Thursday, November 23, 2017
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bank exam

इन दिनों बैंक की नौकरी युवाओं के लिए काफी हॉट बन गयी है क्योंकि देश का बैंकिंग क्षेत्र प्रबंधन, मेडिकल व इंजीनियरिंग की तर्ज पर अब एक ही ऑनलाइन परीक्षा ले रहा है। इससे पहले हर बैंक में एक ही पद के लिए युवाओं के लिए अलग-अलग परीक्षाएं होती थीं। उन्हें अलग-अलग बैंकों की परीक्षाएं भी देनी पड़ती थीं। बदले पैटर्न के तहत देश के प्रमुख 19 सार्वजनिक बैंकों ने कॉमन रिटन एग्जाम के माध्यम से युवाओं के लिए जॉब का पिटारा खोल दिया है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 सितम्बर और ऑनलाइन परीक्षा 30 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक होगी

 

आवेदन की आखिरी तारीख : 7 सितम्बर, 2013

ऑनलाइन परीक्षा : 30 नवम्बर से 15 दिसम्बर 2013

ऑब्जेक्टिव परीक्षा

        आपको एक ऑब्जेक्टिव परीक्षा देनी होगी, जिसमें पांच क्षेत्रों से संबंधित प्रश्न होंगे। कुल 200 अंकों की एक लिखित परीक्षा होगी, जिसके अंतर्गत रीजनिंग, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटीटेटिव एप्टीट्यूड, कम्प्यूटर नॉलेज और जनरल अवेयरनेस से संबंधित प्रश्न होंगे। निर्धारित समय सीमा के अंदर इन्हें हल करना होगा।

 

कॉमन रिटन एग्जामिनेशन

        सीडब्ल्यूई बैंकिंग से संबंधित परीक्षा का नाम है, जिसे आम भाषा में कॉमन रिटन एग्जाम कहा जाता है। सार्वजनिक सेक्टर के 19 बैंक अब क्लर्क पद के लिए कॉमन रिटन एग्जामिनेशन का आयोजन करने जा रहे हैं। इस तरह से अब बैंक की नौकरी करने के इच्छुक कैंडिडेट को 19 बैंकों का प्लेटफॉर्म एक साथ उपलब्ध हो जाएगा। उन्हें इनके लिए अलग-अलग परीक्षाएं नहीं देनी होगी। कॉमन रिटन एग्जामिनेशन का आयोजन इं स्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) द्वारा किया जाएगा। इसमें उत्तीर्ण होनेवाले स्टूडेंट्स को एक स्कोर कार्ड दिया जाएगा, जो एक वर्ष की अवधि तक वैध रहेगा।

ग्रेजुएशन जरूरी

        बैंक में क्लर्क बनने के लिए आपको कम से कम ग्रेजुएट होना आवश्यक है। अगर आप ग्रेजुएट नहीं हैं तो आप इस परीक्षा को देने के योग्य नहीं हैं। यह परीक्षा सिर्फ सार्वजनिक बैंकों में क्लर्क पदों के लिए हो रही है। परीक्षा के लिए उम्र सीमा भी निर्धारित है। अगर आप सामान्य श्रेणी में आते हैं, तो अधिकतम उम्र सीमा 28 वर्ष और न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष निर्धारित है।

सिलेबस स्कैन

        किसी भी परीक्षा में आप तभी सफल हो सकते हैं, जब आप इसके सिलेबस से पूरी तरह वाकिफ होंगे। अगर आप सिलेबस को अच्छी तरह स्कैन नहीं कर सके हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले सिलेबस स्कैन पर फोकस करें। रीजनिंग में वर्बल और नॉन वर्बल दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे। वर्बल में नंबर सीरीज, अल्फाबेट सीरीज, डायरेक्शन टेस्ट, कोडिंग-डिकोडिंग, नंबर रैंकिंग, अर्थमैटिकल रीजनिंग, ब्लड रिलेशन, एनॉलोजी, डिसीजन मेकिंग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। नॉन वर्बल में ग्रुपिंग, फिगर रिलेशनशिप और सीरीज के प्रश्न होंगे। वहीं, गणित में संख्या पद्धति, सरलीकरण, वर्ग तथा वर्गमूल, भिन्न, प्रतिशत, ब्याज, औसत, चाल-समय, क्षेत्रफल के अलावा अनुपात एवं समानुपात से प्रश्न होंगे। अंग्रेजी में कॉमन एरर, प्रिपोजीशन, सिनोनिम्स एंड एंटोनिम्स, स्पेलिंग रूल्स, सेंटेंस कम्प्लीशन, सेंटेंस इंप्रूवमेंट आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। इसी तरह, कम्प्यूटर से रिलेटेड प्रश्न रहेंगे और जनरल अवेयरनेस के अंतर्गत बैंकिंग से संबंधित प्रश्नों की संख्या अधिक रहेगी। वस्तुनिष्ठ पेपर में निगेटिव मार्किग होगी।

