Sunday, November 19, 2017
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kumbh accident

अमावस्या तिथि को प्राय: हादसे एवं दुर्घटनाएं घटित होती देखी गई हैं, अमावस्या के दिन सूर्य द्वारा चन्द्रमा पूर्ण रूप से अस्त हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जहां पूर्णिमा को चन्द्रमा पूर्ण बली होता है, वहीं अमावस्या को चन्द्रमा अतिनिर्बल रहता है। चन्द्रमा मन का कारक है, चन्द्रमा से प्रभावित मन अगर जन्मकुण्डली की अशुभ ग्रहदशा के प्रभाव में होता है, तो व्यकित के साथ घटनाएं घटित होती हैं। तीर्थराज प्रयाग में मौनी अमावस्या के दिन सूर्य चन्द्रमा और शुक्र की युति मकर राशि में, बृहस्पति वृष राशि में, शनि और राहु तुला राशि में, मंगल एवं बुध कुम्भ राशि में, मेष राशि में केतु विराजमान थे। राहु और शनि का षडाष्टक योग देवगुरु बृहस्पति के साथ बना हुआ है। अमावस्या को आसुरी शकितयां और अशुभ पाप ग्रह विशेष प्रभावी रहते हैं। शनि संग राहु का योग और अमावस्या का संयोग महाकुम्भ में मौनी अमावस्या पर हुए हादसे का प्रमुख कारण है।

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