Tuesday, November 21, 2017
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डालर के मुकाबले रुपए में जारी गिरावट से रोजमर्रा की कई वस्तुएं महंगी हो गई हैं। अनिश्चितता की स्थिति में शेयर व डेट बाजार में रिटर्न काफी नीचे आ गया है। इस हालात से निपटने के लिए अपने निवेश का विश्लेषण करें। कर्ज के बोझ से बचने के लिए खर्चो में कटौती करें

        रुपए में लगातार कमजोरी और शेयर बाजार में जारी उठापटक से आम आदमी पर दोतरफा मार पड़ रही है। डालर के मुकाबले रुपए में गिरावट से घर का खर्च बढ़ गया है जबकि बाजार में मंदी से निवेश का स्तर काफी नीचे आ गया है। ज्यादातर निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि निवेश को चालू रखें या इसको निकलने या बदलने का निर्णय लें। दुविधा की स्थिति में कई बार इंसान गलती कर बैठता है। ऐसे में बाजार के हालात का आकलन करने के बाद ही निवेश की रणनीति बनाएं। संकट से बचने के लि गैर जरूरी खर्चो में कटौती के विकल्प तलाशें।

प्रभाव को समझें

        मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए आप इस बात पर गौर करें कि मौजूदा संकट का सबसे ज्यादा प्रभाव कहां पर पड़ रहा है। रुपए में गिरावट से आयात होने वाली सभी वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। हमारे जीवन में रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली बहुत सी चीजों में कहीं न कहीं आयात के सामान का उपयोग किया जाता है। इसमें साबुन व शैम्पू जैसी वस्तुएं भी शामिल हैं। इसके अलावा बहुत से इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों में भी आयातित वस्तुओं का इस्तेमाल होता है जिससे ये भी महंगे हो गए हैं। अगर इन सबको ध्यान में रखते हुए आप अपने बजट का आकलन करेंगे तो पाएंगे कि कुल राशि में इनका काफी बड़ा योगदान है। बहरहाल, इनके महंगे होने से आपके खर्चो पर खासा असर पड़ रहा है।

ईएमआई का बोझ

        रुपए को थामने के लिए आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं उससे अब कर्ज भी महंगा होना शुरू हो गया है। ऐसे में आप पर दोहरी मार पड़ सकती है। अगर आप किसी लोन की किस्त अदा कर रहे हैं तो आने वाले दिनों में आपकी ईएमआई का बोझ और बढ़ सकता है। दूसरी ओर शेयर और डेट बाजार में गिरावट से आपके निवेश पर भी अच्छा रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोग जो आयात से जुड़ी कंपनियों में काम करते हैं उनके लिए मौजूदा हालात संकट बढ़ाने वाले हैं। यदि आपकी कंपनी का मुनाफा कम होता है तो उसका असर आपकी सैलरी पर भी पड़ सकता है। यह हालात ज्यादा दिन तक चलते हैं तो वेतनभोगी व्यक्तियों की परेशानी बढ़ सकती है। इसके लिए जरूरी है कि कुछ खास कदम उठाए जाएं जिससे आप इन विषम हालातों का सामना कर सकें।

क्या कदम उठाएं

        मौजूदा हालात में सोच-समझ कर निर्णय लेने की जरूरत है। अपने खर्चो का अच्छे से आकलन करें। यदि आप मनोरंजन पर ज्यादा खर्च करते हैं तो उसमें कटौती की जा सकती है। इसकी शुरुआत घूमना-फिरना, मूवी देखना, बाहर खाना-पीना जैसे खर्चो में कटौती से की जा सकती है। यदि आप कार या घर खरीदने के लिए कोई बड़ा कर्ज लेने की योजना बना रहे हैं तो एक बार यह अवश्य देख लें कि आपको किसकी ज्यादा जरूरत है। इसके बाद ही इसको अपने खर्चो में शामिल करें। गाड़ी वहन करने का खर्च कुछ दिनों के लिए टाला भी जा सकता है। यदि आपका पहला घर है जिसकी आपको जरूरत है तो इसका अच्छे से विश्लेषण कर लें। किसी भी सूरत में सिर्फ जीवन स्तर में सुधार के लिए कर्ज को अपने खर्च में शामिल न करें।

निवेश का विश्लेषण करें

        किसी भी संकट से बचने के लिए अपने निवेश का विस्तार से विश्लेषण करें। क्योंकि यह आपके और आपके परिवार के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किया गया है। ऐसी स्थिति में जब शेयर व डेट बाजार नीचे की ओर जा रहे हों तो आपके मन में दुविधा हो सकती है। बेहतर है की लंबी अवधि के निवेश को न छेड़ें। यदि आप छोटी अवधि के लिए निवेश तलाश रहे हैं तो सलाहकार की मदद लें क्योंकि यहां जोखिम ज्यादा हो सकता है। कोई भी नया निवेश रेगुलर सेविंग्स के जरएि ही करें और अपने एसेट अलोकेशन को बरकरार रखें क्योंकि ये आपके लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही किया गया है। किसी भी दुविधा की स्थिति में अपने निवेश सलाहकार से विचार-विमर्श जरूर करें।

(लेखक जेएस फाइनेंशियल एडवाइजर्स के फाउंडर हैं)

साभार: राष्ट्रीय सहारा

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