय में बाधाऐं उत्पन्न होती हैं, कष्टकारी यात्राएं करती पड़ती हैं। उदर पीड़ा, सिर पीड़ा आदि रोग होते हैं। धन और मानहानि के कारण व्यकित के मन को क्लेश रहता है।

leo

सिंह राशि - गोचर से छठे स्थान में सूर्य के जाने से कार्य सिद्धि और सुख की प्रापित होती है, अन्न-वस्त्र आदि का लाभ होता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। रोगों का नाश होता है, राज्याधिकारियों से लाभ रहता है, निज प्रताप में वृद्धि होती है, शोक-मोह आदि भावों का नाश होकर चित्त और शरीर स्वस्थ रहते हैं।

virgo

कन्या राशि - गोचर से पंचम भाव में सूर्य के जाने मानसिक भ्रम खासतौर से उत्पन्न होता है। शारीरिक और मानसिक शकित में कमी आती है। बुद्धि भ्रमित होने लगती है, ऐसे में जातक को धनहानि भी उठानी पड़ती है, स्वयं और संतान को रोग उत्पन्न होता है, राज्याधिकारियों से वाद-विवाद बढ़ता है, यात्रा में दुर्घटनाएं होती हैं। व्यकित दीनता का अनुभव करता है।

libra

तुला राशि - गोचर में चतुर्थ स्थान में सूर्य के जाने से मानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है, घरेलू झगड़ों के कारण सुखों में कमी आ जाती है, जमीन-जायदाद संबंधी अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है, अच्छी सुख सामग्री नहीं मिलती, यात्रा में असुविधाएं होती हैं। लोग परेशान करते हैं, विवाहित सुख में भी अड़चन आती है, मान-हानि की सम्भावना रहती है।

scorpio

वृशिचक राशि - गोचर से तृतीय स्थान में सूर्य के जाने से रोगों से मुकित, सुख चैन, शुभफल मिलते हैं। सज्जनों एवं उच्च राज्याधिकारियों से मेल-मुलाकात होती है। पुत्रों तथा मित्रों से धन-लाभ तथा सम्मान होता है। शत्रुओं की सरलता से पराजय होती है तथा व्यकित लक्ष्मी और मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। इस अवधि में प्राय: पद की प्रापित होती है और व्यकित सबसे शुभ व्यवहार करता है।

sagittarus

धनु राशि - गोचर से द्वितीय स्थान में सूर्य के जाने से दुष्ट और बुरे कर्म वाले लोगों से मुलाकात होती है। व्यकित का निज का स्वभाव भी धूर्तता तथा नीचता की ओर अग्रसर होता है, सिर और आंखों में पीड़ा रहती है, व्यापार और धन-सम्पतित की हानि का भय रहता है। मित्रों और संबंधियों से झगड़ा होता है और व्यकित का पूरा महीना सुख रहित व्यतीत होता है।

capricorn

मकर राशि - गोचर से लग्न भाव में सूर्य के आने से धन का नाश होता है, मान-सम्मान में कमी आती है, स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता, हृदय रोग, थकावट, उदर विकार, पेट तथा नेत्र के रोगों से कष्ट उठाना पड़ता है। 
प्रत्येक कार्य विलम्ब से सम्पन्न होता है और समय पर भोजन नहीं मिलता, निरूददेश्य भ्रमण होता है और व्यकित को अपने परिवार से अलग होना पड़ता है। संबंधियों, मित्रों और सज्जनों से झगड़ा होने से मानसिक व्यथा रहती है।

aquarius

कुम्भ राशि - गोचर से द्वादश भाव में सूर्य के जाने से दूर देश का भ्रमण होता है, कार्य एवं पद की हानि होती है, व्यय अधिक रहता है, कई प्रकार की कठिनाइयां झेलनी पड़ती है, जवर आदि रोग उत्पन्न होते हैं। पेट में अधिक गड़बड़ रहती है, राज्य की ओर से विरोध होता है। आंखों में कष्ट की सम्भावना रहती है। मित्रों का व्यवहार भी शत्रुतापूर्ण हो जाता है, अपमान का भय रहता है।

pisces

मीन राशि - गोचर से एकादश भाव में सूर्य के जाने से हर प्रकार का लाभ, धन प्रापित, उत्तम भोजन, नवीन पद और बड़ों के अनुग्रह की प्रापित होती है। स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आध्यातिमक एवं मांगलिक कार्य होते रहते हैं। सातिवकता में वृद्धि होती है, राज्य की ओर से कृपा की प्रापित होती है, पदोन्नति का यह समय होता है, पित्तादि में लाभ रहता है।

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