Saturday, November 25, 2017
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आज उत्तर प्रदेश की हर लड़की चीख चीखकर भगवान से कह रही है उत्तर प्रदेश में लड़की को जनम न दीजो। इसकी जिम्मेदार है यूपी की वर्तमान सरकार जो दुष्टों का पालन और शिष्टों का दमन कर रही है। आजकल रेप आम घटना बन गई है। देश भर में ऐसी घटनाएं घट रही हैं। ऐसी ही एक घटना घटी है मुंबई के भयंदर रेलवे स्टेशन के पास। चलती कार में लड़की के साथ रेप हुआ। परंतु उत्तर प्रदेश में आजकल ऐसी घटनाएं एक के बाद एक इस तरह घट रही हैं जिससे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि बलात्कारियों और गुंडों को यूपी सरकार का समर्थन प्राप्त है।


बलात्कारियों को यूपी सरकार का समर्थन प्राप्त है यह तो चुनाव प्रचार के दौरान मुलायम सिंह के बयान से ही पता चल गया था। मुंबई के शक्ति मिल रेप कांड पर बलात्कारियों को फांसी की सजा होने के बाद जनसभा में बलात्कारियों का पक्ष लेते हुए मुलायम सिंह ने कहा था कि बेचारे लड़के हैं, गलती हो जाती है इस पर फांसी की सजा क्यों? जब प्रदेश के मुख्यमंत्री के पिता इस तरह का बयान दें तो बलात्कारियों को सरकार से कोई डर या खौफ क्यों होगा? मुलायम सिंह जी यदि आपके घर के बहू बेटियों के साथ यही घटना घटे तो भी आप उन लड़कों को बेचारा कहेंगे? लेकिन ऐसा कभी होगा नहीं क्योंकि वे तो सुरक्षा घेरे में चलती हैं। आज यूपी की तमाम आम महिलाएं यही कह रही हैं कि एक बार मुलायम सिंह के घर के बहू बेटियों के साथ ऐसी घटना घटनी चाहिए तभी उन्हें समझ में आएगा कि बलात्कारी लड़कों को फांसी होना चाहिए या नहीं।

यूपी के बदायूं में दो चचेरी बहनें शौच के लिए निकली थीं और घर नहीं लौटी। उनके साथ क्या हुआ - दोनों गैंग रेप की शिकार हुई और उन्हें मारकर पेड़ की डाल से लटका दिया गया जो अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाता है। हां उस वक्त अंग्रेज पुलिस अफसर देश भक्तों को फांसी पर लटकाते थे आज निर्दोष मासूम लड़कियों को लटकाया जा रहा है। इस बात का पता लगने पर जब घरवाले और गांव वाले पुलिस स्टेशन पर घटना की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो देखा कि घटना के आरोपी थानेदार के साथ कुर्सी पर बैटकर बात चीत कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस से क्या उम्मीद की जा सकती है। इस घटना के बाद भी यूपी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। बस्ती में एक नाबालिग  लड़की से रेप में नाकाम होने पर उसे जिंदा जला दिया गया। वह अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। आजमगढ़ में नाबालिक से गैंग रेप हुआ। मुलायम सिंह का गढ़ मैनपुरी में तीन सगी बहनें अचानक गायब हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि वह अपना काम कर रही है। वह शायद तब तक अपना काम करती रहेगी जब तक इन लड़कियों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। इस तरह की घटना रोज की बात है। इलाहाबाद में एक रेप के आरोपी के घर एसपी के पहुंचने पर आरोपी एसपी पर पिस्तौल तान देता है। हो भी क्यों न जब स्वयं डीआईजी ऐसी घटना में लिप्त हों। मेरठ के डीआईजी के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगा है।

इन सभी घटनाओं में बदायूं की घटना पर सबसे ज्यादा सियासी हलचल हो रही है। अखिलेश सरकार ने मुआवजा देने की पेशकश की थी जिसे पीडि़त घरवालों ने ठुकरा दिया। 1 जून 2014 को बसपा सुप्रीमो मायावती वहां पहुंचीं और पांच-पांच लाख रूपए मुआवजे की घोषणा की जिसे पीडि़त घरवालों ने स्वीकार कर लिया। अखिलेश सरकार से उन्होने मुआवजा लेने से मना कर दिया था, उन्होने सीबीआई जांच की मांग की थी। मायावती ने बदायूं में कहा कि यूपी में गुंडाराज है और अखिलेश यादव को इस्तीफा दे देना चाहिए। 31 मई को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बदायूं पहुंचे और उन्होने कहा कि महिला की इज्जत की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती है। मुआवजा हल नहीं है, सीबीआई जांच होनी चाहिए। सियासी दबाव में आकर अखिलेश सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। कई और नेता आए पर सभी इस घटना के जरिये अपने अपने पार्टी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।

मीडिया जब अखिलेश यादव से महिला सुरक्षा पर सवाल करती है तो जवाब देने के स्थान पर वह उलटे मीडिया से पूछते हैं कि क्या उन्हें भी कोई असुरक्षा है। मुलायम सिंह का बलात्कारियों को समर्थन देने वाला बयान आने के बाद अखिलेश यादव का कहना था कि यूपी में समाजवादी पार्टी महिलाओं को सबसे ज्यादा इज्जत देती है और सुरक्षा भी। क्या इसी तरह महिलाओं की आबरू लूटकर, उनकी जान लेकर महिलाओं को इज्जत दिया जा रहा है। सरकार का महिलाओं को इज्जत देने का यह कैसा तरीका है? आज यूपी में एक भी महिला सुरक्षित नहीं है तो महिला सुरक्षा का खोखला दावा क्यों करती है सरकार? किसी परिवार की बहू बेटी की आबरू उस पूरे परिवार की इज्जत होती है जिसे मुआवजा देकर खरीदा नहीं जा सकता। वह तो अनमोल है। यह कब समझेंगे हमारे देश के कर्णधार।

 

 

 

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