Friday, November 24, 2017
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educaton loan

अगर आप में काबलियत है, लेकिन पैसों के कारण मनचाहा कोर्स नहीं कर पा रही हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं ...

        नुपुर आज बहुत उत्साहित थी अपने इंस्टीट्यूट को लेकर। ओ! माई गॉड.. क्या ऑफिस है.. शानदार बिल्डिंग.. पढ़ाई का माडर्न तरीका.. सब कुछ इलेक्ट्रानिक और कंप्यूटरीकृत.. बेहतरीन ऑफर.. मुफ्त लैपटाप प्रवेश लेते ही.. कोर्स में विदेश में एजूकेशनल टूर शामिल..। उसने इस इंस्टीट्यूट की जो फोटो एजूकेशनल मेले में देखी थी, हकीकत में देखने पर उससे शानदार लग रहा था।

        चमक-दमक नहीं संस्थान की मान्यता देखिये आपके कोर्स की सार्थकता तभी है, जब मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राप्त किया गया हो वर्ना वह कागज का रंग-बिरंगा सर्टीफिकेट भर है। भारत के संस्थानों के लिए यह जानकारी अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी कि एआईसीटीई या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की साइट या जिस भी कोर्स में दाखिला लेना चाहती हैं, उसकी नियामक संस्था जैसे सेंट्रल काउंसल फॉर मेडिसिन इत्यादि की साइट से संस्था और कोर्स दोनों की मान्यता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं, क्योंकि कई संस्थानों के ब्रोशर और प्रचार भ्रामक जानकारी देते हैं कि संस्था तो मान्यता प्राप्त है, परंतु आप जहां प्रवेश ले रही हैं वह उसका डिस्टेंस लर्रि्नग सेंटर है या संस्थान को तो मान्यता मिली है, लेकिन उस संस्थान को उस कोर्स को कराने की मान्यता नहीं प्राप्त है।

एयरोनाटिकल, पायलट ट्रेनिंग, शिपिंग या हास्पिटैलिटी आदि में प्रवेश में अधिक जांच की जरूरत है।

        ये कोर्स काफी महंगे होते हैं। अत: सबसे अधिक भ्रम इन्हीं क्षेत्रों के संस्थानों में होता है। इनमें प्रवेश के लिए डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन/शिपिंग या इन कोर्र्सो की नियामक संस्थाओं की साइट पर कोर्स और संस्थान की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के बाद ही दाखिला या ऋण के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करें, क्योंकि प्राय: बैंक बिना मान्यता प्राप्त संस्थानों और कोर्स के ऋण नहीं देते।

चुनिंदा शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हो जाने के बाद बैंक हाथों हाथ लेते हैं

        अधिकतर बौंकों में शिक्षा ऋण की दो तरह की योजनायें रहती हैं। एक योजना भारतीय बैंक संघ द्वारा सुझाये गई मॉडल से प्रेरित रहती है। दूसरी योजना भारत के उत्कृष्ट चुनिंदा शिक्षण संस्थानों के लिए। इन चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश होने पर न सिर्फ कम ब्याज दर पर ऋण मिलता है, बल्कि अधिक ऋण राशि, तीसरे पक्ष की गारंटी में छूट, मार्जिन में छूट, लंबी भुगतान अवधि सहित कई आकर्षण दिए जाते हैं।

शिक्षा ऋण में ब्याज में कई विकल्प और रियायतें मिलती हैं

        शिक्षण में विभन्न बैंकों में ब्याज के कई विकल्प होते हैं। आमतौर पर चुनिंदा शिक्षण संस्थानों जहां पर अच्छे पैकेजों का ऑफर रहता है, वहां पर सबसे कम ब्याज दरों पर आकर्षक रियायतों के साथ ऑफर दिया जाता है। साढ़े सात लाख से अधिक के ऋणों के लिए प्रतिभूति (सिक्योरिटी) ली जाती है। कई बैंक इस श्रेणी के ऋणों के लिए कम ब्याज दर लेते हैं।

लड़कियों को ब्याज की अधिक छूट

        लड़कियों को शिक्षा ऋण के ब्याज में अधिक छूट मिलती है। स्टेट बैंक में यह आधा प्रतिशत है।

पापा को मनाएं कोर्स पीरियड में ब्याज चुकायें

        यदि आप अपने पापा को मनाकर कोर्स की अवधि के दौरान लगने वाले ब्याज को लगातार चुकाती रहती हैं तो न सिर्फ आपको लगने वाले ब्याज में छूट मिलेगी, बल्कि नौकरी लगने के बाद अदायगी की किश्तों की राशि काफी कम हो जायेगी, क्योंकि हो सकता है कि उस समय आप पर घर-परिवार का काफी भार हो।

स्टेट बैंक का स्कॉलर लोन

        भारतीय स्टेट बैंक भारत के 114 सर्वोत्कृष्ट चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश होने पर एसबीआई स्कॉलर ऋण योजना के अंतर्गत ऋण प्रदान करता है।

 

कागजात तैयार रखें

अगर आप लोन लेने की सोच रही हैं तो अपने कागजात इस तरह तैयार करके बैंक ले जाएं

संस्थान/शिक्षा से संबंधित

१. जिस प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश हुआ है उसकी रैंक का पेपर

२. संस्थान में प्रवेश का प्रमाण

३. संस्थान एवं कोर्स की मान्यता से संबंधित पत्र

४. पूरे कोर्स की फीस का विवरण

५. शिक्षा के लिए जरूरी अन्य खर्चों का विवरण

६. पिछली उत्तीर्ण कक्षाओं की मार्कसीट एवं प्रमाणपत्र

७. यदि किसी कारण से शिक्षा में अंतराल रहा है तो उसका एफीडेबिट

छात्र/छात्रा शिक्षा से संबंधित

१. पैन कार्ड

२. तीन फोटोग्राफ्स

३. निवास का प्रमाण

४. स्कालरशिप यदि हो तो उसका पत्र

माता/पिता, अभिभावक व गारंटर से संबंधित

१. पैन कार्ड

२. तीन फोटोग्राफ्स

३. दो वर्षों का फार्म 16 या आयकर रिटर्न कंपुटेशनबैलेंस शीट के साथ

४. वेतन सिलप लेटेस्ट

५. पहचान के कागजात

६. निवास का प्रमाण

७. उस क्षेत्र के मूल निवासी हैं इसका प्रमाण

८. संपतित एवं दायित्व का विवरण

९. यदि संपत्ति बंधक रख रहे हैं तो उसके कागजात

साभार: दैनिक जागरण

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