Sunday, November 19, 2017
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poornima snan
संगम तट पर आज महाशिवरात्रि पर्व पर कुंभ मेला-2013 का अनितम स्नान रहा। संगम तट पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना की। आयुक्त इलाहाबाद मण्डल इलाहाबाद श्री देवेश चतुर्वेदी ने मीडिया सेंटर में आयोजित अपनी पे्रस वार्ता में बताया कि अपरान्ह 3 बजे तक 52 लाख से अधिक स्नानार्थियों ने स्नान कर लिया था। स्नान करने का सिलसिला लगातार बढ़ता रहा है। शाम तक लगभग 70 लाख लोगों द्वारा स्नान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि शिव मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर जलाभिषेक कर रहें हैं।

मण्डलायुक्त श्री चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे कुंभ मेले में 8 से 9 करोड़ के बीच में श्रद्धालु आये हैं किन्तु यह संख्या बढ़ भी सकती है। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति पर 85 लाख, पौष पूर्णिमा पर 55 लाख, मौनी अमावस्या पर 3 करोड़ से अधिक, बसंत पंचमी पर लगभग 70 लाख, माघी पूर्णिमा पर 1 करोड़ और महाशिवरात्रि पर 70 लाख श्रद्धालुओं ने गंगासंगम में स्नान किया। इस प्रकार प्रमुख स्नान पर्वों पर लगभग 6 करोड़ 70 लाख स्नानार्थियों द्वारा स्नान किया गया। इन 55 दिनों के कुंभ में 6 स्नान पर्वों को छोड़कर 49 दिनों में यदि 5 लाख स्नानार्थियों का प्रतिदिन का औसत लिया जाय तो लगभग 2.50 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। इस तरह पूरे कुंभ में 8 से 10 करोड़ के बीच में स्नानार्थियोंश्रद्धालुओं आदि ने पवित्र संगम तट पर स्नान किया।

आयुक्त श्री चतुर्वेदी ने सभी समाचार पत्रों , इलेक्ट्रानिक मीडिया तथा प्रेस से जुडे़ सभी प्र्रतिनिधियों को इस बात का धन्यवाद दिया कि उनके द्वारा अपने-अपने समाचार पत्रों, चैनलों के द्वारा कुंभ मेले का खूब प्रचार-प्रसार किया गया और पूरे कुंभ मेले में सहयोग एवं सूझाव दिये गये। उन्होंने कहा कि मीडिया के प्रचार-प्रसार और कुंभ में दी गयी स्नानार्थियों को सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का देश ही नहीं पूरे विश्व में अच्छा प्रचार-प्रसार हुआ इसके लिए मैं सभी को पुन: धन्यवाद देता हूँ।

आयुक्त ने कहा कि इस पूरे कुंभ मेले में इलाहाबाद वासियों ने महिलाओं का बड़ा ही सम्मान किया, कहीं पर भी किसी महिला के साथ असम्मान जनक व्यवहार नहीं हुआ। सभी इलाहाबाद के वासी इसके लिए प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले में पालिथीन का प्रयोग पूर्णत: बन्द रहा यह भी एक बड़ी उपलबिध रही। इस पवित्र धाम की ऐसी महिमा रही कि लोगों ने आकर्षित होकर देश और विदेश के कोने-कोने से आ कर पवित्र संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में बढ़ती जनसंख्या और बढ़ते आस्था को देखते हुए कुभ मेले की आधार संरचना को बढ़ाना होगा।

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