Sunday, January 21, 2018
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इलाहाबाद: इस बार नवरात्र दस दिनों का है। 2016 का पंचमी कल 6 अक्तूबर को था और मां दुर्गा अपने संतानों के साथ प्रत्येक दुर्गा पूजा पंडाल में आ चुकी हैं।


कल शाम को आनन्द मेला के साथ हर पंडाल में दुर्गोत्सव का आगाज हो गया। आनन्द मेला में मुहल्ले की लड़कियां और बहुएं मुख्यतः खाने पीने की वस्तुओं की स्टाल लगाती हैं। आनन्द मेला में मुहल्ले के सभी लोग आते हैं और स्टाल से खाने पीने की वस्तुएं खरीदकर खाते हैं और आनन्द करते हैं इसीलिए इसे आनन्द मेला कहते हैं। कल शहर के प्रत्येक पंडाल में बुजुर्ग महिलाएं एवं पुरूष, युवक, युवती और बच्चे रंग बिरंगें कपड़ों में आनन्द मेला का लुत्फ उठाते दिखे। पंडाल में झूला भी लगे थे और बच्चे खाने पीने का सामान खाते हंए झूले पर झूलते दिखे। मां दुर्गा के आने की खुशी उनके नन्हे मुन्ने चेहरों पर साफ झलक रही थी। कुछ पंडालों में कल पंचमी के दिन मां दुर्गा का बोधन हुआ तो कुछ में आज षष्ठी के दिन हुआ।
प्रीतम नगर दुर्गा पूजा के पुरोहित श्री दिलीप चक्रवर्ती के अनुसार ‘‘मां का बोधन पंचमी को ही होना चाहिए। बोधन के माध्यम से मां दुर्गा को पृथ्वी पर चार दिनों के लिए आने का आमंत्रण दिया जाता है। इसे अकाल बोधन कहते हैं और सबसे पहले इसे मर्यादा पुरूषोत्तम राम ने किया था क्योंकि दुर्गा पूजा पहले चैत्र महीने में ही होता था और राजा राम ने शरद काल में बोधन के माध्यम से मां का आहवान किया था ताकि वह असमय पृथ्वी पर आकर उन्हें आर्शीवाद दें और वह असुर राजा रावण को मारने की शक्ति प्राप्त कर सकें। असमय मां का आहवान करने के लिए बोधन हुआ था इसलिए इसे अकाल बोधन कहते हैं। तब से आज तक शरद काल में मां दुर्गा को धरती पर आने का आमंत्रण बोधन के माध्यम से दिया जाता है।’’
आज 7 अक्तूबर 2016 को षष्ठी है और इस दिन अनेक महिलाएं व्रत रखती हैं एवं षष्ठी के दिन सबसे पहले षष्ठी की पूजा चढ़ाती हैं। 8 अक्तूबर को सप्तमी है और उस दिन सुबह मां की प्राण प्रतिष्ठा होगी और मूर्ति में प्राण आ जाएगी तथा दुर्गा पूजा का विधिवत प्रारंभ हो जाएगा। मेरे साथ आप सब भी बोलिए. दुर्गा माई की जय।

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