Friday, November 24, 2017
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AU student union
इलाहाबाद। इलाहाबाद के छात्र नेताओं के अथक प्रयास से कई वर्षो के बाद संपन्न हुए छात्रसंघ चुनाव में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इलाहाबाद विश्वविधालय ने एम ए दर्शनशास्त्र की परीक्षा में फेल समाजवादी छात्रसभा के दिनेश यादव का नामांकन रद नहीं किया जिससे वह चुनाव लड़े और विजयी होकर अध्यक्ष बने। छात्रसंघ चुनाव की नियमावली के मुताबिक फेल छात्र चुनाव नहीं लड़ सकता है। चुनाव के तीन महीने के बाद ही इस खुलासे ने अध्यक्ष के निर्चाचन पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।


छात्रसंघ के चुनाव के लिए बनाए गए नियम 13 में प्रत्याशियों की पात्रता का उल्लेख है। जिसमें बिंदु दो के अनुसार चुनाव वही प्रत्याशी लड़ सकता है जो विश्वविधालय की किसी भी परीक्षा में फेल न हुआ हो और उस पर कोई भी अकादमिक अवशेष न हो। छात्रसंघ चुनाव में दिनेश के निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्रनेता अभिषेक सिंह सोनू को जब दिनेश के फेल होने की जानकारी हुई तो उन्होंने आरटीआई के तहत इस संदर्भ में जानकारी मांगी।
इस संदर्भ में प्रोफेसर बी एन सिंह, चुनाव अधिकारी का कहना है कि चुनाव के वक्त उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दिनेश एम ए दर्शनशास्त्र की परीक्षा में फेल हो चुके है। नामांकन के बाद आपतित दाखिल करने के लिए प्रत्याशियों को भरपूर समय भी दिया गया था लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने कोई भी आपतित नहीं दर्ज की। वहीं दूसरी तरफ दिनेश सिंह यादव, अध्यक्ष, छात्रसंघ इलाहाबाद विश्वविधालय का कहना है कि यह सच है कि उन्होंने एम ए दर्शनशास्त्र में प्रवेश लिया था और द्वितीय वर्ष की परीक्षा भी दी थी लेकिन उन्होंने पूरी परीक्षा नहीं दी थी। सत्र 2012-13 में उन्होंने परास्नातक प्रवेश परीक्षा देकर मानव शास्त्र में प्रवेश ले लिया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नही है कि छात्रसंघ के रेगुलेशन में यह प्रावधान है कि विश्वविधालय की परीक्षा में फेल छात्र चुनाव नहीं लड़ सकता है।

 

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