Thursday, January 18, 2018
User Rating: / 0
PoorBest 

 

kumbh 1
इलाहाबाद। 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से पहले ही मेला क्षेत्र में कल्पवासियों का रेला उमड़ना शुरू हो गया। कुंभ मेला क्षेत्र की रौनक और भी बढ़ गई है। माघ के महीने से कल्पवास करने वाले कल्पवासियों ने अपने शिविरों में आना शुरू कर दिया। कल्पवासियों के लिए संगम क्षेंत्र में शिविरों की व्यवस्था करने वाले तीर्थ पुरोहितों और प्रशासन ने भी इस संदर्भ में अपनी व्यवस्था चौकस कर दी है। प्रशासन का अनुमान है कि इस स्नान पर्व पर कल्पवासियों समेत करीब आधा करोड़ से ज्यादा लोग पुण्य की डुबकी लगाएंगे।


कुंभ 2001 में पौष पूर्णिमा पर करीब 50 लाख लोगों ने स्नान किया था। अधिक लोगों के आने की उम्मीद को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बीस अस्थाई स्नान घाट तैयार कर लिए गए हैं। इसके अलावा चार पक्के स्नान घाटों पर भी स्नान के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भीड़ को एक स्नान घाट पर एकत्रित होने से रोकने के लिए प्रमुख स्नान पर्व वाले दिन अलग-अलग दिशाओं से आने वाली भीड़ को हर घाट की तरफ भेजने का पुख्ता बंदोबस्त किया गया हैं।
स्नान से दो दिन पूर्व शुक्रवार को ही पुलिस ने रूट डायवर्जन शुरू कर दिया ताकि पैदल यात्रियों को असुविधा न हो। दिन भर मेला प्रशासन के आला अधिकारी मेला क्षेत्र की तैयारियों का जायजा लेते रहे। मुख्य स्नान पर्व वाले दिन संगम की तरफ नाव ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है। कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने अखाड़ों के साथ बैठक कर अखाड़ों से व्यवस्था में सहयोग मांगा। इससे पूर्व तैयारियों को जायजा लेने मुख्य सचिव जावेद उस्मानी भी गुरूवार की शाम को संगम घाट पहुंचे थे। उन्होंने अस्थाई स्नान घाटों का निरीक्षण करके खामियों को दूर करने के लिए चौबीस घंटे का समय दिया था।

 

Add comment

We welcome comments. No Jokes Please !

Security code
Refresh

Magh Mela 2014

Who's Online

We have 2052 guests online
 

Visits Counter

770030 since 1st march 2012