Tuesday, January 16, 2018
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Mahakumbh kids

आपकी वृशिचक राशि है, चन्द्रमा नीचस्थ है, शिवलिंग पर कच्चा दूध नित्य चढ़ाऐं, यह पांच वर्षीय बालिका कृति ने सामने वाले की कुण्डली, ग्रहदशा देखकर बताया। नन्ही बच्ची ने जन्मपत्री देखकर आगे भविष्यवाणी की, कि दस वर्ष की चन्द्रमा की महादशा अब डेढ़ वर्ष ही शेष बची है, फिर उच्च के मंगल का राजयोग आपके जीवन में आने वाला है।

 

जी हाँ, चौकिए नहीं, इस प्रकार की तैयारी संगम नगरी के एक दर्जन बच्चे ग्रह नक्षत्राम ज्योतिष शोध संस्थान के तत्वाधान में लगभग एक माह बाद पड़ने वाले महाकुम्भ के लिए वर्षों से कर रहे हैं ताकि विदेशियों तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयाग का ज्ञान यहाँ के नन्हे-मुन्ने में देख सकें और वह जब अपने वतन कुम्भ के बाद वापस लौटें तो न केवल प्रयागराज की महिमा का गुणगान करें बलिक इन बालकों की जिहवा से निकलने वाले मंत्रों का स्मरण जीवन भर कर सकें। जब बच्चे ही जन्मकुण्डली वाच रहे हैं, रामायण, गीता का पाठ, संस्कृत के कठिन श्लोकों और कर्मकाण्ड का बखान करेंगें तो लोग सोचेंगें कि यहाँ के विद्वानों का क्या हाल होगा? रावण रचित शुद्ध संस्कृत के कठिन श्लोकों द्वारा निर्मित शिव तांडव स्तोत्र की पंक्तियाँ जिन्हें बड़े-बड़े विद्वान भी पूरा कंठस्थ नहीं कर पाते, संगम नगरी की पांच वर्षीय कृति की जुबान पर क, ख, ग की भांति प्रफुलिलत होते हैं। गौरतलब है कि बालिका कृति गल्र्स हार्इ स्कूल, कक्षा के.जी. की छात्रा है, इस नन्ही सी उम्र में स्कूल की पढ़ार्इ तथा फर्राटे से अंग्रेजी बोलने के साथ-साथ संस्कृत के बड़े-बड़े कठिन स्तोत्रों को कण्ठस्थ कर सुनाती है, यही नहीं बालिका कृति पिंड और ब्रह्राण्ड की संरचना की जानकारी लोगों को कुम्भ के दौरान देगी तथा ज्योतिष की प्रसिद्ध लाल किताब के कठिन उर्दू के फरमान सुनाएगी। इसी प्रकार नौ वर्षीय सक्षम अग्रवाल राम कथा का बखान करता है और कुम्भ के दौरान लोगों को राम नाम महिमा तथा उससे मिलने वाले फायदे की जानकारी देने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। पांच वर्षीय नन्हा समर्थ लाल, नीली, पीली कलम से किताब, क‚पी, दीवारों पर लाइन खींचने की जगह हर जगह राम नाम अंकित करता चलता है। कलकत्ता नगरी के ओंकार चक्रवर्ती का पांच वर्षीय बालक भी इस बार कुम्भ मेले में इलाहाबाद आकर मां काली की स्तुति एवं दस महाविधाओं के मंत्र लोगों को सुनाएगा। ग्रह नक्षत्रम ज्योतिष शोध संस्थान के निदेशक आशुतोष वाष्र्णेय की देखरेख में अनेक बच्चे पढ़ार्इ-लिखार्इ के साथ सप्ताह में कुछ दिन धर्म, संस्कृति के बारे में जानने और सीखने में समय बिताते हैं। राम नाम सेवा संस्थान की अध्यक्ष गुंजन वाष्र्णेय के अनुसार कुम्भ प्रारम्भ होने से कुछ समय पूर्व ही इन बच्चों का प्रदर्शन प्रयागवासियों के सामने होगा। गुंजन बताती हैं कि इनमें से कर्इ बच्चों ने अपनी प्रतिभा का हुनर भीड़ में दिखाया है और उनके द्वारा सुनाए गए श्लोक की पुषिट विद्वानों ने भी की है। कुम्भ के दौरान विशिष्ट एवं प्रतिभाशाली बालक या बालिका को संस्थान द्वारा छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया जाएगा। शहर में ऐसे बच्चे जिन्हें धर्म, अध्यात्म में रुचि हो या कोर्इ धार्मिक प्रतिभा रखते हों वे भी संस्थान में आकर सम्पर्क कर सकते हैं।

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