Friday, November 17, 2017
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udaseen-jhanki
इलाहाबाद। सोमवार को पहला शाही स्नान है और इसके लिए अखाड़ों की पेशवाई भी अंतिम चरण में है। इसी क्रम में नया उदासीन अखाड़े के संत शाही अंदाज में पेशवाई निकालकर मेला क्षेत्र में पहुंचे। नारायण वाटिका मुटठीगंज से पेशवाई की शुरूआत हुई।


बैंड की धुन पर बज रहे रामधुन पर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। नया उदासीन की पेशवाई में शामिल राधाकृष्ण और शिवपार्वती की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। छतों पर खड़े होकर और सड़कों के किनारे खड़े होकर लोगों ने झांकियों को अपलक निहारा। पेशवाई से पहले नारायण वाटिका मुटठीगंज में भगवान गणेश की वंदना की गई। साधु संतों ने भगवान गणेश की आरती उतारी। इसके बाद महामंडलेश्वर और श्रीमहंत समेत अन्य संत चांदी के हौदे पर सवार हुए। सभी ने एक स्वर में सनातन धर्म के जयकारे लगाए।
पेशवाई में सबसं आगे भगवान श्रीचंद्र की पालकी रही। हर ओर उत्साह का माहौल था। रास्ते भर लोग फूलों की वर्षा कर और आरती उतार कर संतों को आशीर्वाद लेते रहे ।चौक पहुंचते ही पेशवाई का भव्य स्वागत हुआ। व्यापारियों ने यहां पेशवाई में शामिल लोगों के चाय नाश्ते का प्रबंध किया था। सजे-धजे हाथी घोड़े लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे। पेशवाई पुरानी जीटी रोड होते हुए परेड ग्राउंड पहुंची। पेशवाई में महंत सुरजीत पुरी, जखीरा प्रबंधक धर्मदास, भगतराम धुनी दास, जगतार मुनि आदि शामिल रहे।
अनि के संतों ने दिखाए करतब
अनि के संतों की पेशवाई भी धूमधाम से निकली। इसमें सबसे आगे संत हाथों में धर्मध्वजा लिए और उनके पीछे बैंड बाजे वाले गाते बजाते चल रहे थे। पेशावाई में शामिल खालसा के संतों ने ईष्ट देव वीर हनुमान की सलामी में जमकर करतब दिखाए। संतों ने चकरी घुमाकर तथा तलवारबाजी के करतब से सभी को हैरान कर दिया। पेशवाई रूपगौड़ीय मठ से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए चार संप्रदाय खालसा तक पहुंची।

 

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