कैसे तैयार करें रणनीति

        अगर आप वस्तुनिष्ठ परीक्षा की तैयारी निर्धारित समय-सीमा के अंदर हासिल करने का अभ्यास करते हैं, तो सफलता प्राप्त कर सकते हैं। वर्बल रीजनिंग में अच्छे अंक, नियमों की जानकारी और अभ्यास के द्वारा हासिल किए जाते हैं, वहीं नॉन-वर्बल में प्रैक्टिस ही सफलता का असली आधार होता है। गणित में अधिकतर प्रश्न कांसेप्ट पर आधारित हो ते हैं। इस कारण आपका फोकस कॉन्सेप्ट क्लीयर करने पर होना चाहिए। मैथ्स में सिर्फ प्रैक्टिस से मास्टरी हासिल कर सकते हैं। प्रैक्टिस के दौरान छोटे-छोटे ट्रिक डेवलप करें और उसका अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे कम समय में बेहतर स्कोर आसानी से ला सकते हैं। बैंक में प्रश्नों का रिपीटीशन बहुत कम होता है, लेकिन उसके आधार पर प्रश्न काफी अधिक पूछे जाते हैं। इस स्थिति में, यदि आपका कॉन्सेप्ट क्लीयर नहीं है, तो अभ्यास के बावजूद इसमें बेहतर स्कोर नहीं ला सकते हैं। इसमें शॉर्ट ट्रिक और सूत्रों को जाने बिना सफल होना नामुमकिन है। इन ट्रिक्स को कोचिंग एवं बाजार में उपलब्ध पुस्तकों से आसानी से सीखा जा सकता है। अंग्रेजी में सफलता के लिए तीन चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। वे हैं- ग्रामर की जानकारी और शब्दों का सही प्रयोग, स्पेलिंग की सटीक जानकारी और सेंटेंस फॉम्रेशन में निपुणता। इसके लिए जरूरी है कि आप ग्रामर पढ़ने के साथ ही राष्ट्रीय अंग्रेजी अखबार का नियमित अध्ययन करें और शब्द भंडार बढ़ाने की कोशिश करें। इसी तरह आप कम्प्यूटर से संबंधित जानकारी के लिए किसी एक प्रामाणिक पुस्तक का अध्ययन कर सकते हैं।

करेंट और इको नॉमी से रहें अपडेट

        करेंट ऐसा सेक्शन है, जिसकी तैयारी कम समय में बेहतर तरीके से कर सकते हैं लेकिन अधिकतर स्टडेंट्स इसे सीरियसली नहीं लेते हैं और परीक्षा के एक महीने पहले तैयारी करते हैं। इससे प्रमुख चैप्टर कवर नहीं हो पाता है और वे सफलता से वंचित रह जाते हैं। रीजनिंग, मैथ्स और अंग्रेजी में अच्छे अंक लाकर मेरिट में स्थान बना लेने वाले स्टूडेंट्स में असली कम्पिटीशन इसी विषय में होता है। इसमें कहीं से कुछ पूछा जा सकता है। इस खंड में तैयारी के लिए जरूरी है कि पिछले चार महीनों में घटित देश-विदेश की प्रमुख घटनाओं, खेलों और संधियों से अपडेट रहें। इसमें इकोनॉमिक्स और बैंक से संबंधित प्रश्नों की तैयारी के लिए अधिक समय दें। कई पुस्तक हैं, जिनमें बैंक से रिलेटेड कई तरह के नॉर्म्स रहते हैं। तैयारी के लिए आप इनका भी उपयोग कर सकते हैं। यदि आप आंख-कान खुले रखकर कम्पिटीशन की नियमित आने वाली मंथली मैग्जीन्स और डेली न्यूजपेपर्स पढ़ते हैं, तो जीएस में विशेष परेशानी नहीं होगी। तैयारी के दौरान महत्वपूर्ण बिंदुओं का एक नोटबुक बनाना भी उपयोगी हो सकता है। अगर आप इस तरह तैयारी की रणनीति बनाते हैं तो आप इस परीक्षा में सफल हो सकते हैं।

साभार: राष्ट्रीय सहारा

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