Friday, November 17, 2017
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Kriti samman
मेला क्षेत्र । पांच वर्ष की बालिका की प्रतिभा देखकर अन्तर्राष्ट्र्रीय ज्योतिष महाकुम्भ में आयोजनकर्ता वरिष्ठ ज्योतिर्विद डा रामनरोश त्रिपाठी सहित मंच पर उपसिथत विद्वानों द्वारा अंग वस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। मंच पर उपसिथत प्रसिद्ध भविष्यवक्ता शंकर चरण त्रिपाठी ने बालिका को शुभाशीष प्रदान किया।

 

Kriti international Astrolo

कुम्भ नगरी प्रयाग में अन्र्तराष्ट्र्रीय ज्योतिष महाकुम्भ में जहां देश-विदेश के असंख्य ज्योतिर्विद आए हुए हैं, वहीं पांच वर्षीय बालिका कृति सबसे कम उम्र की ज्योतिर्विद ने अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। के जी में पढ़ने वाली कान्वैन्ट स्कूल की छात्रा कृति ने जब मंच से बारह राशियों और नौ ग्रहों को ज्योतिष का आधार बताया तो पूरा ज्योतिष नगर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भगवान राम की स्तुति से कृति ने ज्योतिष मंच पर बोलना प्रारम्भ किया और रावण द्वारा रचित शुद्ध संस्कृत में शिव तांडव स्तोत्र से शिव स्तुति कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। ज्योतिष जगत की प्रसिद्ध प्राचीन लाल किताब के उर्दू के फरमान कृति को कण्ठस्थ हैं, नन्ही ज्योतिर्विद कृति ने बताया कि बीमारी का बगैर दवा इलाज सम्भव है, लेकिन मौत का कोई इलाज नहीं, ज्योतिष दुनियावी हिसाब-खिताब है, कोई दावे खुदाई नहीं। इसके बाद प्रसिद्ध ज्योतिष ग्रंथ खेटकौतुकम जिसकी रचना सदियों पूर्व की गई थी, से अरबी फारसी के ज्योतिष फरमान सुनाए, यही नहीं ब्रहमाण्ड की संरचना और पिण्ड के बारे में यत पिण्डे तत ब्रहमाण्डे, तत ब्रहमाण्डे यत पिण्डे सुनाकर लोगों को अवगत कराया। ज्योतिष शास्त्र का सारांश बताते हुए कृति ने कहा कि जन्मकुण्डली के अनुसार, कब क्या करना है, जैसे अच्छे समय में कड़ी मेहनत और अशुभ समय में सावधानी, वास्तुशास्त्र के अनुसार पंचतत्वों का बखान किया और अंत में लोगों से पूछा क्या आप सुखी हैं। कृति को रत्न एवं रूद्राक्ष की भी जानकारी है, वह बताती है सूर्य के लिए माणिक्य, चन्द्रमा के लिए मोती, मंगल के लिए मूंगा, बुध के लिए पन्ना, गुरू के लिए पुखराज, शुक्र के लिए हीरा, शनि के लिए नीलम, राहु के लिए गोमेद और केतु के लिए लहसुनिया पहनाया जाता है। कृति की जुबान में तुतलाहट है, लेकिन वास्तुशास्त्र एवं ज्योतिषशास्त्र के प्रश्नों का ऐसे जवाब देती है जैसे ज्योतिष का कोई बहुत बड़ा विद्वान जिज्ञासा शांत कर रहा हो। पांच वर्ष की बालिका की यह प्रतिभा देखकर अन्तर्राष्ट्र्रीय ज्योतिष महाकुम्भ में अंग वस्त्रम पहनाकर आयोजनकर्ता वरिष्ठ ज्योतिर्विद डा रामनरोश त्रिपाठी सहित मंच पर उपसिथत विद्वानों द्वारा सम्मानित किया गया। मंच पर उपसिथत प्रसिद्ध भविष्यवक्ता शंकर चरण त्रिपाठी ने बालिका को शुभाशीष प्रदान किया। इससे पूर्व कृति ने कई ज्योतिष सम्मेलनों में अनेक लोगों की कुण्डली देखकर उनका भविष्य बतलाया है। कृति ने यह भी बताया कि जब माघ मास में मकर राशि में सूर्य का संचरण होता है, तब देश-विदेश से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में दर्शन, पूजन, स्नान, दान करने आते हैं। कृति के मां गुंजन बताती हैं कि उसे बचपन से ही ज्योतिष, वास्तु, अध्यात्म की शिक्षा स्कूली शिक्षा के साथ प्रदान की जाती है, अपने पिता ज्योतिषाचार्य आशुतोष वाष्र्णेय की देख-रेख में कृति की तरह अन्य बच्चे इसी प्रकार ज्योतिष, वास्तु, अध्यात्म को पुन: जागृत करने के लिए प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन कर रहे हैं।

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