Wednesday, November 22, 2017
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usmani
इलाहाबाद कुंभ मेले के आकर्षण से मुख्य सचिव की पत्नी भी नहीं बच पाई। पेशे से चिकित्सक डाक्टर फराह उस्मानी अपने पति जावेद उस्मानी के साथ जूना अखाड़े में धूनी रमाए बैठक नागाओं के पास जाकर भस्म का तिलक लगवाया और प्रसाद लिया। उन्होंने प्रवचन और भजन सुनकर आश्चर्य पूर्वक शाही स्नान की जानकारी ली। जाते-जाते उन्होंने मौनी अमावस्या के शाही स्नान में शामिल होने की अपनी प्रबल इच्छा जाहिर की तथा आने का वादा किया।

इसके पूर्व भी मुख्य सचिव जावेद उस्मानी कुंभ पर्व में कर्इ बार यहां आ चुके हैं। शुक्रवार को सुबह नौ बजे वह कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी तथा पुलिस महानिरीक्षक आलोक शर्मा के परिवार को लेकर जूना अखाड़े पहुंचे। यह लोग सर्वप्रथम अखाड़े के सचिव महंत विधानंद सरस्वतीकी कुटिया में पहुंचे और फिर धूनी रमाए बैठे नागाओं के पास पहुंच गए। डा. फराह उस्मानी कौतूहलवश नागा संन्यासी राजेन्द्रनंद सरस्वती और कन्हैयानंद सरस्वती से उनकी दिनचर्या जाननी चाही। इस पर नागा संन्यासियों ने कहा, 'अलख झोली, पलख खजाना। भूख लगे तो मांग कर खाना'। नागाओं को कहना था कि उन्हें किसी भी चीज की आवश्यकता नहीं है।

डा. उस्मानी ने पति संग नागा बाबाओं के साथ फोटो खिचवार्इ और काफी देर तक बात करती रहीं। नागाओं ने सभी अधिकारियों को भस्म का तिलक लगाया और प्रसाद के रूप में भस्म प्रदान किया। शाही स्नान के बारे में उन्होंने महंत विधानंद सरस्वती से पूछा कि यह कैसी परंपरा है। इस विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करके उन्होंने अपने पति से आग्रह किया कि वह 10 फरवरी के शाही स्नान में अवश्य आएं। मुख्य सचिव पत्नी सहित संन्यासिनी अखाड़े भी गए तथा वहां पर अखाड़े की महंत दिव्या गिरि से यहां के कार्यकलापों के विषय में बात की।

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