Sunday, November 19, 2017
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kumbh snanमौनी अमावस्या के हादसे और बसंत पंचमी पर हुए बारिश के बाद इस महत्वपूर्ण और पांचवे स्नान पर्व को सकुशल निपटाना मेला प्रशासन के लिए एक चुनौती है। इसके लिए काफी तैयारियां करने की आवश्यकता है। जहां लगभग एक-डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान हो वहां भीड़ को संचालित करना ही कठिन काम है। क्राउड मैनेंजनेंट की बहुत जरूरत पड़ती है। 22 फरवरी को ही मंडलायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दे दिये थे।

हैदराबाद में हुए बम धमाकों के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है। माघी पूर्णिमा के अवसर पर मेले के चप्पे -चप्पे पर फोर्स तैनात है। मेले के साथ ही शहर में भी चेकिंग अभियान जोरों पर है। पुलिस के साथ सेना , आईटीबीपी , सीआरपीएफ ,पीएसी की टीमें मेला क्षेत्र में फलैग मार्च करके सुरक्षा का जायजा ले रही हैं। आईजी अलोक शर्मा के अनुसार बीस हजार से अधिक जवान मेला और शहर में लगे हैं। एसएसपी मोहित अग्रवाल के अनुसार सभी सर्किलों के सीओ के नेतृत्व में बम डिस्पोजल स्क्वायड , डाग स्क्वायड की टीमें रेलवे स्टेशन , बस अडडे , रैन बसेरों ,मेला क्षेत्र जाने वाले रास्तों में जांच कर रही है।

रेलवे माघी पूर्णिमा के अवसर पर इलाहाबाद और नैनी जंक्शन से 60 से अधिक ट्रेनें चलाएगी। प्रयागघाट और प्रयाग स्टेशन से 5 स्पेशल ट्रेनें चलेगी। रामबाग से 3 स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।एनसीआर के सीपीआरओ संदीप माथुर के अनुसार भीड़ को देखते हुए टे्रनों की संख्या घटाई बढ़ाई जा सकती है।

स्नान के बाद कानपुर ,दिल्ली ,मुगलसराय ,झांसी ,सतना ,जबलपुर ,मुंबई की ओर जाने के लिए इलाहाबाद जंक्शन जाएं। झांसी ,सतना और कानपुर की ओर जाने के लिए नैनी जंक्शन से भी गाड़ी पकड़ सकते हैं। लखनउ ,बरेली ,फैजाबाद और अयोध्या की ओर जाने के लिए प्रयागघाट और प्रयाग स्टेशन जाएं। गोरखपुर ,वाराणसी ,छपरा और मउ जाने के लिए रामबाग से ट्रेन पकड़ें।

रेलवे ने जंक्शन पर व्यवस्था काफी टाईट की है। सिविल लाइंस सरकुलेटिंग एरिया में प्रवेश पूरी तरह बंद होगा। जंक्शन से बाहर निकलने वाले याति्रयों को 7 और 10 नंबर सड़क से रास्ता दिया जाएगा। सिटी साइड में 5 नंबर रास्ता दैनिक याति्रयों के लिए होगा। बाकी प्रवेशद्वार मेला से लौटने वालों और जनरल टिकट धारकों के लिए होगा।

वाराणसी , गोरखपुर ,जौनपुर ,आजमगढ़ ,गाजीपुर रूट के लिए झूंसी से बस पकड़ें। लखनउ ,फैजाबाद ,गोंडा ,बस्ती ,कानपुर रूट की बस के लिए सिविल लाइंस जाएं। र्मिजापुर और विंध्याचल के लिए बस नैनी जेल के सामने से मिलेगी। झांसी ,बांदा ,चित्रकूट , सतना के लिए नैनी लेप्रसी मिशन से।

पहले ,शाही स्नान के लिए जो घाट आरक्षित होता था माघी पूर्णिमा पर वह घाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। कोई भी वीआईपी अपने वाहन के साथ मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकते। केवल पुलिस की गाड़ी और एम्बुलेंस ही मेला क्षेत्र में चल सकते हैं।

सारी तैयारियां तो हो रही हैं। यदि स्नान पर्व पर बारिश नहीं हुई और आज दिन भर की तरह मौसम खुला रहा तो कल्पवासियों की साधना सकुशल संपन्न होगी। हैदराबाद धमाकों के बाद मेला की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। कोबरा ,ब्लैक कैट और ब्लू हाक कमांडो को भी तैनात किया गया है। देवरिया भेजी गई 7 पैरामिलिट्री फोर्स को बुला लिया गया है। इसके अलावा पीएसी की 30 कंपनियां ,आरएएफ की 2 ,बीएसएफ की 3 ,सीआरपीएफ की 8 ,आईटीबीपी की 10 और एसएसबी की 6 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखेंगी। एनडीआरएफ की एक कंपनी लोगों को सुरक्षित स्नान करवाने के लिए रहेगी।

मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद जंक्शन पर मची भगदड़ और बसंत पंचमी पर बारिश के दौरान हुई परेशानियों के बाद भी माघी पूर्णिमा पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई है। इससे यह प्रमाणित होता है कि सच्ची आस्था की डोर कभी नहीं टूटती। बसंत पंचमी के दिन बारिश हुई थी इसलिए इस बार लोग दो दिन पहले से ही आने लगे हैं। उनका कहना है कि कहीं स्नान के दिन पानी बरसे तो आने में परेशानी होगी। वह यह नहीं सोच रहे हैं कि यहां आने के बाद बारिश हुई तो क्या होगा ? कहां जाएंगे ?

मेला क्षेत्र में इतनी भीड़ है कि पांव रखने की जगह नहीं बची। मेले में काली सड़क, लाल सड़क और ति्रवेणी मार्ग श्रद्धालुओं से भर गया है। शनिवार की बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम न रोक सकी । ऐसी होती है आस्था।

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