Tuesday, October 24, 2017
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इस बार सावन माह में तीन सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. पहला सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा और...
इस बार सावन माह में तीन सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. पहला सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा और आखिरी सोमवार के सर्वार्थ सिद्धि योग में खत्म भी होगा। 10 जुलाई से शुरू होने जा रहा भगवान शिव का प्रिय माह सावन इस बार बेहद खास होगा.

वजह है इस बार विशेष योग का बनना. दरअसल इस बार सावन माह में पांच सोमवार हैं. ये पवित्र माह सोमवार से ही शुरू होगा और सोमवार को ही इसका समापन (7 अगस्त) भी होगा. ये खास योग कई वर्षों के बाद ही बनता है। इस बार सावन माह में तीन सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. पहला सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा और आखिरी सोमवार के सर्वार्थ सिद्धि योग में खत्म भी होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग का वक्त बेहद शुभ होता है. सर्वार्थ सिद्धि योग यानी अपने आप में सिद्ध. इस दिन की गई पूजा या हवन-यज्ञ का महत्व काफी अधिक होता है। इस माह में रोटक व्रत भी काफी अहमियत मानी जाती है। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार (5 सोमवार होने से रोटक व्रत कहलाते हैं) को भगवान शिव-पार्वती की प्रीति के लिए व्रक रखकर शिवजी की बेलपत्र, दूध, दही, चावल, पुष्प, गंगाजल सहित पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के लिए व्रत और उनकी पूजा करने से उनकी विशेष कृपा होती है। आखिरी सोमवार को रक्षा बंधन रहेगा।

इन तिथियों पर त्यौहार - 23 जुलाई हरियाली, अमावस्या, 26 जुलाई हरियाली तीज, झूला उत्सव, 28 जुलाई नाग पंचमी, 7 अगस्त रक्षाबंधन, 10 अगस्त कजली तीज, 13 अगस्त हलषष्ठी, 14 व 15 अगस्त कृष्ण जन्माष्टमी, 21 अगस्त सोमवती अमावस्या, 24 हरतालिका तीज, 25 अगस्त गणेश चतुर्थी, 26 अगस्त नुआखाई।

इस बार 5 सावन सोमवार

अमूमन सावन माह में 4 सोमवार पड़ते है लेकिन इस बार 5 सोमवार का पड़ना भी शुभ संकेत माना जा रहा है। इस बार सावन माह 29 दिनों का होगा पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का साया रहेगा मकर राशि में खंडग्रास चंद्रग्रहण दिखाई देगा। च्रदंग्रहण का स्पर्श काल रात 10ः53 बजे और मोक्ष रात्रि 12ः48 बजे होगा। चंद्रग्रहण का सूतक तीन प्रहर पूर्व दोपहर 1 बजकर 10ः30 बजे तक भद्रा काल भी है इसलिए भद्रा काल समाप्त होने और सूतक लगने के पूर्व ही बहने अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह 10ः39 के बाद और 1ः53 तक का ही मुहूर्त शुभ है। वही 23 जुलाई को हरियाली अमावस्या किसान कृषि यंत्रों की साफ सफाई कर पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ ही तीज त्यौहारों की शुरूआत हो जाएगी।

Courtesy: Bhaskar

Comments 

 
#1 facebook scraper 2017-07-18 05:09
Grеat information. Lucky mе I rscentⅼy found your blog by chance (stumbleupon).
I have savеd it ffor later!
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