Friday, November 24, 2017
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गूगल बुक्स की क्रिटिक रेटिंग में प्रसिद्ध लेखकों के नजदीक पहुंचा इलाहाबाद का किशोर

नावेल यू आर द वन फॉर समवन पर दुनिया भर से मिल रहीं टिप्पणियां

 

डायमंड से प्रकाशित उपन्यास को गूगल बुक्स पर 5 में से 4.1 अंक मिले

 

इलाहाबाद। मात्र 17 साल की उम्र में अपने उपन्यास यू आर द वन फॉर समवनके लिए गूगल बुक्स की क्रिटिक रेटिंग पर बड़ी उपलब्धि हासिल करके यूपी के श्रीयुत अब अरुंधती राय, चेतन भगत और सलमान रुशदी जैसे लेखकों की कतार में शुमार हो गए हैं। गूगल बुक्स पर इस नई पुस्तक की क्रिटिक रेटिंग 5 में से 4.1 अंक है, जबकि कुछ वर्ष पहले से प्रकाशित सलमान रुश्दी के सैटेनिक वर्सेसकी 4.8, अरुंधती राय की गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्सकी 4.8 और चेतन भगत की टू स्टेट्सकी गूगल बुक्स पर रेटिंग 4.7 है।

गूगल ही नहीं अमेजन डॉट कॉम पर भी अमेरिका, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया और लंदन सहित कई देशों में श्रीयुत की इस पुस्तक को अच्छी रेटिंग मिली है। फिलहाल श्रीयुत ने अपने उपन्यास के ऑनलाइन संस्करण पर ही यह उपलब्धि हासिल की है, जबकि पुस्तक की हार्ड कॉपी का सितंबर में विमोचन होना अभी शेष है। डायमंड पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यू आर द वन फॉर समवनका कथानक किसी खास व्यक्ति पर केंद्रित न होकर टीन एजर्स के लिए रोमांटिक कॉमेडी के रूप में आगे बढ़ता है, जो पूरी तरह मनोरंजन को समेटे हुए है। श्रीयुत ने यह उपन्यास सिर्फ 4 माह में पूरा किया है, जिसमें कहानी को सपोर्ट करती कई कविताएं भी शामिल की गई हैं। किताब का देशकाल, वातावरण लेखक का अपना इलाहाबाद का विद्यालय है, जिसका नाम बदलकर उन्होंने आर्यभट्ट कर दिया है। वहीं इलाहाबाद के लूकरगंज स्थित लेखक के आवास और उसी के आसपास के मैदान, पार्क व रेस्टोरेंट को कहानी में जगह मिली है।

 

इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में मारी थी बाजी

        पुस्तक लिखने से पहले लेखक श्रीयुत ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में भी पहला स्थान हासिल किया था। श्रीयुत जब 13 की उम्र के थे तब राष्ट्रीय स्तर पर जनरल नॉलेज परीक्षा में भी वे अव्वल रहे थे। उपन्यास की भाषा अंग्रेजी रखे जाने के बारे में श्रीयुत कहते हैं कि बचपन में उनकी टीचर दीपिका चौबे ने कहा था कि इंग्लिश में भावनाओं को आसानी से व्यक्त किया जा सकता है इसी लिए उन्होंने अंग्रेजी को ही अपने लेखन का माध्यम बनाया।

साभार: अमर उजाला

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