Wednesday, November 22, 2017
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कुम्भ नगरी में तम्बुओं का बनेगा राम नाम बैंक

संगम की रेत पर करोड़ों राम नाम अंकित प्रपत्रों को इकटठा कर परिक्रमा पथ का निर्माण होगा जिसमें कल्पवासी राम भक्त कुम्भ के दौरान परिक्रमा कर विशेष पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।

कुम्भ नगरी, प्रयाग, सैक्टर 6 कैलाशपुरी मार्ग पशिचमी, प्लाट संख्या 1 पर चालीस गुणा अस्सी क्षेत्रफल पर राम नाम बैंक कल्पवासियों की सुविधा हेतु सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही बनना प्रारम्भ हो गया है। संगम की रेत और गंगाजल का विशेष महत्व शास्त्रों में वर्णित है, संगम के अक्षय क्षेत्र पर जिस प्रकार किया गया दान, पुण्य, कर्म जन्म-जन्मान्तर तक अक्षय रहता है, उसी प्रकार भगवान राम का नाम संगम के अक्षय क्षेत्र में कल्पवास के दौरान लिखने पर अनन्त फल प्राप्त होता है। संगम की रेत पर करोड़ों राम नाम अंकित प्रपत्रों को इकटठा कर परिक्रमा पथ का निर्माण होगा जिसमें राम भक्त परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे। कुम्भ 2013 में जहां हिन्दु, मुसलिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोग अपनी स्वेच्छा से मानव कल्याण के लिए एक साथ बैठकर राम नाम लिखेंगे, वहीं विदेशी खातेधारक राम भक्तों का जमावड़ा भी लगेगा जिसमें नीदरलैंड वासियों द्वारा अंग्रेजी भाषा में लिखे गए राम धन को राम भक्त हैंक कैलमेन संग्रह करके भारत लाऐंगे, साथ ही अन्य देशों के नागरिकों द्वारा लिखे गए अलग-अलग भाषा में अंकित पुस्तकें प्रयाग राम नाम बैंक को प्राप्त होगी। माघ मास प्रारम्भ होते ही राम नाम पासबुक कल्पवासियों को प्रदान की जाएगी तथा राम भक्तों द्वारा नवनिर्मित वेबसाइट 'डबल्यू डलब्यू डबल्यू डाट राम राम बैंक डाट काम का लोकार्पण भी होगा। किसी एक राम भक्त की भगवान राम को समर्पित रचना का विमोचन भी राम भक्तों के समक्ष किया जाएगा। संगम की रेत पर बैंक द्वारा नि:शुल्क राम नाम पुस्तकें वितरित होंगीं तथा नि:शुल्क खाता खोलकर राम नाम लिखे प्रपत्रों को जमा भी किया जाएगा। अन्य बैंक कुम्भ में जहां रूपए-पैसों के लेन-देन की सुविधा कल्पवासियों को प्रदान करेंगे, वहीं प्रयाग का अनोखा राम बैंक श्रद्धालुओं को अन्य बैंकों की पासबुक की भांति राम भक्तों को भी पासबुक जारी करेगा जिसमें राम धन अंकित संख्या कुम्भ कल्पवास के दौरान चढ़ाई जाएगी। आधुनिक समय में रूपए-पैसे के लेन-देन करने वाले बैंक रूपए-पैसे का विवरण ई-मेल पर खातेधारकों को भेजते हैं, विदेशी खाताधारकों को संस्थान ई-मेल के माध्यम से खाते में कितने राम नाम धन अंकित हैं की सूचना भेजेगी। संगम के अक्षय क्षेत्र में पूजा-पाठ, दान-पुण्य करने से कभी न समाप्त होने वाला अक्षय पुण्य प्राप्त होता है, राम सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष गुंजन वाष्र्णेय बताती हैं कि कुम्भ में संगम के अक्षय क्षेत्र में राम नाम लिखने का पुण्य फल कोटि गुना अधिक हो जाता है इसलिए कुम्भ के दौरान संगम की रेत पर सर्वाधिक राम नाम लिखने वाले को मेला समापित पर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर जिस तरह इन्कम टैक्स विभाग पैन नम्बर प्रदान करता है, उसी प्रकार राम नाम बैंक अपने सभी देश-विदेशी खाताधारकों को एकसूत्र में पिरोने के लिए राम नम्बर प्रदान करेगा जिससे किसी भी शहर में जमा किए गए राम नाम को एक साथ गिना जा सके। पूर्व जन्म में व्यकित ने जो अनुचित कर्म किए हैं उनका फल तो उसे वर्तमान जीवन में भोगना ही पड़ता है, जब तक हम उनकी शांति हेतु उचित उपाय न कर लें। कुम्भ के दौरान संगम के अक्षय क्षेत्र पर राम नाम लिखकर गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करने का सरल माध्यम और कोई नहीं है।

 

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