Wednesday, November 22, 2017
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kumbh-ki-jhalkiya
कुंभ के दो स्नान पर्व हो चुके हैं। मौनी अमावस्या का शाही स्नान आने वाला है। लेकिन गंगाजल के प्रदूषण स्तर में कोई अंतर नहीं आया है। साधू संत बहुत कोशिश कर रहे हैं लेकिन जब तक प्रशासन नहीं चाहेगा तब तक प्रदूषण रहित गंगा संभव नहीं है।

संतों की प्रशासन को चेतावनी -

saint's warning

शुक्रवार को साधू संतों ने गंगा दरबार लगाकर चेतावनी दी है। उन्होने कहा कि यदि चार दिनों में गंगा का रंग नहीं बदला तो वह आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।कुंभ मेले में जाने के सारे रास्ते जाम कर देंगे जिससे लोगों का आवागमन ठप हो जाएगा।साधू संत दुखी और चिंतित हैं और सरकारी इंतजामों से संतुष्ट नहीं हैं। साधू संतों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर गंदे नालों और टैनरियों के गंदे पानी में डुबकी लगाने को मजबूर किया क्योंकि गंगा का रंग गंदे नालों और टैनरियों की वजह से अभी भी निर्मल नहीं हो पाई है।

संतों ने कहा कि मौनी अमावस्या के लिए भी मेला प्रशासन ने कुछ तैयारियां नहीं की है। कुंभ में दो शाही स्नान ही अब बचे हैं इसलिए चार दिनों के अंदर प्रशासन को गंगा जल का रंग बदलना पड़ेगा।यह तो रही गंभीर समस्या की बात अब चलते हैं रंग बिरंगी दुनिया में ।

कुंभ में खरीदें रंग बिरंगी मालाएं -

black beauty

राजस्थान से एक बंजारों का दल कुंभ मेले में आया है। अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए यह दल दो महीनों से कुंभ में रह रहा है और कुंभ क्षेत्र में रंग बिरंगी मालाएं बेच रहा है।

मेला क्षेत्र में प्रवेश करते ही यह बंजारन महिलाएं आपको सड़क किनारे माला बेचती दिख जाएंगी। यह बंजारन शिविरों में घूम घूम कर भी मालाएं बेचती हैं। उनके पास हर तरह की हर रंग की मालाएं मिल जाएंगी। हर प्रकार के रूद्राक्ष की माला ,एक मुखी से पंच मुखी तक। हर रंग के स्फटिक की माला। मोती और तुलसी की माला इत्यादि। इसका भाव भी बाजार से काफी कम है। शिविरों के अलावा यह बंजारन अखाड़ों में माला बेचने जाती है। बाबाओं के अनुसार उन्हें माला खरीदने बाहर नहीं जाना पड़ता है। इनके पास एकदम शुद्ध माला मिलती है। श्रद्धालुओं के साथ साथ साधू संत भी इनकी मालाएं खरीदते हैं।

झटपट खबरें कुंभ की - 

1) होमगार्डस के जवान असहाय और विकलांग व्यकितयों को कुंभ मेले में स्नान के लिए घाट तक पहुंचाने का काम करेंगे।
2) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और राज्यसभा सदस्य परवेज हाश्मी ने शनिवार को शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात की।
3) श्री रामेश्वर आश्रम सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट की ओर से नशा मुकित के लिए अखंड यज्ञ हो रहा है।
4) अब अखाड़ा परिषद की तरह महामंडलेश्वर परिषद का भी गठन होगा।

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