Wednesday, November 22, 2017
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dalai lama
इसे विरोध का नाम दें या सियासत बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा अपने तैयार कार्यक्रम के अनुसार रविवार को कुंभ मेले में नहीं पहुंचे। उन्हे कुंभ मेले में 4 फरवरी को दिन में 11बजे से 1 बजे तक आम जनता से सीधा संवाद करना था। यह पहला मौका होता जब दलाई लामा इस तरह लोगों से संवाद करते परंतु समाचार लिखे ; सोमवार दोपहर ढ़ाई बजे द्ध जाने तक वह कुंभ क्षेत्र में पहुंचे ही नहीं । हो सकता है कि वह सोमवार को पहुंचें परंतु कब यह पूछने पर कोई कुछ नहीं बताता। वह कुंभ में आएं इसके लिए मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने अपने स्तर पर पहल की। करीब महीने भर से कुंभ नगरी में उनके आने की तैयारियां चल रही थी। रविवार दोपहर बाद अचानक ही कार्यक्रम संयोजक लामा चोसफेल जोतपा ने घोषणा की कि उनका कार्यक्रम रदद हो गया है। कुछ धर्माचायोर्ं के अनुसार यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विहिप के अशोक सिंघल इस पूरे घटना चक्र में षड़यंत्र देख रहे हैं। उनके अनुसार दलाई लामा के सुरक्षा अधिकारी पहुंच गये और पाजाटिव रिपोर्ट भी दे दी फिर भी उनका कार्यक्रम रदद हो गया।


संत महासभा के अनुसार कुंभ में दलाई लामा के आने की सूचना पर हो रहे विरोध के कारण सरकार और दलाई लामा ने यह कार्यक्रम रदद किया। दलाई लामा बौद्ध धर्म गुरू हैं और सनातन धर्म के मेला में उनके आने का विरोध भी हो रहा था।
रविवार दलाई लामा कुंभ नगरी क्यों नहीं पहुंचे यह कोई नहीं जानता परंतु कुछ बातों से लग रहा है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही थी।विहिप के केंद्रीय मंत्री प्रोण्वेंकटेश आबदेव के अनुसार कुंभ क्षेत्र में राज्य सरकार दलाई लामा की सुरक्षा निशिचत नहीं कर सकी। मेला प्रशासन के अनुसार मुख्य स्नान पर्व के अलावा वह किसी भी दिन आएं। आबदेव के अनुसार 3 फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि दलाई लामा को सुरक्षा और आवास उपलब्ध नहीं करा सकते। विहिप का कहना है कि दलाई लामा के न आने के पीछे सरकार का हाथ है। लेकिन कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी कह रहे हैं कि मेला प्रशासन धर्म गुरू दलाई लामा का स्वागत करेगा। विहिप के अशोक सिंघल के अनुसार सरकार नहीं चाहती की सभी धर्म एक मंच पर आएं और समाज में एकता का संदेश जाए। इसलिए सरकार उन्हें सुरक्षा नहीं दे रही है। सोमवार या बाद में वह शायद आएं ।उनके आने से ही शायद इस रहस्य से परदा उठेगा। उनका कुंभ नगरी में पहुंचने का कार्यक्रम पहले क्यों रदद हो गया फिर किसके बुलाने पर वह आने को मजबूर हो गये।

 

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