Saturday, November 25, 2017
User Rating: / 1
PoorBest 

 dsc_0495.jpg - 63.51 Kb

 

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एस. आई. ई. टी. में आयोजित महिला दिवस के कार्यक्रम का संक्षिप्त एवं सटीक विवरण बहुत ही प्रभावी ढ़ग से पेश किया है, पढ़कर और देखकर अच्छा लगा ।

सत्यतः एस. आई. ई. टी. एक ऐसा संस्थान है जहां महिलाओं को उचित स्थान एंव सम्मान दिया जाता है चाहे वह अध्यापन वर्ग की हो, कर्मचारी वर्ग की हो या छात्राएं  हों।

विषय पर मेरी अपनी सोच के अनुसार आज के परिवेश मे दो प्रकार के कार्यवाही  की आवश्यकता है।

1. पुरूषों का महिलाओं के प्रति नजरिया

2. महिलाओं का स्वंय महिलाओं के प्रति नजरिया

        ज्यादातर लेख या क्रिया कलाप पहले विचार पर ही केन्द्रित होते हैं पुरूषों द्वारा महिलाओं को उचित सम्मान एंव स्थान देने की जरूरत शिक्षा एंव हिदायत देते है कि यह करो यह न करो इत्यादि  लेडीज़ LVZ का मूल मंत्र हर पुरूषों के मन में बैठाने की अपील करते हैं। चाहे वह बिल जमा करने की लाइन हो या ट्रेन बस की सीट हो या सामाजिक कार्यक्रमों की अगुवाही करने की बात हो या कोटा निर्धारित करने की प्रक्रिया हो । हम पुरूषों से अपील करते है कि वह महिलाओं को आदर के भाव से देखें।

अब हम दूसरे विचार बिन्दु की ओर सोचें और महिलाओं का स्वंय के प्रति नजिरिया देखें। क्या एक महिला का स्वंय का rZव्य नहीं है कि वह महिलाओं की गरिमा बनाये रक्खे कोई ऐसा काम न करें चाहे वह उनकी भेष भूषा हो या व्यवहार, जिससे दूसरे उनके बारे मे गलत या अनुचित विचार मन में लायें । शालीनता महिलाओं का सबसे बड़ा आभूषण है। उसका उन्हे हर समय ख्याल रखना चाहिये । महिला शारीरिक रूप से वीकर सेक्स है और हमेशा रहेगी। ईश्वरीय संरचना को हम बदल नहीं सकते। आवश्यकता है महिलाओं के ऐसे आचरण और व्यवहार की, जिससे उनकी इस ईश्वरीय संरचना का कोई अनुचित लाभ न उठा पाये  इसके लिए महिलाओं को स्वंय अपने दिशा निर्देश बनाने होगें और कठोरता से पालन करने होगे ताकि समाज उन्हे यथोचित आदर एंव सम्मान की दृष्टि से देख सके जिसकी वे वास्तविक रूप से हकदार हैं।

एक सभ्य सुंस्कृत, एक संयमशील समाज की संरचना महिलाओं के सही दिशा में योगदान के बिना संभव नही है। पqरूष स्वभावतः उश्रंखल सरिता प्रवाह की तरह होता है जिसे अनुशासन के किनारों से बांधने के काम के लिये महिलाओं के सकारात्मक योगदान की नितंkत आवश्यकता है।

 

 

                                               डी0 पी0 अग्निहोत्री

                                 सेनि. ज्वाइन्ट जी. एम., भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण

                                                      डी0 एस0 डब्लू , एस0 आई00 टी0 इलाहाबाद

 

women empowerment

Who's Online

We have 1653 guests online
 

Visits Counter

751046 since 1st march 2012