Sunday, August 20, 2017
User Rating: / 0
PoorBest 

shiv pooja ke labh

बरेली। भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना shravan month start 10 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार के सावन की ख़ास बात यह है कि सावन में इस बार पांच सोमवार पड़ रहे है साथ ही सावन का महीना सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही समाप्त हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पण्डित राजीव शर्माके अनुसार इस बार सावन के हर सोमवार को विशेष योग बन रहे है। ऐसे में भगवान शिव की पूजा का विशेष लाभ मिलेगा। 

श्रावण माह का पहला एवं तीसरा सोमवार
10 और 24 जुलाई को श्रावण माह का पहला एवं तीसरा सोमवार अति महत्वपूर्ण है। क्योंकि श्रावण माह का आरम्भ नंदा तिथि के साथ प्रथम सोमवार से हो रहा है। नंदा तिथि सभी शुभ कार्याें के लिए शुभ मानी जाती है। इसके व्रत के देवता अग्नि हैं। प्रथम सोमवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होने के कारण शुभ फल देने वाला है एवं तृतीय सोमवार को पुष्य नक्षत्र होने के कारण अति विशेष फल देने वाला है। विशेष बात यह भी है कि इन दोनों सोमवारों को सर्वाथसिद्ध योग एवं सिद्धि योग का विशेष सहयोग है। सिद्धियां प्राप्त करने की दृष्टि से यह दोनों सोमवार अति विशेष हैं। इसमें अकाल मृत्यु निवारण, रोग मुक्ति एवं पारिवारिक सुख समृद्धि के लिए किये गये अनुष्ठान एवं पूजा पाठ का कई गुना फल प्राप्त होगा।
श्रावण माह का दूसरा और चौथा सोमवार
17 एवं 31 जुलाई को श्रावण माह का अष्टमी तिथि को पड़ने वाला दूसरा एवं चतुर्थ सोमवार अति विशेष है। क्योंकि अष्टमी जया तिथि के व्रत के देवता शिव हैं। इस कारण शिव जी की भक्तों पर विशेष कृपा रहेगी। इन सोमवारों को प्रथम अशिवनी नक्षत्र एवं स्वाति नक्षत्र रहने के कारण विशेष फल की प्राप्ति होगी। इस दिन शुभ योग का बनना भी अति विशेष है।
श्रावण माह का पांचवां एवं अन्तिम सोमवार
7 अगस्त को सावन माह का पांचवां एवं अन्तिम सोमवार अति विशेष है। क्योंकि इस सोमवार को पूर्णातिथि में श्रवण नक्षत्र होने के कारण श्रावणी पूर्णिमा है। जो सर्व कार्य सिद्धि करने वाली होती है। पूर्णातिथि के देवता चन्द्र हैं, चन्द्र शिव जी को अति प्रिय हैं। अतः यह दिन चन्द्र दोष निवारण के लिए अति विशेष है। इस दिन सोमवार को श्रवण नक्षत्र होने के कारण बनने वाला ”सिद्धि योग“ साथ ही सर्वाथसिद्ध योग, अमृत योग, होने के साथ इस सोमवार को रात्रि श्रवण नक्षत्र पर चन्द्र ग्रहण होने के कारण यह सोमवार कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण है। श्रवण नक्षत्र अपने आप में पूजा पाठ का शुभ फल देने में सक्षम है। इस सोमवार को अपरान्ह 01: 52 बजे से ग्रहण का सूतक लग जायेगा। इसके बाद मंदिर के कपाट बन्द हो जायेंगे। पूजा निषेध होगी।
पूजा का समय
प्रातः 6 से 07: 30 बजे तक अमृत के चैघड़िया में।
प्रातः 9 से 10:30 बजे तक शुभ के चैघड़िया में।
अपरान्ह 3 से सांय 07: 30 बजे तक लाभ एवं अमृत के चैघड़िया में।

Courtesy: Patrika

Comments 

 
#1 facebook scraper 2017-07-18 04:56
Appreciating thе tiе and efort үou put into yyour wеbѕite
and in depth information you offer. It's awesome to com aсroѕs ɑ blog every once in a whgile tһat isn't the same
unwɑnted rehashed informаtion. Excellent read!

I've saved your site and I'm including your ᎡSS feeds to my Google
account.
Quote
 

Add comment

We welcome comments. No Jokes Please !

Security code
Refresh

culture

Who's Online

We have 1520 guests online
 

Visits Counter

717218 since 1st march 2012