Sunday, February 25, 2018
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इलाहाबाद। जिले का गंगा पार तहसील सोरांव अपनी उर्वरक मिट्टी के लिए मशहूर है। यहां पर सब्जियों से लेकर धान व गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यह उर्वरा धरती एथलीट भी उगा रही है। कम से कम यहां से निकले एथलीटों की फेहरिस्त तो यही बता रही है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्होंने अपना परचम लहराया है। दो दिन पूर्व चीन में चल रहे यूथ गेम्स में कांस्य जीतने वाले अजय सरोज इन्हीं में से एक हैं। यह सब इलाहाबाद का नाम देश ही नहीं दुनिया में रोशन कर रहे हैं।

        शहर से सटे सोरांव तहसील चंदापुर के मध्यम दूरी के अस्सी के दशक में धावक मेवालाल व हदीश अली ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाई थी। हदीश अली ने आगरा में हुई स्कूली एशियन मीट में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद से क्षेत्र में खेल को लेकर माहौल ही बदल गया। पिछले दो दशकों से यहां पर एथलीटों की कतार लग गई। अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर इलाहाबाद का नाम चमकाने वाले धावकों में भीम लाल, इंद्रजीत पटेल, शास्त्री देवी, शशि देवी, अनीशा पटेल, कविता पटेल शामिल हैं। इनके अलावा पोल वाल्ट में हदीश अली, हरी लाल, सुभाष यादव, बजरंगी, परमिंदर पटेल, रणंजय सिंह, भाला प्रक्षेपण में अरुण पटेल, कृष्ण कुमार पटेल, मनोज यादव, तारगोला प्रक्षेपण में इश्तियाक अहमद, रईस अहमद, इजाद अहमद, अली अहमद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया। इनमें नया नाम गजियानी सेवईत के अजय कुमार सरोज का है। अजय ने चीन में चल रहे यूथ गेम्स में 1500 मीटर दौड़ में कांस्य जीता। हालत यह है कि स्टेडियम के एथलेटिक्स हॉस्टल में रह रहे 22 प्रशिक्षुओं में से 11 सोरांव क्षेत्र से ही हैं।

        वैसे इन एथलीटों की पैदावार ऐसे ही नहीं हुई। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के उप क्रीड़ाधिकारी एवं राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षक रुस्तम खान बताते हैं कि लगभग तीन दशक पहले मेवालाल, हदीश अली को खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद कस्टम विभाग में नौकरी मिल गई। इसी प्रकार तीन-चार अन्य धावकों को नौकरी मिली तो युवाओं का रुझान एथलेटिक्स की ओर हुआ। स्टेडियम में एथलेटिक्स हॉस्टल एवं तीन प्रशिक्षक होने का फायदा भी मिला।

        अंतरराष्ट्रीय तारगोला प्रक्षेपक प्रमोद तिवारी बताते हैं कि सोरांव से अधिक संख्या में एथलीट निकलने का कारण साधन की उपलब्धता भी है। प्रतापगढ़ एवं लखनऊ राजमार्ग होने के कारण यातायात साधन हमेशा उपलब्ध रहते हैं। इसलिए इस क्षेत्र से एथलीटों का आने का क्रम आगे भी जारी रहेगा। अंतरराष्ट्रीय तारगोला प्रक्षेपक चंद्रोदय सिंह का कहना है कि सोरांव क्षेत्र के युवा जुझारू प्रवृत्ति के हैं। इसलिए वे ज्यादा मेहनत कर अपनी पहचान बना रहे हैं। अब तक दर्जनों राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एथलीट दे चुका है सोरांव

साभार: दैनिक जागरण

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