Sunday, February 25, 2018
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नई दिल्ली : AAP से बाहर किए जाने के एक दिन बाद, वरिष्ठ ऐडवोकेट प्रशांत भूषण ने अपनी पूर्व पार्टी को 'खाप' और केजरीवाल को 'तानाशाह' करार दिया है। प्रशांत भूषण के पिता और पार्टी के संस्थापक सदस्य शांति भूषण ने भी केजरीवाल पर 'हिटलर' की तरह काम करने का आरोप लगाया। शांति भूषण ने खुद को पार्टी से नहीं निकालने पर भी केजरीवाल की खिंचाई की।

बागी नेताओं प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आनंद कुमार और अजीत झा की आम आदमी पार्टी से सोमवार रात छुट्टी कर दी गई। 'पार्टी विरोधी' गतिविधियों के आरोप में बाहर किए गए नेताओं ने 'AAP' के फैसले पर दुख जताते हुए इस फैसले को खुद के आगे बढ़ने में मददगार साबित होने की बात कही। इन नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे अब स्वराज अभियान के जरिए आगे बढ़ेंगे।

प्रशांत भूषण ने अपने बयान में कहा है कि खाप बन चुकी AAP में एक तानाशाह है बाकी सब उसकी जी हजूरी करते हैं। दो महीने लगे नौटंकी खत्म हुई। दूसरी पार्टी अभी नहीं बनाएंगे।

 


'घोर अनुशासनहीनता' के आरोप में नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने के कदम के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की भी जमकर आलोचना हो रही है। सवाल किया जा रहा है कि बागी तो पार्टी के संस्थापक सदस्य शांति भूषण भी थे, लेकिन उन्हें पार्टी से क्यों नहीं निकाला गया? शांति भूषण ने इस मुद्दे को लेकर केजरीवाल और पार्टी पर निशाना साधा है।

शांति भूषण ने कहा, 'स्वराज संवाद में तो मैं भी गया था, मैंने भी वहां जोशीला भाषण दिया था। पार्टी को बनाने के लिए मैंने भी काम किया था। मुझे क्यों नहीं निकाला गया। ये सवाल मैंने केजरीवाल से पूछा है, आज वे हिटलर की तरह काम कर रहे हैं। हमने एक साफ सुथरी पार्टी बनाने का सपना देखा था, लेकिन केजरीवाल ने उसे चूर-चूर कर दिया।'

योगेंद्र यादव ने अपने फेसबुक पेज पर लंबी चौड़ी प्रतिक्रिया के जरिए कहा कि ये किसी कहानी का दुखांत नहीं है, एक नई, सुन्दर और लंबी यात्रा की शुरुआत है। यादव ने कहा कि खबर अप्रत्याशित नहीं थी। पिछले कई दिनों से इशारे साफ थे। जब से 28 तारीख की मीटिंग का वाकया हुआ तबसे किसी भी बात से धक्का नहीं लगता। 'अनुशासन समिति' के रंग-ढंग से जाहिर था कि वे किस फैसले की तैयारी हो चुके थे।

स्वराज अभियान के संयोजक प्रो. आनंद कुमार ने कहा है कि 'AAP' का फैसला लोगों के सपनों पर कुठाराघात है। पार्टी का यह फरमान हमें भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ स्वराज संवाद व लोक-राजनीति की दिशा में काम करने और जिम्मेदार तथा सक्रिय बनाएगा। प्रो आनंद ने कहा है कि वे 24 अप्रैल को स्वराज अभियान की पूरी योजना के साथ मिलेंगे।

 

साभार: नव भारत टाइम्स

 

 

 

 

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