Saturday, November 25, 2017
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प्रत्येक वर्ष की तरह चैत्र नवरात्र का पर्व प्रारम्भ हो गया। महिलाएं और कुछ पुरूष इस पर्व के दौरान नौ दिन व्रत रखते हैं। प्रतिवर्ष नवरात्र के पर्व के समय गर्मी का यह रौद्र रूप देखने को नहीं मिलता है परंतु इस वर्ष यानि 2016 में मौसम के मिजाज बिल्कुल बदले हुए हैं। अभी चैत्र का महीना समाप्त नहीं हुआ है पर गर्मी जेठ के महीना से भी ज्यादा लग रहा है।
देवी मां के कृपा से प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के समय गर्मी की शुरूआत होती है। इस समय व्रत रखना भक्तों के शरीर के लिए हानिकारक नहीं होता है। परंतु हम भक्तों ने ही प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की हदें पार कर दी हैं। चैत्र के महीने में यह जानलेवा गर्मी रूठे हुए प्रकृति की देन हैं।रूठे हुए इस प्रकृति को मनाने में देवी मां भी बेबस हैं।
इस प्रकार की गर्मी में वत्र रखना शरीर के लिए हानिकारक होता है। लेकिन भारतीय संस्कृति में यह नौ दिन भक्त व्रत रखते हैं और उन्हें मना करने पर भी वो व्रत अवश्य रखेंगे। इसलिए कुछ सुझाव यहां प्रस्तुत हैं जिसे ध्यान में रखकर आप नवरात्र के दौरान गर्मी को मात दे सकती हैं।
इस चैत्र नवरात्र के दौरान आपको व्रत तो रखना है पर खाली पेट भी नहीं रहना है। इसके लिए आप कुछ शर्बत, लस्सी इत्यादि शीतल पेय ले सकती हैं।
बेल की लस्सी या शर्बत-

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पके हुए बेल का गुदा निकाल लें। उसमें एक भी बीया या रेशा नहीं रहना चाहिए। अब गुदा को ब्लेंडर में डालिए। उसमें दही, उबला ठंडा दूध, अंदाज से चीनी डालें और ब्लेंडर आॅन करें। अगर ज्यादा गाढ़ा लगे तो उसमें थोड़ा दूध और मिलाइए। अब इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें। पीने से पहले ग्लास में बर्फ डालें, ठंडे बेल की लस्सी को डालें और ऊपर से भुना हुआ जीरा पाउडर और सेंधा नमक डालकर पीएं। इससे शरीर भी ठंडा होगा ,पेट भी भर जाएगा और गर्मी भी भाग जाएगी।
अगर बेल की लस्सी पसंद नहीं है तो बेल का शर्बत पी सकती हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले बेल का गुदा एक बर्तन में निकाल लें। एक मध्यम आकार के बेल के गुदा में तीन कप पानी डालें और उसे ढ़ंक के तीन चार घंटा रख दें। फिर इसे चम्मच से हल्का हल्का चलाइए जिससे कि शर्बत गाढ़ा न हो लेकिन बेल की खुशबु पानी में आ जाए। अब इसे छान लीजिए, चीनी मिलाइए, फ्रिज में ठंडा करें। पीने से पहले इसमें बर्फ मिलाएं और ऊपर से नींबू का रस मिलाएं और इच्छा हो तो सेंधा नमक डालकर पीएं।
पपीता लस्सी -

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व्रत में पक्का पपीता खाना सेहत के लिए बहुत लाभदायक है परंतु बहुत लोग इसे खाना नहीं चाहते। अगर आप भी पपीता खाना नहीं चाहती तो पपीते की लस्सी बनाकर पीएं। पका पपीता छोटे छोटे टुकड़ों में काट कर ब्लेंडर में डालें। उसमें दही, चीनी,नींबू का रस, गुलाब जल और थोड़ा सेंधा नमक डालकर ब्लेंडर चलाएं।फ्रिज में रखकर ठंडा करें या बर्फ डालकर पीएं।
अंगूरी लस्सी -

