Sunday, February 25, 2018
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shankara charya
इलाहाबाद। द्वारिका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती कुंभ मेला में आने को तैयार हो गए हैं। हरहर महादेव कह कर जबलपुर गए हुए स्वरूपानंद सरस्वती की अब महाकुंभ में शामिल होने की उम्मीद बढ़ गई है। शासन की पहल पर सपा सांसद रेवती रमण सिंह की चिटठी पाने के बाद शंकराचार्य स्वरूपानंद ने सकारात्मक संकेत दिया है।


मेला क्षेत्र में चतुष्पथ के प्रस्ताव को शासन द्वारा खारिज कर दिए जाने पर बवाल हुआ था। इस मसले पर शंकराचार्य ने मनकामेश्वर मंदिर में जनता से सीधे संवाद में कहा था कि अगर चतुष्पथ नहीं बना तो वह कुंभ का बहिष्कार कर देंगे। उनकी इस मांग केा शासन ने भी बहिष्कार कर दिया था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद रेवती रमण सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर सोमवार को बारा के विधायक अजय भारती शंकराचार्य को मनाने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर पहुंचे और शंकराचार्य से कुंभ में लौटने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य से कहा कि सीएम की मंशा है कि आप मेले में आएं। शंकराचार्य के बिना कुंभ मेला अधूरा है। उन्होंने शंकराचार्य को सांसद रेवती रमण सिंह का पत्र भी सौंपा जिसमें लिखा था कि हम सब आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम सभी को आशीर्वाद देने आप जरूर आइए। शंकराचार्य ने निमंत्रण स्वीकार कर कुंभ में आने के लिए हामी भर दी।

शिष्य को किया शांत

जबलपुर में सपा विधायक अजय भारती के माध्यम से सांसद रेवती रमण सिंह का पत्र पाने के बाद शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने फोन पर अपने शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बात कर सारा हाल सुनाया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पर शंकराचार्य की कही पुरानी बात याद दिलाई। बोले, आपने ही कहा था कि चतुष्पथ नही तो हर हर महादेव। अब आप कुंभ में आने की बात कैसे मान गए। इस पर शिष्य का शांत करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि पहले प्रयागवाल ही मेला बसाते थे। समय और परिसिथति बदलने के साथ व्यवस्था का जिम्मा प्रशासन उठाने लगा।

 

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