Friday, November 24, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

dr. nilanjan singh 2

 इलाहाबाद  ,८ अक्तूबर। चीन की भारत विरोधी आर्थिक और सामरिक नीतियों के खिलाफ  खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच का अभियान दूसरे  दिन डायमंड जुबली छात्रावास में चला। मुख्य  अतिथि  सेवानिवृत आई ए  एस  अधिकारी श्रीराम यादव ने कहा कि चीन के साथ भारत का सीमा विवाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की देन है। उन्होंने कहा कि नेहरू की नोबेल पुरस्कार पाने की महत्वाकांक्षा ने देश को बर्बाद कर दिया। उन्होंने हिंदी चीनी भाई-भाई का नारा  दिया और पाकिस्तान से दोस्ती की ,किन्तु शांति का नोबेल उन्हें तो नहीं मिला पर भारत को हमेशा के लिए अशांति का पुरस्कार जरुर मिल गया। 


श्री यादव ने कहा कि चीन का नेतृत्व हमसे मजबूत है जबकि वहां की सेना हमारी सेना से कमजोर। हमें अपनी सेना की वजह से नहीं बल्कि नेतृत्व की कमजोरी के चलते सीमा पर पीछे हटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा को नेहरू ने १९५९ में शरण नहीं दिया होता तो १९६२ में चीन भारत पर आक्रमण नहीं करता। उन्होंने कहा कि अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल प्रधानमंत्री होते तो न हीं चीन और पाकिस्तान का सीमा विवाद होता और न हीं कशी,अयोध्या और मथुरा की समस्या होती। देश आज कमजोर नेतृत्व  के चलते तमाम चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि  स्वदेशी जागरण मंच देश मे परिवर्तन का बहुत बड़ा माध्यम बनेगा। जिसमें युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका होगी। 
मंच के  कशी प्रान्त संयोजक डॉ निरंजन सिंह ने कहा कि चीन सहित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने से पिछले दो दशक में भारत की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। आर्थिक विकास दर घटा है और रुपये का निरंत्तर अवमूल्यन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चीन के साथ व्यापर घटे को नहीं रोक गया तो फिर से भारत को सोना गिरवी रखना पड़  सकता है। उन्होंने कहा कि चीन के आर्थिक हमले की वजह से देश के लघु और कुटीर उद्योग दम तोड़ चुके हैं और सरकार अब खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर आबादी को निकम्मा बनाना चाहती है। 

dr. nilanjan singh 1

मंच के जिला संयोजक सुरेश बहादुर सिंह ने कहा कि चीन के खिलाफ मंच के इस अभियान में छात्रों और युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। 
अभियान और मंच के विचारमंडल प्रमुख डॉ विजय कुमार सिंह ने अतिथियों और छात्रों का इस अभियान में सहयोग के लिए आभार प्रकट किए। इस अवसर पर छात्रवास के पूरा छात्र संजय सिंह,कीर्ति आजाद सिंह ,अजित कुमार श्रीवास्तव,उदय प्रताप सिंह,जगदम्बा सिंह ,चन्दन उपाध्याय ,शशिकांत सिंह ,राणा  बलवंत सिंह ,अनुराग सिंह ,मुकेश कुमार गौर ,विपुल सिंह एवं अवनीश सिंह सहित सैकड़ों अन्तःवासी उपस्थित थे।

Add comment

We welcome comments. No Jokes Please !

Security code
Refresh

Miscellaneous

Who's Online

We have 2831 guests online
 

Visits Counter

750933 since 1st march 2012