Thursday, November 23, 2017
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pets

व्यक्तिगत गुण

  • पालतू जानवरों के बारे में जानने की रुचि होना जरूरी है।
  • जानवरों से बात करने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए।
  • पेट्स के गुस्से को कंट्रोल करने का हुनर होना जरूरी है।
  • पालतू जानवरों की डाइट और उसके रखरखाव के बारे में भी जागरूक होना जरूरी है।
  • सबसे ज्यादा जरूरी है कि वह पेट्स के बारे में हर तरह से जागरूक रहे।

 

        जो लोग पेट्स की देखभाल और उनका रखरखाव करते हैं, उन्हें पेट्स ग्रूमर्स कहते हैं। इनका काम पालतू जानवर रखने वाले मालिकों को उनके पेट्स की देखरेख के लिए सुझाव और दिशा-निर्देश देना होता है। अब लोग अपने पालतू जानवरों के स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक भी हो गए हैं जिनके चलते पेट्स ग्रूमर्स की मांग बढ़ रही है।

फलस्वरूप इस क्षेत्र में करियर का आगाज हो रहा है। यह काम काफी चुनौतीभरा होता है, क्योंकि इसमें पालतू जानवरों की विभिन्न नस्लों से अवगत होना जरूरी है।

योग्यता

        इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए किसी खास कोर्स करने की जरूरत नहीं होती है। किसी अनुभवी पेट्स ग्रूमर्स के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने के बाद इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत की जा सकती है। इस क्षेत्र में विदेशों में कुछ कोर्स तो चलाए अवश्य जाते हैं। अगर उसे करने में असमर्थ हैं तो ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भी दाखिला ले सकते हैं।

नौकरियां

        भारत में दिन-प्रतिदिन पालतू जानवर रखने का ट्रेंड बढ़ रहा है। इस समय लोग अपने पेट्स को अच्छी देखरेख के साथ-साथ उसे फैशनेबल बनाने में काफी रुचि लेने लगे हैं। अब वे पैसे खर्च करने में कोई परहेज नहीं करते हैं। पेर्ट्स ग्रूमर्स, पशु चिकित्सक क्लीनिक, एनीमल शेल्टर, पेट्स सप्लाई स्टोर्स में काम की तलाश कर सकते हैं। साथ ही अनु भव के आधार पर वे अपना खुद का व्यवसाय जैसे पेट्स सैलून या पार्लर भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, पेट्स बोडिंग सर्विस भी शुरू कर सकते है। इस सेक्टर में आजकल मोबाइल पेट्स स्पा बिजनेस भी तेजी से ग्रोथ कर रहा है। इसके अंतर्गत पेट्स लवर्स अपने पेट्स की देखरेख के लिए इन सेंटरों पर कॉल करते हैं और वे डोर- टू-डोर पेट्स ग्रूमिंग सर्विस देते हैं। इसके अलावा आप अपना पेट्स ग्रूमिंग स्कूल भी खोल सकते हैं।

आमदनी

        इस सेक्टर में आमदनी असीमित है। पेट्स ग्रूमर्स, प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज करते हैं। यह चार्ज उनके हुनर और जानवरों की नस्ल पर भी निर्भर करता है। वैसे तो बतौर ट्रेनी दस से पंद्रह हजार की सैलरी पर आसानी से नौकरी मिल जाती है। इसके अलावा, आप अपना स्वयं का बिजनेस खोल कर लाख रुपये तक मासिक कमा सकते हैं।

साभार: राष्ट्रीय सहारा

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