Friday, November 17, 2017
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pilot baba
कुछ दिन पहले अखाड़ा परिषद की तर्ज पर महामंडलेश्वर परिषद बनाने की चर्चा हो रही थी। उसके बाद महामंडलेश्वर परिषद का गठन भी हो गया। लेकिन जूना अखाड़े ने आपतित दर्ज कराया था। महामंडलेश्वर परिषद में जूना अखाड़े के जो महामंडलेश्वर शामिल थे उनको चेतावनी देने के लिए जूना अखाड़े ने एक एजेंडा तैयार किया था परंतु उन पर कोई असर नहीं हुआ। महामंडलेश्वर परिषद का गठन हुआ। शुक्रवार को देर रात तक एक बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता जूना अखाड़े के सभापति महंत उमाशंकर भारती ने की। इसमें जूना अखाड़े ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। परिषद में शामिल सभी महामंडलेश्वरों को बरखास्त किया गया।

महामंडलेश्वर परिषद के गठन की पहल पायलट बाबा के शिविर में ही हुई थी और वह परिषद के उपाध्यक्ष बनाए गए थे। महामंडलेश्वर परिषद के अध्यक्ष स्वामी अजर्नपुरी ,महामंत्री संगठन स्वामी यतींन्द्रानंद , उपाध्यक्ष स्वामी आत्म प्रकाश यति ,मंत्री विवेकानंद गिरी और प्रवक्ता उमाकांत सरस्वती बनाए गए थे। इन सभी को जूना अखाड़े ने बर्खास्त कर दिया है। शाही स्नान में भी यह लोग शामिल नहीं हो सकते। कल के शाही स्नान में जूना अखाड़े के मुख्य संतो के साथ पायलट बाबा हौदे पर बैठे नजर नहीं आएंगे।

जूना अखाड़े के सचिव महंत हरी गिरी के अनुसार महामंडलेश्वर परिषद बनाकर इन्होने अखाड़े की शपथ भंग की है। महामंडलेश्वर पद की एक गरिमा होती है। कल के शाही स्नान में यदि इन में से कोई हौदे पर बैठा दिखा तो उसे वापस जाना पड़ेगा।

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