Friday, November 24, 2017
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oprah

हाल में फोर्ब्स पत्रिका ने बिनफ्रे को सबसे प्रभावशाली सेलीब्रिटी के रूप में चिन्हित किया है। फोर्ब्स की सूची में लगातार छार्इ रहने वाली ओपरा की पूरी जिंदगी ही एक रिकार्ड है। एक अमूल्य दस्तावेज। जिन्दगी का सबसे बड़ा जोखिम क्या है? वह है, उसे अपने सपनों के मुताबिक जीना। इस बात में एक और बात जोड़ी जा सकती है और वह यह कि जब आप सचमुच सपनों के मुताबिक जिंदगी को जीना चाहते हैं तो हर जोखिम बेहद आसान हो जाती है।

• 1991 में बाल यौन शोषण के खिलाफ मुहिम शुरू कीं। 1993 में इसी मुददे पर पूर्व राष्ट्रपति बिल किलंटन ने ‘ओपरा बिल’ पास किया।

• ओपरा का शो 132 देशों में प्रसारित किया जाता है। पिछले 25 साल में उन्होंने 35000 से ज्यादा इंटरव्यू दिए।

• 1998 में टाइम मैगजीन और एंटरअेनमेंट वीकली ने उन्हें 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया।

• 2000 में ओपरा एंजिल नेटवर्क यूज योर लाइफ अवार्ड की शुरूआत की।

• 1993 में विनफ्रे ने माइकल जैक्सन का एक प्राइम टाइम इंटरव्यू लिया था, जो अमेरिकी टीवी इतिहास में चौथा सबसे ज्यादा देखा गया इंटरव्यू था।

• 2000 में वह 50 उदार अमेरिकियों में शामिल होने वाली अश्वेत थीं।

• गरीबी और बेबसी के बीच जन्मी ओपरा 35 वर्ष की उम्र में मिलिनेयर बनीं।

उनका कहना है कि एक गहरी सांस भरो और खुद से कहा, जो भी है बस यही है और वह सिर्फ कहती ही नहीं, जिंदगी के हर पल को इस धुन पर खुलकर जीती भी हैं। यूं देखा जाए तो कुछ भी असाधारण ही नहीं है उसमें। गहरी सांवली रंगत, रूखे बाल, चौड़े जबड़े, छोटी आंखें और खूब बढ़ा हुआ वजन, लेकिन वह अपने इसी साधारणपन के साथ दुनियाभर में आसाधारण कहलाती हैं। कहती हैं, मैंने सुना है कि लगातार ऊंचा उठते हुए एक रोज आपको नीचे आना ही पड़ता है, लेकिन मैं इसे असफलता नहीं कहती। मैं असफलता जैसी किसी चीज को मानती ही नहीं। मेरा मानना है कि असफलता भी एक अनुभव है और अगर हम इसकी कड़वाहट से आहत होते हैं, तो यह होना भी चाहिए। मैं तो यह भी कहूंगी कि सारी सफलताओं की कुंजी हमारी इन्हीं असफलताओं में छिपी है। गलतियां हमें केवल बुद्धिमान ही नहीं बनाती बलिक हमें उस दिशा में आगे जाने के लिए बाध्य भी करती है, जहां हम होना चाहते हैं।

यह हैं ओपरा बिनफ्रे। जिंदगी को एक धुन की तरह जीने वाली, कड़वाहटों के अंधेरों को चीरते हुए सफलता के अनंज उजालों तक पहुंचने वाली ओपरा बिनफ्रे। आत्महीनताओं और कुंठाओं में जीती अश्वेत समाज में आत्मविश्वास के किसी मंत्र की तरह गूंजती हुर्इ ओपरा विनफ्रे। वह कहती हैं जीवन में हर एक पल भय और आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप किसे चुनते हैं, किसे नहीं।

ओपरा कुछ भी दबाने की पक्षधर नहीं है। उसका मानना है कि जब आप अपने भीतर कुछ दबाते हैं या दूसरों को ऐसा करने देते हैं, तब आप प्रकृति की व्यवस्था को बिगाड़ रहे होते हैं। शायद इसीलिए वह कुछ भी नहीं दबातीं, न अपना काला रंग न और न काली भयावह स्मृतियां। कुछ भी नहीं। वह बेझिझक बताती हैं कि उसका बचपन ममता के लिए तड़पते हुए बीता। छह साल की उम्र में उसकी मां वनिता उसे अपने साथ मिल्वाकी ले गर्इ। यहां उसकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय लिखा गया। ओपरा अपनों के बुरेपन का शिकार हुर्इ। यह बस इतना भयावह था कि उसे टूटना ही था। आपरा टूटी, बिखरी, भटकी लेकिन फिर खुद को समेटते समेटते जिंदगी की सुनहरी इबारत लिखना सीख गईं।

17 साल की उम्र में ब्राडकासिटंग करिअर की शुरूआत हुर्इ। गोरे लोगों के प्रभुत्व में अपने लिए जगह बनाना इतना आसान नहीं था। उसे बदसूरत कहकर नकारा गया, लेकिन उसने बिना हताश या निराश हुए बढ़ना जारी रखा। ओपरा का कहना है कि अगर जिंदगी के इस पल को बेहतर और खूबसूरत बना लिया जाए तो आने वाला हर पल अपने आप सुंदर हो जाएगा।

ओपरा का यह जीवन दर्शन उनकी जिंदगी में सच बनकर झलका। तमाम आलोचनाओं और विरोधों का सामना करते हुए वह सबसे कम उम्र की पहली अश्वेत न्यूज एंकर बनीं। ओपरा का जादू सिर चढ़कर बोलने लगा। लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि 1986 में ओपरा टाक शो को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया जाने लगा। 1985 में ओपरा ने कलर पर्पल के साथ रूपहले पर्दे पर कदम रखा। 1986 में उन्होंने अपनी खुदकी प्रोडक्शन कम्पनी हार्पो प्रोडक्शन की शुरूआत की। 

1988 में उनहें ओपरा विनफ्रे टाक शो का स्वामित्व और निर्माण का अधिकार मिल गया। वह कहती है मेरा शो 21 साल से लगातार नंबर वन रहा। मैं इस सफलता से संतुष्ट थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से मुझे लगने लगा कि मुझे कुछ नया करना चाहिए तो मैंने ओपरा बिनफ्रे नेटवर्क लांच किया। ओपरा की जिंदगी प्रेरक प्रसंगों की किताब है जिससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

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