Sunday, February 25, 2018
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इलाहाबाद। शम्भूनाथ इन्स्टीट्यूट ऑफ इन्जीनियरिंग एण्ड टेकनोलॉजी (एस० आई० ई० टी०) में बुधवार को मैनपावर डेवलपमेंट एण्ड मैनेजमेंट कन्सलटेंट ओम प्रकाश दुबे ने इन्जीनियरिंग, फार्मेसी व मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं के बीच व्यक्तिगत सशक्तिकरण पर प्रेरक विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में शक्तिशाली होना महत्वपूर्ण है। लेकिन दुर्भाग्य है कि भारत में अधिकांश लोग शक्तिशाली बनने के लिए धनबल एवं बाहुबल को जुटाना ही अपना लक्ष्य बना लेते हैं जबकि लक्ष्य होना चाहिए खुशहाल बनना। खुशी व्यक्ति ही शक्तिशाली होता है और खुशी आती है मनपसन्द कार्य करने से।

वर्ल्ड बैंक में काम कर चुके श्री दुबे ने कहा कि मनपसन्द कार्य दिल से होता है उसमें किसी प्रकार का दबाव नहीं होता है। उस कार्य को करने में आनन्द आता है। सन्तुष्टी मिलती है। इसलिए मनपसन्द कार्य करने का लक्ष्य बनायें। उन्होंने सचेत किया कि प्रत्येक व्यक्ति के अन्दर समाज के प्रति संवेदनशीलता होना जरूरी है। व्यक्ति को अपनी उन्नति करते समय समाज का हित भी देखना चाहिए। जो व्यक्ति समाज से जुड़े बिना निजी शक्ति जुटाने में लगा रहता है, वह कभी खुशहाल नहीं रह सकता। इसलिए देखने में आता है कि बहुत से अमीर लोगों के पास धन तो बहुत है लेकिन खुशी नहीं है।


इस प्रेरक आयोजन से पूर्व इन्स्टीट्यूट के सचिव डा0 के. के. तिवारी ने मुख्य अतिथि डा0 ओम प्रकाश दुबे को अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आर. के. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

 

 

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