Friday, November 17, 2017
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shankaracharya-issue

इलाहाबाद। कुंभ मेले में चतुष्पथ की मांग को लेकर नाराज शंकराचार्य को मनाने मेलाधिकारी गुरुवार की शाम मनकामेश्वर मंदिर पहुंचे लेकिन बेनतीता रही। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती चतुष्पथ की मांग पर अडिग हैं मेलाधिकारी ने उनसे पुर्नविचार करने को कहा लेकिन वह नहीं माने। करीब आधे घंटे तक चली वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।


बिना किसी ठोस प्रस्ताव के आने पर शंकराचार्य ने फटकार भी लगाई। मेला अधिकारी ने उनसे चतुष्पथ पर विचार के लिए समय मांगा। इसपर शंकराचार्य ने एक दिन का समय दिया है। अब शंकराचार्य शुक्रवार के बजाए शनिवार को मध्यप्रदेश के लिए रवाना होंगे। मेला प्रशासन के लिए उनका निर्णय राहत भरा है। इस वार्ता में कुंभ मेला अधिकारी मणि प्रसाद मिश्र के साथ एसएसपी कुंभ आरकेएस राठौर भी मौजूद रहे। उन्होंने शंकराचार्य से मेला क्षेत्र में वापस चलने की गुजारिश भी की लेकिन शंकराचार्य ने साफ कह दिया कि चतुष्पथ बनवा दो हम चल देंगे। मेना अधिकारी ने अपनी दिक्कतों की दुहाई देते हुए किसी दूसरे स्थान पर जमीन देने की गुजारिश की। शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा कि सारे शंकराचार्य एक ही स्थान पर रहेंगे। अलग-अलग रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे स्वयंभू शंकराचार्य लोगों को धर्म के नाम पर ठगेंगे। मेला अधिकारी को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि बहुरूपियों के लिए प्रशासन के पास हर सुविधा मौजूद है लेकिन जो सही है उसके लिए सोचना पड़ रहा है। मेरी जो मांग है उससे पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं उठता। एक दिन का समय मांग कर मेलाधिकारी वहां सेचल दिए। इस मौके पर अगिन अखाड़े के सचिव कैलाशानंद और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मौजूद रहे।

त टिप्पणी
चतुष्पथ से कम कुछ भी नहीं चाहिए। गंगा जी की जमीन का नियम है बाढ़ के बाद किसी की नहीं रहती। मेला प्रशासन निष्कर्ष निकालकर आए।

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती

हमें शंकराचार्य जी ने अपना प्रस्ताव दिया है। हमने इसपर विचार के लिए समय मांगा है। फिलहाल कुछ भी नही कह सकते।

म्णि प्रसाद मिश्र, कुंभ मेलाधिकारी

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