Wednesday, November 22, 2017
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मुरादाबाद : क्या एक साल के बच्चे से शांति भंग होने का खतरा हो सकता है? भले ही यह सवाल अजीब सा लगेगा, लेकिन यूपी पुलिस की बात मानें तो यह संभव है। मुरादाबाद में एक 28 साल के शख्स और उसके 1 साल के बेटे को शांति भंग होने की आशंका के चलते नोटिस जारी किया गया है।

 

ठाकुरद्वारा में होने जा रहे उपचुनाव के दौरान शांति भंग होने की आशंका के चलते उस्मानपुर गांव में रहने वाले यासीन और उनके 1 साल के बेटे के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस पुलिस द्वारा दाखिल उस रिपोर्ट के आधार पर जारी हुआ है, जिसमें आशंका जताई गई है कि ये पिता-पुत्र बूथ कैप्चर कर सकते हैं और वोटर्स को धमका सकते हैं।

 

पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने सीआरपीसी की धारा 107/16 के तहत समन जारी किया है। इस धारा के तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ शांति व्यवस्था को खतरा पैदा होने के शक में पुलिस कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में पिता-पुत्र को सिक्यॉरिटी बॉन्ड भरना होगा और ऐसा नहीं करने पर उन्हें अरेस्ट किया जा सकता है।

 

ठाकुरद्वारा में 13 सितंबर को उपचुनाव होने जा रहा है। ऐसे में एसएचओ ठाकुरद्वारा और उस्मानपुर गांव के प्रभारी एसआई को एसडीएम के पास एक रिपोर्ट दाखिल करनी थी। इस रिपोर्ट में क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उन लोगों के नाम बताने थे, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसी क्रम में पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल की कि नाजिम और उसके पिता चुनाव के दौरान बूथ कैप्चर करने या किसी और अपराध को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।

 

स्थानीय पुलिस ने नाजिम का नाम जिले के ‘गुंडा तत्वों’ की लिस्ट में भी डाल दिया है। शनिवार को जब पुलिस नोटिस देने के लिए नाजिम के घर पहुंची तो परिजनों को झटका लगा। गिरफ्तारी के डर से यासीन 50,000 रुपए का सिक्यॉरिटी बॉन्ड लेने के लिए अपने बेटे को एसडीएम के पास ले गया। यासीन ने कहा, ‘एसडीएम ने मुझे तो सिक्यॉरिटी बॉन्ड दे दिया, लेकिन मेरे बेटे नाजिम को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला हास्यपद है।‘ यासीन ने बताया कि एसडीएम ने रिपोर्ट दाखिल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

 

 

यासीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, ‘सिपाही भगवान सिंह और उसके साथी ने मुझ से पैसा मांगा था। जब मैंने मना कर दिया तो उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।‘ मुरादाबाद के डीआईजी गुलाब सिंह ने कहा, ‘केस मेरी जानकारी में आ गया है। यह बात सही है कि पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर दुधमुंहे बच्चे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।‘

 

डीआईजी का कहना है कि ठाकुरद्वारा के एसएचओ, क्षेत्रीय प्रभारी एसआई और थाने के सिपाही के खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू कर दी गई है। फिलहाल तो उपचुनाव के कारण आचार संहिता के लागू होने से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

 

 

साभार: नवभारत टाइम्स

 


 

 

 

 

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