Friday, November 17, 2017
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ramdev radhe maa

इलाहाबाद। संतों द्वारा ग्लैमरस राधे मां और योगगुरू रामदेव के कुंभ प्रवेश करने का विरोध के उलट अब नजारा ही बदल गया है। इस मसले पर अब संतो के सुर बदल गए हैं। यानी मीडिया के सामने थिरकती हुई आने वाली राधे मां और योग गुरू रामदेव बिना विरोध इलाहाबाद महाकुंभ में प्रवेश कर सकते हैं। 
राधे मां की चर्चा पिछले दिनों तब हुई जब उन्हें जूना अखाड़े ने महामंडलेश्वर बना दिया था। लेकिन इस पदवी के बाद उनका संत समाज में विरोध शुरू हो गया। जूना अखाड़े के संतों ने कहा कि राधे मां गृहस्थ हैं और वह महामंडलेश्वर नहीं बन सकतीं। विरोध के बाद उन्हें महामंडलेश्वर पद से निलमिबत कर दिया गया। इसके बाद भी उनका विरोध जारी रहा। उधर बाबा रामदेव के साथ भी विरोध का माहौल थम गया है। यानी कुंभ मेले में संत बिरादरी किसी का विरोध नहीं करेगी। बाबा रामदेव पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े में आ रहे हैं लेकिन राधे मां किस शिविर में आएंगी यह तय नहीं है। पहली बार कुंभ में करीब 327 महामंडलेश्वर आ रहे हैं यह संख्या पिछले कुंभ या अर्धकुंभ के मुकाबले लगभग दोगुनी है।

सेक्टर 5 में मिलेगी आचार्यबाड़ा को जमीन
कई दिनों से चल रही मेला प्रशासन और आचार्य बाड़ा के संतों के बीच अब सुलह का रास्ता निकल आया है। संतो के साथ हुई बातचीत के बाद कमिश्नर ने मेला अधिकारी को आचार्य बाड़ा को जमीन मुहैया कराने को कहा। आचार्य बाड़ा के संत सेक्टर पांच में जमीन की मांग बहुत दिनों से कर रहे थे। कमिश्नर के साथ बैठक के बाद आचार्य बाड़ा के अध्यक्ष रामेश्वराचार्य ने बताया कि पिछले कुंभ में आचार्य बाड़ा को ओल्ड जीटी रोड और नागवासुकी के बीच की जमीन मिली थी लेकिन अर्धकुंभ में वहां दलदल था लेकिन इस बार जतीन सूखी है इसलिए वहीं स्थान मिले। वार्ता के बाद कमिश्नर ने मेला अधिकारी से कहा कि संतों का कथन सही है और उन्हें पुराने स्थान पर ही जमीन मिलनी चाहिए।

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