Monday, November 20, 2017
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जयपुर. शहर में ‘रात्रि पर्यटन’ का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है।  इसकी शुरुआत वर्ल्ड हेरिटेज आमेर महल से होगी। इसके लिए यहां 2.75  करोड़ के लाइटिंग के काम किए जा रहे हैं। पहले फेज में करीब 90 लाख से जलेब चौक में लाइटिंग की गई है। सैकंड फेज में मानसिंह महल, दीवान-ए-आम, 27 कचहरी, सुहाग महल में काम पूरा होने को है।
 
शीश-महल और रास्तों में लाइटिंग होना बाकी है।  पुरातत्व विभाग के निदेशक हृदेश कुमार मुताबिक तैयारियां पूरी कर नवंबर आखिर या दिसंबर में महल को रात्रि में खोल दिया जाएगा। जानकारी हो कि पिछले दिनों राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से रात्री पर्यटन की शुरुआत की बात कही थी। 
 
यूं देखेंगे महल: पर्यटकों को एक साथ भेजने के बजाए ग्रुप में महल देखने भेजा जाएगा। इस दौरान अन्य पर्यटकों को जलेब चौक में वेटिंग में बिठाकर रखा जा सकता है। महल दिखाने के साथ जानकारी के लिए ऑडियो-गाइड की व्यवस्था रहेगी। जलेब चौक में कल्चरल प्रोग्राम आदि भी होंगे। पर्यटकों को महल तक ले जाने के लिए निजी वाहनों सहित दिन की तरह जीपों की व्यवस्था रहेगी। चाय-पानी के लिए यहां मौजूद कैफेटेरिया आदि खुले रहेंगे। 
 
शरद चांदनी का महत्व
 
 
ज्योतिष : सूर्य की परम ज्योति को चंद्रिका यानी चांदनी रूप में चंद्रमा हम तक पहुंचाता है। चंद्रमा की पोषक क्षमता दुग्ध में बनी रहती है और सूर्य की किरणों को ग्रहण करने की क्षमता चावल में रहती है। खीर में सूर्य-चंद्रमा का मिश्रित स्वरूप होता है। ज्योतिष शास्त्र में चांदनी अमृत वर्षा में समर्थ है। चांदनी खीर औषधियुक्त हो जाती है, जो अस्थमा रोग निदान में महत्वपूर्ण मानी गई है। 

आयुर्वेद : आयुर्वेद शास्त्र में जड़ी-बूटियों का नक्षत्र विशेष में ग्रहण करना बताया गया है। इसमें नियत ग्रह स्थिति और तिथि वार के मिश्रित योग में औषधि निर्माण और मुहूर्त में सेवन कराने का विधान है।
 
जनमानस : शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं और 15 तिथियों से युक्त है। शरद ऋतु के आरंभ की रात। धवल चांदनी रिझाती है। प्रणय निवेदन की एक खास रात।
साभार: दैनिक भास्कर

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