Wednesday, November 22, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

 

naga sadhu
नागा साधू श्यामानंद सरस्वती ने घोषणा की थी कि वह विश्व शांति ,जन कल्याण की कामना और महिला उत्पीड़न तथा उन पर हो रहे बलात्कार के खिलाफ 1 फरवरी से 9 फरवरी तक भू-समाधि लेंगे। समाधि स्थल का भी चुनाव कर लिया गया था परंतु ऐन मौके पर प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उनके द्वारा खोदा गया गडढ़ा भी पाट दिया गया। बाबा के अनुसार वह ऐसा पहले भी कर चुके हैं और यह उनकी बारहवीं समाधि है। बाबा का दावा था कि वह सबसे अधिक सत्रह दिन तक भू-समाधि में रह चुके हैं। भू- समाधि लेने में नाकाम होने पर उन्होने प्रशासन को मोहलत दी और कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह आत्मदाह कर लेंगे।


नागा साधू श्यामानंद सरस्वती के भू -समाधि लेने के सिद्धांत की खबर और प्रशासन द्वारा इसे रोकने की खबर कई दिनों से सुर्खियों में छायी हुई है। यह साधू जूना अखाड़ा से ताल्लुक रखते हैं। जूना अखाड़ा के नियमों के अनुसार साधू श्यामानंद सरस्वती ने अखाड़े के नियमों का उल्लंघन किया है।भू-समाधि लेने से पहले श्यामानंद सरस्वती ने सबको बताया कि प्रशासन से भू-समाधि की अनुमति मिल गई है। उन्होने दावा किया कि अनुमति पत्र उनके पास है लेकिन जब भू-समाधि लेने गये तो असलियत सामने आई और अखाड़े के अन्य संत महंत श्यामानंद सरस्वती को वहां से लेकर चले आए।
जूना अखाड़ा गुरू परंपरा को मानता है और इसके अनुसार शिष्य गुरू के खिलाफ नहीं बोल सकता। लेकिन श्यामानंद सरस्वती को अखाड़े में लाने के पश्चात जब गुरूओं ने उन्हें शांत रहने को कहा तो वह गुरूओं के खिलाफ बोलने लगे। यहां तक कि उन्होने अपने गुरू पधानंद सरस्वती की बात भी नहीं मानी। जबकि गुरू का स्थान स्र्वोच्च होता है । तब उनसे इस्तीफा लिखवा लिया गया। गुरू पधानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें पूर्व में अपने शिष्य के भू-समाधि लेने की कोई घटना मालूम नहीं है। जूना अखाड़े के एक पदाधिकारी ने इस घटना की पुषिट की और कहा कि श्यामानंद सरस्वती का अब जूना अखाड़े से कोई लेना देना नहीं है। पूर्व में श्यामानंद सरस्वती के भू-समाधि के विषय में पूछने पर उन्होने कहा जूना अखाड़े में उनकी ऐसी गतिविधियों के बारे में न किसी ने कभी देखा है न सुना है और अब तो हमारे गुरूजी ने भी कह दिया कि उन्हें भी श्यामानंद सरस्वती के कभी भू - समाधि लेने की जानकारी नहीं मिली और न ही उन्होने उसे कभी भू-समाधि लेते देखा है।

 

Add comment

We welcome comments. No Jokes Please !

Security code
Refresh

Magh Mela 2014

Who's Online

We have 1558 guests online
 

Visits Counter

750264 since 1st march 2012