Wednesday, February 21, 2018
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दिल्ली/जिनीवा : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि इबोला आने वाले दिनों में तबाही मचाने का संकेत दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो महीने में हर हफ्ते औसतन 10,000 नए केस दर्ज हो रहे हैं। इनमें कुछ कन्फर्म्ड केस भी हैं।

डब्ल्यूएचओ के असिस्टेंट डायरेक्टर-जनरल डॉ. ब्रूस एलवर्ड ने चेतावनी दी है कि 60 दिनों के अंदर इबोला पर काबू नहीं पाया गया तो मरने वालों की संख्या और भी तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि तीन देशों की कैपिटल सिटीज फ्रीटाऊन, कोनैक्री और मोनरोविया में लगातार इबोला का वायरस तेजी से फैल रहा है।

अफ्रीका में इबोला से अब तक 4,447 जानें जा चुकी हैं, जिनमें से 8,914 संभावित केस थे। पश्चिम अफ्रीका में सीरिया लियोनी, गिनी और लाइबेरिया में इबोला का सबसे अधिक कहर है।

इबोला पीड़ित की जर्मनी में मौत
इबोला से बीमार एक अमेरिकी कर्मचारी की जर्मनी में मौत हो गई है। लिपजिंग स्थित सेंट जॉर्ज क्लिनिक में उसे भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल के मुताबिक, पश्चिम अफ्रीका में उसे इन्फेक्शन हुआ था। उसके बाद से उसे आईसीयू में रखा गया था। बताया गया है कि पीड़ित एक डॉक्टर था, जिसे मंगलवार को लाइबेरिया से जर्मनी लाया गया।

अमेरिका और युनाइटेड नैशन के नेताओं ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इबोला से निपटने के लिए और अधिक जोर लगाने की जरूरत है।

भारत सरकार ने भी कसी कमर
हालात को देखते हुए इबोला से निपटने के इंतजामों को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय में एक बैठक हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाहर के देशों से आने वाले यात्रियों की जांच में और तेजी लाने का फैसला किया है। इसके तहत हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर और चुस्ती बढ़ाई जाएगी।

भारत आने वाले यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगाने के साथ ही उनकी स्क्रीनिंग भी की जा रही है। एयरलाइंस स्टाफ, इमिग्रेशन अधिकारियों और जनता के लिए गाइडलाइन जारी की जा चुकी है।

 

साभार: नव भारत टाइम्स 

 

 

 

 

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