Thursday, November 23, 2017
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hotel management

अगर आपको स्वाद का शौक है और हाथों में खाना बनाने-खिलाने का हुनर है, तो होटल मैनेजमेंट कोर्स आपके लिए ही बना है। इसे करने के बाद आप सफलता की मिठास का मजा ले सकेंगे और आपके करियर में चीनी कम कभी नहीं होगी।

शैक्षिक योग्यता : 12वीं पास स्टूडेंट्स होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा या डिग्री हासिल कर सकते हैं। अगर ग्रैजुएशन के बाद आप होटल व्यवसाय में करियर तलाश रहे हैं तो उनके लिए भी अब रास्ते खुल गए हैं। एमएससी इन होटल मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट की डिग्री हासिल कर सकते हैं। अधिकतर संस्थान ऑल इंडिया एडमिशन टेस्ट एवं इंटरव्यू के आधार पर स्टूडेंट्स का चयन करते हैं। इसमें आपके सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान और अंग्रेजी की क्षमता को जांचा जाता है।

कौन-कौन से कोर्स

होटल मैनेजमेंट में दो तरह के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। 12वीं के बाद बीए इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, बैचलर डिग्री इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट, बैचलर डिग्री इन हॉस्पिटैलिटी साइंस, बीएससी होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग साइंस। इन कोर्सेज की अवधि 6 महीने से एक साल तक है। इसके अलावा आप पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, एमएससी इन होटल मैनेजमेंट और एमए इन होटल मैनेजमेंट कोर्स कर सकते हैं। इनकी अवधि 2 साल है।

स्पेशलाइजेशन

मैनेजमेंट : किसी भी बड़े होटल को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी मैनेजमेंट पर ही होती है। साथ ही वे इस बात पर भी ध्यान रखते हैं कि कैसे होटल का रेवेन्यू बढ़ाया जा सकता है। बड़े होटलों में रेजिडेंट मैनेजर भी होते हैं।

फूड एंड बेवरेज : इस विभाग में तीन इकाइयां होती हैं - किचन, स्टीवर्ड विभाग और फूड सर्विस विभाग। इस विभाग के मैनेजर और कर्मचारी मिलकर जिम्मेदारियों को निपटाते हैं। शेफ का भी इसमें अहम रोल होता है। होटल के खाने के स्वाद की जिम्मेदारी शेफ पर ही होती है। इस विभाग में खाना बनाने से लेकर परोसने तक का काम यहां होता है। इससे जुड़ी हर चीज का रख-रखाव करना होता है।

हाउसकीपिंग : किसी भी होटल को उम्दा किस्म की देखभाल की जरूरत होती है। हाउसकीपिंग विभाग सभी कमरों, मीटिंग हॉल, लाउंज, लॉबी, रेस्तरां आदि की साफ-सफाई की जिम्मेदारी उठाता है। हर चीज करीने से दिखनी चाहिए, यह इस विभाग के काम करने का मूलमंत्र है।

करियर ऑप्शंस

होटल मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद आप होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर काम की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा, होटलों में किचन मैनेजमेंट, हाउसकीपिंग मैनेजमेंट, एयरलाइन कैटरिंग, केबिन सर्विसेज, सर्विस सेक्टर में गेस्ट या कस्टमर रिलेशन इग्जेक्युटिव, फास्ट फूड चेन, रिजॉर्ट मैनेजमेंट, गेस्ट हाउसेज, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन आदि में नौकरियां मिल सकती हैं। इसके साथ आप स्वरोजगार की राह भी अपना सकते हैं।

सैलरी पैकेज

कोर्स पूरा करने के बाद करियर के शुरुआती दौर में 10 से लेकर 15 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी मिलती है। एक्सपीरियंस होने पर आपकी सैलरी 40-50 हजार हो सकती है। मशहूर शेफ और होटल मैनेजमेंट के टॉप मैनेजर्स की सैलरी लाखों में होती है।

नैशनल लेवल पर संस्थान और सीटें

नई दिल्ली, मुबंई और बंगलुरु स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एवं अप्लाइड न्यूट्रीशन संस्थान में विभिन्न स्पेशलाइज्ड कोर्सेज भी हैं। देश में होटल मैनेजमेंट की शिक्षा का दायित्व नैशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी पर है। देश में बीएससी (हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन) का तीन वर्षीय डिग्री कोर्स काउंसिल और इग्नू की ओर से संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। इनके तत्वावधान में होटल मैनेजमेंट के 21 केंद्रीय संस्थान, 7 प्रदेश संस्थान और 7 निजी होटल प्रबंधन संस्थान हैं। इनकी 5700 सीटों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर संयुक्त चयन परीक्षा का आयोजन हर साल किया जाता है।

फरीदाबाद में प्रमुख संस्थान

इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, बड़खल

रावल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट

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