Friday, November 24, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

  


दिनेश चंद्र मिश्र, इलाहाबाद : संगम नगरी इलाहाबाद अब ई-अपराध का गढ़ बन गया है। साइबर लुटेरे फोन कर लोगों को ठग रहे हैं। इलाहाबाद जिले के गांव-देहात से लेकर शहर के थानों में ऐसी शिकायतों की भरमार है। साइबर अपराधों की बाढ़ को देखते हुए पुलिस ने पहली बार ऐसे 60 फोन नंबरों की सूची जारी की है, जिनसे लोगों के ठगी के फोन आ रहे हैं।

साइबर अपराधियों के जो फोन नंबर जारी किए गए हैं, वे पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उड़ीसा, महाराष्ट्र के साथ दिल्ली में सक्रिय है। इन फोन नंबरों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस ने संबंधित राज्यों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखा है।
इलाहाबाद के एएसपी (क्राइम) अरुण कुमार पाण्डेय की मानें तो प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाद साइबर क्राइम की सबसे ज्यादा घटनाएं यहीं पर दर्ज हो रही हैं। पुलिस आम लोगों को साइबर अपराधियों के ठगी के तरीकों से रूबरू करवा रही है। साथ ही बैंक कर्मियों के साथ मीटिंग करके लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। जिन फोन नंबरों से साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं, उसकी सूची बैंकों की सभी शाखाओं में भेजा जा रहा है।
ये हैं साइबर शातिरों के मोबाइल नंबर- 8084436393,8969035486,7631216973,9631804080,7759044299,9546201056,8002553061,9955703053,9955703053,8809235385,7761811244,8527872303,7763083880,7762594286,8809235385,7759033586,9572873432,7759021897,8521590509,9839320483,09860573900,8294563022,8960573900,8084894823,9718832561,8145170712,7759045259,9837693586,8457906225,8877636970,7250805549,8583983969,8295096251,7547808354,07033073607,7759010660,8521961108,8059839707,9230466716,7033073607,8757493107,7070918327,7250344697,8969172164,911204912600,911204974500,8447428697,911204956400,8651695104,9939250672,9668611067,9162309967,7761811996,7783821429,8745956587,7762806958,9631804080,8683078358,8684876656,9708007385,9570159660,8969172164.

साइबर क्राइम से ऐसे बचें ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग साइट, एसएमएस या फोन कॉल के जरिये खुद को आरबीआई या बैंक कर्मचारी बताने वालों को बैंक खाता, बीमा पॉलिसी, एटीएम कार्ड नम्बर, पिन, पासवर्ड आदि के बारे में कोई भी जानकारी न दें।
एटीएम बूथ में हमेशा अकेले ट्रांजक्शन करें और ट्रांजक्शन के पूरे होने के बाद ही एटीएम बूथ छोड़ें। ट्रांजक्शन के दौरान एटीएम पर किसी को हाथ न रखने दें। साथ ही अपना एटीएम किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में न दें।
विज्ञापन, ई-मेल, फोनकॉल के जरिये नौकरी, मोबाइल टावर, लॉटरी के नाम पर किसी अपरिचित व्यक्ति के खाते में रुपया बिल्कुल जमा न करें। अपने बैंक खाते में अपना एक्टिव मोबाइल नम्बर पर एसएमएस अलर्ट जरूर रखें।
नया एटीएम कार्ड बनवाना पड़ा महंगा साइबर शातिरों के जो नंबर पुलिस ने जारी की है, इनमें एक से सोरांव के रहने वाले राजेश पटेल के पास फोन आया। नया एटीएम कार्ड बनवाने के लिए अप्लाई किए राजेश से फोन करने वाले युवक ने खुद को मुंबई एसबीआई ऑफिस के टेक्निकल स्टाफ विवेक के रूप में परिचय दिया।

उसने राजेश से उनके पुराने एटीएम कार्ड को बंद करने के लिए पासवर्ड सहित कई जानकारी पूछी। इस फोन के कुछ घंटों बाद राजेश के मोबाइल पर पचास हजार रुपये की कोलकाता में शॉपिंग किए जाने का मैसेज मिला, तो वो हक्का बक्का रह गए। उन्होंने पुलिस के साइबर सेल में मुकदमा दर्ज करवाया। जांच में पता चला कि फोन मुंबई से नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल से आया था।
इलाहाबाद में सबसे ज्यादा मामले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार यूपी में साइबर क्राइम में वर्ष 2012 की तुलना में पिछले साल 81 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। साल 2013 में यूपी में आईटी एक्ट के तहत 372 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत 310 मामले दर्ज हुए थे।

इनमें साइबर क्राइम के 102 मामले राजधानी लखनऊ में दर्ज हुए थे। लखनऊ के बाद साइबर क्राइम की सबसे ज्यादा 43 घटनाएं इलाहाबाद में दर्ज हुई थीं। वर्ष 2014 में आठ महीनों के दौरान ही इलाहाबाद में चालीस मामले दर्ज हो चुके हैं।

 

साभार: नवभारत टाइम्स 

 

 

 

 

Miscellaneous

Who's Online

We have 2698 guests online
 

Visits Counter

750933 since 1st march 2012