Sunday, February 25, 2018
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राम नवमी चैत्र माह के नवमें दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार मर्यादा पुरूषोत्तम राम के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं। राम नवमी हिंदुओं का लोकप्रिय त्यौहार है।

इसी दिन नौ दिन का चैत्र नवरात्र भी समाप्त हो जाता है। यह त्यौहार केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में रह रहे हिंदू भी मनाते हैं। खुशी और जोश के साथ मनाए जाने वाले इस त्यौहार पर अनेक भक्त व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने पर भगवान राम प्रसन्न होते हैं और सौभाग्य तथा खुशियों की वर्षा करते हैं।

रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं - कौशल्या , कैकेयी एवं सुमित्रा। तीन विवाह करने पर भी राजा दशरथ को संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। विवाह के बाद अनेक वर्ष बीत गए। राजा दशरथ एवं अयोध्या के प्रजा को राज्य के वारिस की चिंता सताने लगी। तब महर्षि वशिष्ठ ने संतान पाने के लिए दशरथ को पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करने की सलाह दी।

राजा दशरथ यज्ञ करवाने के लिए तुरंत ही मान गए और यज्ञ सम्पन्न करवाने के लिए महर्षि रूष्य श्रुंग के आश्रम की ओर चल पड़े। महर्षि इस यज्ञ को करवाने के लिए तैयार हो गए और राजा दशरथ के साथ अयोध्या आए।यज्ञ के परिणामस्वरूप यज्ञनेश्वर प्रकट हुए और तीनों रानियों के खाने के लिए एक खीर की कटोरी राजा दशरथ को दी। राजा ने आधी कटोरी खीर कौशल्या को दी और आधी कैकेयी को। इन दोनों ने अपने हिस्से से आधी आधी खीर सुमित्रा को दी।

कुछ दिनों बाद तीनों रानियां गर्भवती हुईं और चैत्र माह के नवमी के दिन कौशल्या ने राम को, कैकेयी ने भरत और सुमित्रा ने जुड़वा पुत्र लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न को जन्म दिया। तब से यह दिन अयोध्या के लिए खुशियों से भर गया।

राम नवमी भारत के अति प्राचीन त्यौहारों में से एक है। राम नवमी का उल्लेख कालिका पुराण में भी मिलता है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में जब भारत में वर्ण व्यवस्था प्रचलित थी तब शूद्रों को कुछ ही त्यौहार मनाने की अनुमति मिलती थी, जिसमें से राम नवमी भी एक है।

कल 8 अप्रैल 2014 को राम नवमी है। कल चैत्र नवरात्र भी समाप्त हो जाएगा। राम नवमी के अवसर पर देश भर में मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है। भक्तगण पूजा चढ़ाते हैं, व्रत रखते हैं और सदियों से राम नवमी को ऐसी ही मनाते आ रहे हैं।

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