Tuesday, November 21, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

 


नई दिल्ली। दागी उम्‍मीदवारों के नाम पर मतदान से एेन पहले आम आदमी पार्टी (आप) को घेरने के लिए भाजपा ने बड़ा प्‍लान तैयार किया है। इसके तहत पार्टी आप के संस्‍थापक सदस्‍य शांति भूषण को अपने पाले में करना चाह रही है। उनसे संपर्क साधने के लिए किसी गैरराजनीतिक सूत्र की तलाश की जा रही है। राजनीतिक व्‍यक्ति के जरिए शांति भूषण से संपर्क इसलिए नहीं साधा जा रहा है ताकि उनके इनकार या बात सार्वजनिक हो जाने की सूरत में भाजपा को किरकिरी का सामना नहीं करना पड़े।
 
संपर्क सूत्र की तलाश
भाजपा के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पार्टी के एक सांसद, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, को शांति भूषण से संपर्क स्थापित करने को कहा गया था। लेकिन सांसद ने पार्टी नेतृत्व को राय दी कि सीधे तौर पर भाजपा की ओर से संपर्क साधे जाने की बात भूषण ने सार्वजनिक कर दी तो बहुत नुकसान होगा। तब पार्टी नेतृत्व ने भूषण के छोटे बेटे जयंत भूषण से संपर्क साधा। जयंत राजनीति से अलग रहते हुए सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। उन्‍हें गैर राजनीतिक माध्यम के रूप में भाजपा ने चुना था, लेकिन उन्‍होंने इस बारे में भाजपा की कोई मदद करने से इनकार कर दिया।
 
ये है प्‍लान
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय मंत्रियों के बीच बैठक हुई है। प्रदेश भाजपा नेताओं को इस मामले से दूर रखा गया है। प्रदेश भाजपा नेताओं को बताया गया है कि केजरीवाल पर पहला हमला शीर्ष नेतृत्व की ओर से ही किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश भाजपा के नेताओं को आगे किया जाएगा। मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को इस विवाद से दूर रखने के लिए कहा गया है।
 
भाजपा क्‍यों बना रही ऐसा प्‍लान
 
हाल ही में आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रशांत भूषण ने केजरीवाल के समक्ष 12 उम्मीदवारों के दागी होने का आरोप लगाया था। आप नेता संजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से भूषण के इस कदम की बात मानी थी। इसके बाद आप सूत्रों के हवाले से यह भी साफ हुआ था कि भूषण के पक्ष को सही करार देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केजरीवाल के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से कुछ उम्मीदवारों के अप्रत्याशित व्यवहार की शिकायत की गई है। लेकिन दोनों ही मामलों में आप नेतृत्व से मिला जवाब संतोषजनक नहीं बताया जा रहा है। भाजपा नेताओं को लगता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली पार्टी का अपनी ही नीतियों पर कायम न रहने का मुद्दा उठाए जाने से सीधे तौर पर उसे बड़ा फायदा होगा।
 
 
भूषण पर नजर क्‍यों
प्रशांत भूषण की ओर से दागियों को टिकट देने पर सवाल उठाए जाने के पहले उनके पिता शांति भूषण ने भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी की तारीफ की थी और केजरीवाल को निशाना बनाया था। इसके अगले दिन ही प्रशांत भूषण ने दागी उम्‍मीदवारों का मसला उठाया था। इन दो घटनाक्रम को भाजपा शांति भूषण की अपनी पार्टी के प्रति करीबी और प्रशांत भूषण की पार्टी की नीतियों के प्रति असंतोष के रूप में देख रही है।

साभार: दैनिक भास्कर 

 

 

 

Miscellaneous

Who's Online

We have 2356 guests online
 

Visits Counter

749686 since 1st march 2012