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अंगूर को जूसर में डालकर उसका रस निकाल लें और छान लें। अब ब्लेंडर में जूस, दही, चीनी स्वादानुसार, नींबू का रस डालकर ब्लेंडर चलाएं और बर्फ डालकर पी लें। अगर आपका मन हो तो थोड़ा सेंधा नमक डाल सकती हैं।
आम की लस्सी -
पके आम को टुकड़ों में काट लें। ब्लेंडर में आम के टुकड़े, दही, उबला ठंडा दूध, चीनी डालकर ब्लेंडर चलाएं और फ्रिज में ठंडा करके बर्फ डालें और ऊपर से सेंधा नमक मिलाकर पीएं।
तरबूज का शर्बत -
व्रत के दौरान तरबूज बहुत लाभदायक होता है। तरबूज छोटे टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखकर चिल्ड करके आप खा सकती हैं। इससे पेट भी भरता है और शरीर भी ठंडा होता है। तरबूज को आप शर्बत बना कर भी पी सकती हैं। तरबूज का छिलका निकाल लें और तरबूज को छोटे टुकड़ों में काटकर ब्लेंडर में डालें, अंदाज से चीनी डालें। ब्लेंड करने के बाद इसको छान लें। इसमें कतरा हुआ पुदीने का पत्ता डालें। अगर ज्यादा मीठा लगे तो सेंधा नमक डालें।
गन्ने का शर्बत -
गर्मियों में लोग गन्ने का रस खूब पीते हैं। सड़क पर जो गन्ने का रस बेचते हैं वह पीना खतरे से खाली नहीं है। आप गन्ने का रस घर पर भी बना सकती हैं। परंतु गन्ने का रस बहुत मीठा होता है। व्रत के दौरान इतना मीठा अच्छा नहीं लगता इसलिए आप गन्ने का शर्बत बना कर पी सकती हैं।
गन्ने को छोटे छोटे टुकडों में काट लें और जूसर में डालकर रस लिकाल लें, छान लें। इसमें नींबू का रस, भुना हुआ जीरा पाउडर, सेंधा नमक, कतरा हुआ पुदीना पत्ता और बर्फ डालकर पीएं।
कच्चे आम की कुल्फी -

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कच्चे आम को छीलकर मिक्सी में महीन पीस लें। दूध को गाढ़ा करें। उसमें चीनी मिलाएं। इसको लच्छेदार बनाने के लिए इसमें कुछ कलाकंद के पीस मिलाएं। अब इस मीठे दूध को ठंडा करें। बिल्कुल ठंडा हो जाने पर इसमें पिसा हुआ आम डालकर अच्छी तरह मिलाएं और सांचे में डालकर जमने के लिए फ्रिजर में डाल दें। परंतु यह कुल्फी बनने के बाद शायद ही आपको खाने को मिले क्यांेकि घर के बच्चे और उनके पापा ही इसे चट कर जाएंगे इसलिए जब आप इसे बनाएं तो थोड़ी ज्यादा मात्रा में बनाइएगा।
कोकोनटी साबुदाना -
व्रत के दौरान पेय पदार्थ पीना बहुत आवश्यक है परंतु कुछ ठोस पदार्थ भी खाना पड़़ता है। इसके लिए आप साबुदाना का प्रयोग कर सकती हैं। साबुदाना का खिचड़ी भी बनता जो सबको पता है। हमेशा खिचड़ी ही क्यांे एक बार इसे भी ट्राई करें। मुंह का स्वाद बदलेगा। साबुदाने को एक घंटे के लिए पानी में भिगों दें। फिर इसे छानकर पानी से अलग करके एक थाली में फैला दें ताकि यह सूख जाए। कच्चा नारियल कद्दूस कर लें। अब नारियल , साबुदाना , नींबू का रस, अंदाज से चीनी, सेंधा नमक, पतला कतरा हुआ पुदीना पत्ता को एक साथ अच्छी तरह मिला लें। कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें फिर खाएं।
वेज फ्रूट सलाद-

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गाजर को कद्दूकस करें, खीरा के छोटे छोटे टुकड़े करें, चुकंदर को कद्दूकस कर लें, उबले आलू के छोटे छोटे टुकड़े कर लें। सेब को छोटे टुकडों में काटिए, पपीते को छोटे टुकडों में काटिए, कम मात्रा मे कच्चे आम को कद्दूकस करें, पके आम के छोटे टुकड़ करें, काला और सफेद अंगूर बीच से काटकर डालें, हो सके तो लीची के छोटे छोटे टुकड़े और अनार के दाने डालें। सारे फल और सब्जियों को एक साथ मिला लें। ऊपर से नींबू का रस, महीन कटा धनिया और पुदीना पत्ता, भुना हुआ जीरा पाउडर और सेंधा नमक डालकर हल्के हाथों से मिलाएं और फ्रिज में रखकर ठंडा करके खाएं।
यह सब तो आप खा ही सकती हैं। इसके अलावा भी बहुत कुछ है जो आप व्रत में खा सकती हैं। पानी भी भरपूर पीएं और बीच बीच में पानी में ग्लूकोज पाउडर या इलेकट्रॅाल पाउडर भी डालें तभी आप नवरात्र में गर्मी को मात दे सकेंगी।

 

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