Saturday, November 25, 2017
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PoorBest 

 


होली आने वाली है। इसे रंगों का त्यौहार भी कहते हैं। अन्य सभी पर्वों की तरह होली में भी पकवानों का सिलसिला चलता रहता है। विभिन्न प्रदेशों में अलग अलग तरह के पकवानों का चलन है जैसे बंगाल में मालपूआ और अन्य बंगाली मिठाई तो बिहार में पूआ और सूखे मेवे का चलन है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में गुझिया, पापड़, चिप्स इत्यादि का चलन है। जिस प्रदेश में जिस पकवान का चलन है उस प्रदेश के सभी घरों में वही पकवान बनते हैं। हर घर में एक ही तरह के पकवान खाते खाते लोग ऊब जाते हैं। तो आईए पारम्परिक पकवान के साथ साथ इस होली में कुछ अलग बनाएं जिससे घरवाले और मेहमान दोनों का स्वाद बदल जाए।


हरे चने की चाट: होली के समय कच्चा हरा चना बाजार में मिलता है। इसे होरहा, झांगड़ी भी कहते हैं। उसे अच्छी तरह धोकर नमक के साथ सख्त उबाल लें। छलनी पर रखकर पानी निकाल लें। अब अलग अलग बाउल में महीन कटा प्याज, महीन कटी हरी मिर्च, छोटे टुकड़ों में कटा टमाटर रख लें। मूंगफली के दानों को सूखा भूनकर उसका छिलका उतार लें। नींबू काटकर उसका रस निकालें। चाट मसाला भी निकाल लें।

सर्व करने के पहले छोटे बाउल में अंदाज से चना निकालें, कटा प्याज, कटा टमाटर, कटी हरी मिर्च, मूंगफली के भूने दाने, नींबू का रस और चाट मसाला मिला दें। चने के साथ सभी सामग्री अच्छी तरह मिला दें। महीन सेव और धनिया पत्ता से गार्निश करके सर्व करें।


मजेदार पापड़: तवा या फ्राई पैन में हलका सा तेल ‘व्हाइट ऑयल’ लगाकर पापड़ सेंक लें। पापड़ में हल्का सा टमाटो साँस लगाइए, थोड़ा से कद्दूकस किया पनीर फैलाएं, महीन कटा हुआ प्याज और धनिया पत्ता डालें। ऊपर से थोड़ा सा भूना जीरा पाउडर, काला नमक और नींबू का रस डालकर तुरंत सर्व करें।


चना दाल का साल्टी केक: चना दाल को कम से कम छः घंटा

भिगोएं। दाल को पानी से निकालकर लहसुन, अदरक और हरी मिर्च के साथ दाल को मिक्सी में सूखा सूखा पीस लें। कड़ाही में थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल डालें। तेल में दाल का पेस्ट डालें और जब तक पेस्ट कड़ाही न छोड़े तब तक भूनती रहें। ध्यान रखें कि पेस्ट भुरभुरा न हो जाए, पेस्ट हलुआ जैसा नरम होना चाहिए। एक थाली में सरसों का तेल लगाएं और पेस्ट को फैलाकर बर्फी जैसा जमा दें। ठंडा हो जाने पर चैकोर टुकडों में काट लें। प्रत्येक टुकड़े को सरसों के तेल में तल लें। धनिया की चटनी के साथ इसे गर्मा गर्म सर्व करें। यह बंगाल की डिश है, वहां इसकी रसेदार सब्जी भी बनती है। आप भी ट्राई कर सकती हैं।


पोहे का स्ट्फ्ड पकौड़ा: पोहे (चूड़ा) का स्ट्फ्ड पकौड़ा बनाने के लिए पहले स्ट्फिंग तैयार करें। पैन में थोड़ा सा व्हाइट ऑयल गर्म करें। अंदाज से कद्दूकस किया हुआ प्याज डालें और गुलाबी होने तक भूनें। अब जिंजर गार्लिक पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह भूनें। इसके बाद इसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर, उबले हरे मटर के दाने आवश्यकतानुसार नमक और चीनी डालकर एक मिनट भूनें। अब इसमें अंदाज से किशमिश और रोस्टेड तथा छिलका उतारा हुआ मूंगफली का दाना डालें। ऊपर से गरम मसाला पाऊडर और महीन कटा हुआ धनिया पत्ती डालें और अच्छी तरह मिलाकर गैस बंद कर दें।

