Wednesday, November 22, 2017
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मुंबई : क्या आप सिंगल, भारतीय मुस्लिम पुरुष हैं और 30 साल से कम उम्र के हैं? अगर हैं तो आपको युद्ध प्रभावित इराक के लिए तीर्थयात्री वीजा के लिए अप्लाई नहीं करना चाहिए। वीजा प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करने वाली इराकी गवर्नमेंट ऑर्गेनाइज्ड दो एजेंसियों में से एक अलशाया नसीर (दूसरी फैज-ए-हुसैनी है) ने टूर ऑपरेटर्स से ऐसे आवेदक के पासपोर्ट को न स्वीकार करने के लिए कहा है जो सिंगल हैं, जिनकी उम्र 30 साल से कम हैं और जो अपने परिवार वालो के बिना ही इराक जाना चाहते हैं। यह अडवायजरी इस साल मई में कल्याण के रहने वाले चार युवकों के तीर्थयात्रा के नाम पर इराक जाने और फिर वहां आईएस से जुड़ जाने के बाद आया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने टूर ऑपरेटर्स को ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है। गौरतलब है कि 23 मई को आरिफ मजीद, फहाद शेख, अमन टंडेल और शाहिम टांकी नाम के कल्याण के 4 युवा बगदाद में पवित्र तीर्थस्थान के दर्शन के लिए 26 तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ बगदाद गए थे। लेकिन कुछ ही दिन बाद वे लापता हो गए और उन्होंने आईएस जॉइन कर ली। इनमें से एक आरिफ मजीद हाल ही में स्वदेश लौट आया और फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उससे पूछताछ कर रही है।

अलशाया नसीर ट्रैवल्स के एक ऐक्जिक्युटिव ने कहा, 'अगर हमने पहले ही यह नियम लागू कर दिया होता तो कल्याण के जो चार लड़के तीर्थयात्रा के नाम पर इराक गए उन्हें रोका जा सकता था। यह टूर ऑपरेटर्स के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यात्रा के दौरान तीर्थयात्री के के गायब होने से उनके लिए भी परेशानी खड़ी हो जाती है। इस नियम से उन लड़कों को हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी जो जिहादी सिद्धांत से प्रभावित हैं और शायद भविष्य में इस तथाकथित पवित्र युद्ध से जुड़ने की योजना बना रहे हैं।'




कल्याण के चार युवकों ने डोंगरी स्थित अजमेरी टूर्स ऐंड ट्रैवल्स की सेवाएं ली थी और 26 के समूहों में 23 मई को यात्रा पर निकले थे। अजमेरी टूर्स के मालिक ने यह कहते हुए कुछ भी बताने से इंकार कर दिया कि इस मामले में अथॉरिटीज ने उन्हें मीडिया में कुछ भी न बोलने की सलाह दी है। लेकिन अन्य टूर ऑपरेटर्स ने नई अडवायजरी को आवश्यक करार दिया।

ए क्यू टूर्स ऐंड ट्रैवल्स के मोहम्मद उमर ने कहा, 'इससे हो सकता है कि हमारे बिजनस पर थोड़ा प्रभाव पड़े क्योंकि कई तीर्थयात्री सिंगल और 30 साल से कम उम्र के होते थे। लेकिन बदली परिस्थितियों में यह आवश्यक है। हालांकि टूर आपरेटर्स तीर्थयात्रा का इंतजाम सिर्फ उनके लिए करते हैं जिनके पास यात्रा के लिए कानूनी डॉक्यूमेंट्स हो लेकिन यात्रा के दौरान किसी भी अवांछित घटना होने की स्थिति में उनको प्रताड़ित किया जाता है।'

उमर ने कहा कि युवकों के गायब होने के बाद टूर आपरेटर्स ने तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा के दौरान सावधानी बरतने के लिए उनकी थोड़ी काउंसलिंग शुरू की। 'हमने उनसे कहा कि हमेशा ग्रुप में रहें और खुद से किसी जगह जाने की योजना न बनाएं।' कल्याण के युवकों ने कथित तौर पर अपने टूर आपरेटर्स से कहा था कि वे शॉपिंग करना चाहते हैं लेकिन शॉपिंग से वे वापस नहीं लौटे।

हर साल करीब 25 से 30 हजार भारतीय तीर्थयात्री इराक जाते हैं। इनमें से ज्यादातर कर्बला और नजफ जाते हैं, कुछ लोग बगदाद और अन्य स्थानों पर भी जाते हैं। एक और टूर ऑपरेटर अल-खलीद टूर्स के यूसुफ अहमद ने कहा, 'यह अच्छा है कि सिंगल और 30 साल से कम के युवाओं को उनके परिवारवालों के बिना यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी। इससे आतंकी संगठनों के तीर्थयात्रा के रूट को हिंसक आंदोलनों के लिए प्रयोग करने पर रोक लगेगी।'

बोहरा के लिए वीजा सुविधा प्रदान करने वाले फैज-ए-हुसैनी के एक अधिकारी ने कहा कि वे भी इस बात पर विचार करेंगे कि क्या वे भी इसी तरह की अडवायजरी जारी करें या नहीं।

 

साभार: नव भारत टाइम्स

 

 

 

 

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