Tuesday, November 21, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

 


नई दिल्ली : 16 दिसंबर के भयावह गैंग रेप कांड पर बनी बीबीसी की डॉक्युमेंट्री फिल्म 'इंडियाज डॉटर' के जवाब में भारतीय शख्स हरविंदर सिंह ने एक फिल्म बनाई है, जिसका नाम है- 'युनाइटेड किंग्डम्स डॉटर'। हरविंदर सिंह की इस फिल्म में दिखाया गया है कि पश्चिमी मुल्कों में हालत भारत से कहीं ज्यादा खराब है और इंग्लैंड में तो रोजाना 250 लड़कियां रेप की शिकार होती हैं।


'इंडियाज डॉटर' की ब्रॉडकास्टिंग की वजह से दुनियाभर में भारत की छवि धूमिल हुई है और दुनिया भारत को रेपिस्टों के देश के तौर पर देख रही है। फिल्म में दिखाया गया है कि दोषी साबित हुए बलात्कारी और हत्यारे उल्टे पीड़िता निर्भया को ही इस जुर्म के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लेस्ली उडविन की इस डॉक्युमेंट्री के जवाब में हरविंदर सिंह ने अपनी डॉक्युमेंट्री को 9 मार्च को यू-ट्यूब पर अपलोड किया।

करीब 28 मिनट की इस डॉक्युमेंट्री फिल्म में दावा किया गया है कि 10 फीसदी ब्रिटिश महिलाओं ने माना है कि वे यौन शोषण की शिकार हुई हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि इंग्लैंड में रेप की शिकार होने वाली महिलाओं की हत्या का रेट कम इसलिए है क्योंकि वहां की महिलाएं अपने साथ होने वाले इस जुर्म का विरोध नहीं करतीं। इसके अलावा तथ्य यह भी है कि यूके में भी ज्यादातर रेप पीड़िताओं को इंसाफ नहीं मिल पाता और केवल 10 पर्सेंट मामलों में ही रेप के आरोपी दोषी साबित हो पाते हैं।

इस डॉक्युमेंट्री की सारी क्लिपिंग्स बीबीसी की ही अलग-अलग फिल्मों से ली गई हैं। इसमें बीबीसी की एक डॉक्युमेंट्री के हवाले से यूके की एक रेप विक्टिम सायरा की कहानी भी दिखाई गई है। हरविंदर ने इस डॉक्युमेंट्री में वहां की सोसाइटी के कुछ और स्याह पहलुओं की तरफ भी इशारा किया है, जैसे- यूके में 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के 31 प्रतिशत लोग ओल्ड एज होम्स में रह रहे हैं।

हरविंदर सिंह का कहना है कि बेटी, बेटी होती है, न कि भारतीय या ब्रिटिश। अगर उन बेटियों के साथ कुछ गलत होता है, तो हमें वही दर्द महसूस होता है, जो यहां की किसी बेटी के लिए होता है। यह डॉक्युमेंट्री बनाने के पीछे मकसद केवल बीबीसी को आइना दिखाना था, क्योंकि इस डॉक्युमेंट्री में सभी क्लिपिंग्स बीबीसी की ही डॉक्युमेंट्रीज से ली गई हैं। जब वे यूके में रेप पर कोई फिल्म बनाते हैं तो उसे नाम देते हैं- आई नेवर सेड यस, और जब भारत में फिल्म बनाते हैं तो नाम देते हैं- इंडियाज डॉटर, जैसे यहां हर कोई रेपिस्ट ही है। उन्होंने साफ तौर पर भारत की छवि बिगाड़ने की कोशिश की है।

दिल्ली गैंग रेप के एकमात्र गवाह और निर्भया के पुरुष दोस्त ने भी बीबीसी की डॉक्युमेंट्री इंडियाज डॉटर की निंदा करते हुए कहा है कि इसमें तथ्यों को छुपाया गया है और इसका कंटेंट जाली है। केवल मेरी दोस्त निर्भया और मैं जानते हैं कि उस रात (16 दिसंबर) क्या हुआ और यह डॉक्युमेंट्री सच्चाई से काफी दूर है। फिल्ममेकर ने इस फिल्म को बनाने से पहले सही तरीके से जांच नहीं की। निर्भया के दोस्त ने कहा कि इस मामले में अनावश्यक रूप से कंट्रोवर्सी पैदा की गई और चीजों को संवेदनशील बनाया गया। यह डॉक्युमेंट्री भावनाओं की मजाक उड़ाती है और हमारे देश में कानून-व्यवस्था की हालत पर सवाल खड़े करती है।

साभार: नव भारत टाइम्स 

 

 

 

Miscellaneous

Who's Online

We have 1767 guests online
 

Visits Counter

749686 since 1st march 2012