स्टफिंग तैयार है,  पोहे को पांच मिनट के लिए पानी में भिगोएं। फिर छलनी से पोहे का पूरा पानी निकाल दें। अब एक बाउल में बेसन लें। बेसन पोहे का एक चैथाई हिस्सा होना चाहिए। बेसन में भीगा पोहा, अंदाज से नमक (याद रहे कि स्टफिंग में भी नमक पड़ा है), चीनी, लाल मिर्च पाउडर, भूना जीरा पाउडर, गरम मसाला पाउडर डालें। अब मिश्रण को आटे की तरह गूंथ लें। अगर मिश्रण ज्यादा सूखा हो गया हो तो एक दो छोटा चम्मच पानी डाल सकती हैं। मिश्रण से रोटी की लोई से थोड़ी बड़ी लोई बनाएं इसे गोल करके बीच में छेद करें और दो चम्मच स्टफिंग भरें। लोई का मुंह बंद करके स्ट्फ्ड पकौडों को मनचाहा आकार दें। दूसरे पैन में ज्यादा मात्रा में व्हाईट आॅयल गर्म करें। एक प्लेट में सूखा पोहा फैला दें और पकौड़ों को पोहे के ऊपर रोल करें जिससे की पकौड़ों पर पोहा चिपक जाए। इसे डीप फ्राई करें और कुरकुरे गर्म पकौड़ों को हरी चटनी के साथ सर्व करें।


मलाई पूरी: यह एक बंगाली मिठाई है। बंगला में इसे खीरशा लूची कहते हैं। लेकिन उसमें थोड़ा झंझट है इसलिए मैने इसे मेड ईजी कर लिया है। मैदे में अच्छी तरह मोयन डालकर बिना नमक के मैदा गूंथ लें। छोटी छोटी लोई बनाएं और पूरी की तरह बेलें। इसमें कांटे से दो चार छेद करें और मठरी की तरह कड़ा तल लें। अब इसे गाढ़े रस में डुबोकर प्लेट में निकाल लें। प्लेट पर रस में डूबी सभी पूरीयों को फैलाकर ठंडा कर लें एक तरफ ठंडा होने पर उसे उलट दें ताकि दोनों तरफ अच्छी तरह से सूख जाए। बिल्कुल सूख जाने पर और ठंडा हो जाने पर मीठी पूरी को एयर टाईट जार में रखें ताकि यह नरम न हो जाए। दूध को मलाई की तरह गाढ़ा करके इसमें चीनी डालें। दूध ठंडा हो जाने पर इसमें गुलाबजल और छोटी इलायची पाउडर डालें और मिलाएं। मलाई को फ्रिज में रखकर ठंडा करें। मलाई पूरी सर्व करते वक्त मीठी पूरी पर मलाई फैला दें। चाहें तो गार्निश करने के लिए मलाई के ऊपर दो चार किशमिश चिपका दें। इच्छा हो तो मलाई में गुलाबजल के स्थान पर केसर डाल सकते हैं, फिर यह केसरी मलाई पूरी कहलाएगी।


मटर का हलवा: हरे मटर का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले मटर को छीलें, धोकर मिक्सी में महीन पीस लें। कड़ाही में देसी घी गर्म करें और मटर के पेस्ट को घी में भूनें। जब मटर का पेस्ट कड़ाही छोड़ने लगे तो इसमें चीनी और मटर का आधा भाग मावा तथा किशमिश, छोटे टुकड़ों में कटा काजू डालें और अच्छी तरह मिलाकर तब तक भूनें जब तक यह फिर से कड़ाही न छोड़ दे। अब इसे गैस से उतार लें और ठंडा करें, इलायची पाउडर डालें। मन हो तो ठंडा करने के बाद फ्रिज में रखकर ज्यादा ठंडा कर सकती हैं। सर्व करने से पहले थोड़ी सी मलाई और इच्छानुसार मेवा से गार्निश करें।

 

 

 

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