Sunday, February 25, 2018
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women practices

अक्सर देखा जाता है पुरूषों की तुलना में महिलाओं की कमर पहले झुक जाती है।चालीस की उम्र के बाद ही महिलाएं झुक कर चलना शुरू कर देती हैं।इसका कारण है महिलाओं की जीवन शैली ,उठने,बैठने का तरीका। आज कुछ प्रतिशत लड़कियां अनेक क्षेत्रों में नाम कमा रही हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में लड़कियों पर बहुत पाबंदियां हैं    दादी,नानी की सीख के अनुसार पढ़ार्इ लिखार्इ के साथ साथ सिलाई, कढ़ाई, पाक कला एवं घर के अन्य कामों में भी निपुण होना चाहिए ।शादी के बाद पढ़ाई लिखाई से ज्यादा यही जरूरी है।बचपन से इस तरह के काम करने के लिए उठने - बैठने का सही तरीका अपनाना चाहिए,अन्यथा एक उम्र के बाद कमर झुक जाती है। बचपन से ही लड़कियों को सिखाया जाता है कि पीठ सीधी करके चलो और कंधों को पीछे रखो। बैठने के लिए भी यही मुद्रा अपनाने को कहा जाता है परन्तु डाक्टरों के अनुसार यह गलत है इससे कमर पर दबावड़ता है और कमर झुक जाती है। सही मुद्रा अपनाकर महिलाएं समय से पहले ही बूढ़ी औरत कहलाने से बच सकती है।

खड़े होने की सही मुद्रा- दीवार से सटकर खड़े हो जाइए ध्यान रहे पीठ कूल्हे दीवार को छूने चाहिए अब हाथ को कमर के पीछे ले जाएं तथा हाथ से कमर और दीवार को छूएं।यदि बहुत देर तक खड़े रहना हो तो एक पैर को धीरे से उठाएं। यदि आवश्यकता हो तो इसके लिए किसी छोटे स्टूल का प्रयोग कर सकती हैं।रीढ़ की हडडी को कभी भी टेढ़ा होने दें। इसके लिए जरूरी है कि शरीर झुके नहीं। हमेशा खड़े होने की सही मुद्रा अपनाना मुमकिन नहीं होता है परंतु जब संभव हो तो इसे अवश्य अपनाएं।

बैठने की सही मुद्रा - यदि कुर्सी पर बैठे हों तो ठीक है अन्यथा कभी भी बिना सहारे के बैठें। हमेशा ध्यान रखे कि पीठ को अवश्य सहारा मिले। जितना हो सके कुर्सी पर बैठें ,अगर जमीन पर बैठें तो दीवार से संटकर बैठें।

सोने की सही मुद्रा -पेट के बल कभी सोएं। सोने के लिए हमेशा हार्ड बेड का प्रयोग करें और करवट लेकर सोएं।

हमेशा खड़े होने के लिए यही मुद्रा अपनाना मुशिकल है परंतु जब भी संभव हो खड़े होने के लिए इसी मुद्रा को अपनाएं। बैठने और सोने के लिए यह मुद्रा अपनाना मुशिकल नहीं है।            

इन मुद्राओं से मांस पेशियां लचीली बन कर कमर दर्द से छुटकारा दिलाती है एवं उम्र बढ़ने के बाद भी कमर को झुकने से बचाती है। अब महिलाओं को असमय ही बुढि़या शब्द सुनना नहीं पड़ेगा।

                                                                     एकिटव इंडिया ब्यूरो

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