Sunday, February 25, 2018
User Rating: / 0
PoorBest 

shani jayanti

तीन दुर्लभ संयोग से भक्तों पर बरसेगी विशेष कृपा

यह महासंयोग आठ तारीख को पड़ रहा है, आठ अंक का स्वामी भी शनि है।
शनिदेव को आठ का अंक, शनिवार का दिन एवं अमावस्या तिथि तीनों अतिप्रिय हैं।

प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि जनमोत्सव मनाया जाता है, इस वर्ष शनि जयंती पर कर्इ दुर्लभ संयोग बन रहे हैं जो भक्तों पर विशेष कृपा बरसाऐंगे। शनि जन्म की अमावस्या सातों वार में से किसी भी वार को पड़ सकती है, इस बार यह अमावस्या शनिवार को पड़ने से विशेष महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या अर्थात शनि जयंती, शनि उपासना के लिए महत्वपूर्ण तिथि है। वर्ष भर कोर्इ भी अमावस्या अगर शनिवार को पड़ती है तो उसे शनैश्चरी अमावस्या कहते हैं जिसमें किया गया शनि शांति का विशेष उपाय शीघ्र फलीभूत एवं सार्थक होता है। वर्तमान में आकाशमण्डल में शनिदेव अपनी उच्च तुला राशि में विधमान हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार शनि का प्रिय अंक आठ, प्रिय वार शनिवार और प्रिय तिथि अमावस्या है। ऐसी सिथति में शनि जयंती व शनैश्चरी अमावस्या का योग विशेष महासंयोग कहलाता है। तुला राशि में शनि संग राहु का संयोग और अंक आठ, ज्येष्ठ मास की अमावस्या और शनिवार का दिन भक्तों की मनोकामनाएं शनि साधना के माध्यम से पूर्ण करने वाला है। दुर्लभ योग के कारण इस दिन भगवान शनि की आराधना और सही उपाय भक्तों की किस्मत में बदलाव लाएगी। शनि की साढ़ेसाती या ढैयया के साथ यदि कुण्डली में शनि दोष हो तो उसका निराकरण अवश्य करें। प्रत्येक राशि को शनि जयंती के दुर्लभ अवसर का उपाय कर विशेष लाभ उठाना चाहिए।

मेष राशि - शनि जयंती से प्रारम्भ कर 53 शनिवार तक काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाऐं, तो शनि कभी भी कार्यों में बाधक नहीं रहेगा।

वृष राशि - शनि जयंती के दिन शनि यंत्र धारण करें, क्योंकि शनि आपकी राशि के स्वामी शुक्र का मित्र है, इसलिए शनि कृपा अनुकूलता प्रदान करेगी।

मिथुन राशि - शनि जयंती के दिन बीच वाली मध्यमा उंगली में काले घोड़े की नाल का छल्ला धारण करें, तो शनि पीड़ा से राहत मिलेगी, साथ ही शनिवार को लोहे धातु से निर्मित वस्तुओं का दान अवश्य करें।

कर्क राशि - शनि से सम्बंधित वस्तुऐं शनि जयंती के दिन घर में स्थापित करे, तो लाभ अवश्य होगा। काले घोड़े की नाल, शनिवार को घर के मुख्य द्वार पर लगाऐं तथा शनि यंत्र घर में स्थापित करें।

सिंह राशि - अपनी राशि के स्वामी एवं शनि के पिता सूर्यदेव को अघ्र्य दें एवं आदित्य हदय स्तोत्र का पाठ करें। यधपि सूर्य शनि पिता पुत्र होकर एक दूसरे से शत्रुता रखते हैं, तथापि ग्रह राज सूर्य की उपासना करने से शनि कष्टों में कमी आती है।

कन्या राशि - किसी वृद्ध, अपाहिज अथवा बेसहाय व्यकित की सहायता करें, साथ ही गणपति की आराधना आपकी निर्णय शकित को प्रबल करेगी।

तुला राशि - आठ बादाम अथवा आठ नारियल बहते पानी में बहायें तथा शनिवार का व्रत रखें तो रूके हुए कार्य शीघ्र गति पकड़ेंगें।

वृशिचक राशि - अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति सदव्यवहार करें, काले कुत्ते को गुड़ तथा तेल में चुपड़ी रोटी प्रत्येक शनिवार को खिलाऐं।

धनु राशि - प्रात:काल काली उड़द की दाल का दान करें, घर में काले घोड़े की नाल मुख्य द्वार पर अवश्य लगाऐं, आसक्त व वृद्ध व्यकितयों के आर्शीवाद से समय मंगलमय व्यतीत होगा।

मकर राशि - आपकी राशि के स्वामी स्वयं शनि भगवान हैं, अत: विशेष प्रभाव हेतु शनिवार से प्रारम्भ कर प्रतिदिन शनि चालीसा का पाठ करें अथवा शनि स्तोत्र का जप करें।

कुम्भ राशि - कुम्भ राशि का भी स्वामी शनि है, अत: शनिवार के दिन शनि की प्रसन्नता हेतु पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाऐं, शनि का उपासना कर उनका पूजन, व्रत करें और कथा प्रत्येक शनिवार को पड़ें।

मीन राशि - शनि के अशुभ फलों से अप्रभावित रहने के लिए और शुभ फल वृद्धि हेतु शनिवार के दिन घर की साफ-सफार्इ कर कूड़ा-करकट घर से बाहर निकालें, शनिवार के दिन लोहा न खरीदें।

Add comment

We welcome comments. No Jokes Please !

Security code
Refresh

Astrology

Who's Online

We have 2603 guests online
 

Visits Counter

783297 since 1st march 2012