Sunday, February 25, 2018
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women in call center

प्राय: ऐसी परिसिथतियां बन जाती हैं कि गृहणियों को कमाने के लिए मजबूरी में घर से बाहर कदम रखना पड़ता है। इस परिसिथति को मजबूरी न समझकर खुशी से स्वीकार करें। कुछ लड़कियां पढ़ाई समाप्त करने के बाद ही नौकरी प्रारंभ कर देती हैं। इन्हें हम वर्किंग वूमन कहते हैं। इनके मन में आफिस को लेकर कोई डर पैदा नहीं होता। कुछ लड़कियों की पढ़ाई समाप्त होते ही शादी हो जाती है। उन्हें अपना करियर बनाने का मौका नहीं मिलता। शादी के बाद से ही वह घर गृहस्थी संभालने में लग जाती हैं।इन्हें हम गृहिणी कहते हैं।

घर को ही अपनी दुनिया समझने वाली इन गृहिणीयों के मन में आफिस के प्रति एक डर बना रहता है क्योंकि उनकी बाहर निकलने की आदत ही नहीं बनती। जब इन महिलाओं को प्रतिकूल परिसिथति के चलते नौकरी करनी पड़ती है तो डरना स्वाभाविक है। यह आफिस को हौव्वा समझती हैंै। परंतु उन्हें अपने व्यवहार से आफिस और सहकर्मी को अपना बनाना है तभी तो वह खुशी खुशी काम कर सकेंगी।

आफिस का पहला दिन हो या एक साल बाद सबसे जरूरी है आत्मविश्वास से भरा नम्र व्यवहार। किसी भी परिसिथति में आत्म सम्मान से समझौता न करें। आफिस में आपकी भाषा हमेशा मर्यादित होनी चाहिए। सहकर्मियों से बात करें पर ध्यान रहे आपके किसी बात से उनको ठेस न पहुंचे। आपके बात करने के स्टाईल से आपका इम्प्रेशन बनेगा। पोशाक ऐसी पहनें जो बहुत फैशनेबल न हो और न ही आप बहन जी लगें। इन दोनों के बीच में सामंजस्य रखकर आप पोशाक का चुनाव करें। आफिस ले जाने के लिए कम से कम दो बैग रखें। अगर रोज एक ही बैग ले जाएंगी तो इम्प्रेशन खराब पड़ेगा। पोशाक भी बदल बदल कर पहनें पर सभ्य होना चाहिए। ज्यादा भड़कीला रंग न पहनें। जिस पोशाक में आप कमफर्टेबल हों वही पहनें। दूसरों की कापी न करें। इन सबको मिलाकर ही आपका इम्प्रेशन बनता है। याद रखें फस्र्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन।

सबसे जरूरी है समय से आफिस पहुंचना। आप गृहिणी घर पर हैं लेकिन आफिस के रूल्स सबके लिए एक ही होते हैं। बास उन्हीं कर्मचारियों को पसंद करते हैं जो समय से आफिस पहुंचे। काम के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाएं। मन लगाकर काम करें। घर की उलझन आफिस में न लाएं।बास जो भी काम दें , झट से इंकार न करें। अगर न आता हो तो सीखकर उस काम को पूरा करें।

पुरूष सहकर्मियों से मेल जोल एक हद तक बढ़ाएं और किसी न किसी बहाने अपने पति या घर के किसी पुरूष से उनका परिचय अवश्य करा दें। घर की बातें आफिस में न करें। इससे सहकर्मी बोर हो जाते हैं। आखिर आपके घर में उन्हें क्या दिलचस्पी है। कुछ सहकर्मी ऐसे भी मिलेंगे जो आपसे कुरेद कुरेद कर आपके घर की बातें पूछेंगे, इनसे सावधान रहें।यह समझने की भूल न करें कि उन्हें आपसे किसी प्रकार की हमदर्दी है। आपके पीठ पीछे आपके घर की बातों को उछालकर वह मजा लेंगे। यह आदत महिलाओं में ज्यादा होती है पर सभी में नहीं।आपको समझना पड़ेगा कि किस के साथ कितना घनिष्ठ होना है पर व्यवहार सबके साथ अच्छा रखें। कुछ महिला?पुरूष सहकर्मी आपके काम को बिगाड़ कर आपको बास की नजर में गिराना चाहेंगे। इनको पहचानें और उनसे बचें। काम के मामले में हमेशा याद रखें कि बास सदैव सही होता है। काम के अलावा यदि पुरूष बास आपके भलाई का नाजायज फायदा उठाना चाहे तो चुप न रहें, बेहतर होगा पुरूष बास से आपका रिश्ता केवल काम का ही रहे। जल्दी प्रोमोशन पाने के चक्कर में या वेतन बढ़वाने की फिराक में बास की चापलूसी न करें। इससे बास की हिम्मत बढ़ जाती है और वह आपके शोषण के बारे में सोचने लगता है।

आफिस में बैठकर पर्सनल काल ज्यादा न करें। बार बार घर वालों की खबर न लें। आज की जिंदगी में तनाव तो रहता ही है परंतु आपके चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हमेशा खुश रहें और चेहरा आत्मविश्वास से भरा होना चाहिए। लेकिन बिना वजह न बोलें और न ही हंसें। ऐसा करने पर लोग आपको चीप समझेंगे। परंतु ऐसा व्यवहार न करें जिससे लोग आपको अहंकारी समझें।

अपनी कंपनी के बारे में ज्वाईन करने के पहले पूरी जानकारी ले लें। आजकल इंटरनेट के जरिये यह बहुत आसान हो गया है। आफिस के वर्क कल्चर को समझें और अपने को उसी अनुसार ढ़ाल लें। सीनियर से कभी तकरार न करें , जूनियर की कभी बेइज्जती न करें।

इन बातों पर अमल करके आप यह प्रूव कर सकती हैं कि हाउस वाईफ केवल घर गृहस्थी ही नहीं बाहर की दुनिया में भी अपने को एडजस्ट कर सकती है।

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