Thursday, November 23, 2017
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kumbh-ki-jhalkiya
कुंभ की छटा ही निराली है। दिन में सूर्य की रोशनी में नहाया कुंभ का एक चेहरा सांझ को बिजली की रोशनी में कुंभ का दूसरा रूप कौन ज्यादा सुंदर कहना मुशिकल। साथ में ति्रवेणी संगम का बदलता रूप।कहा जा रहा है कि इस बार सबसे ज्यादा विदेशी कुंभ में आये हैं। विदेशी जो कितनी परिसिथतिओं में रहे हैं ,कितने स्थानों पर घूमें हैं वह भी कुंभ के दर्शन करके अभिभूत हो जाते हैं और कहते हैं कि ऐसा पहले न कभी देखा न महसूस किया। कौन जाने यह क्या है ? धर्म का प्रभाव या प्रकृति का रोमांच या फिर दोनों का मिला जुला रूप।

पहली फरवरी को हो सकती है शंकराचार्य स्वरूपानंद की पेशवाई -

shankara charya

बुधवार को द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के कुंभ में आगमन की तिथि की घोषणा हो गई है। वह इस समय मध्य प्रदेश के जबलपुर में परमहंसी आश्रम में हैं। 25 जनवरी को जबलपुर से बांबे मेल द्वारा रात में पहुंचेंगे। वह मनकामेश्वर सिथत मंदिर में रूकेंगे। 1फरवरी को उनकी पेशवाई है जो हिंदी साहित्य सम्मेलन से प्रारंभ होकर काली ति्रवेणी मार्ग के बीच उनके शिविर पर खत्म होगी।

क्या राधे मां के दर्शन होंगे -

radhe ma

विवादों में घिरी राधे मां को क्लीन चिट मिल गयी है।राधे मां स्वंय को दुर्गा का स्वरूप बताती हैं और हरिद्वार में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में उनका अभिषेक हुआ था। परंतु महामंडलेश्वर उसी को बनाया जा सकता है जो कम से कम दस साल से सन्यासी जीवन व्यतीत कर रहा हो ,धर्मशास्त्र का ज्ञाता हो , परिवार से उसका कोई संबंध न हो। राधे मां के महामंडलेश्वर बनाये जाने के बाद जूना तथा अन्य अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतों ने उनको पद के याग्य नहीं माना। कहा जाने लगा कि उनका अभी भी अपने परिवार से संबंध है। विवाद उठने पर जूना अखाड़े ने तीन दिन बाद उन्हे महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया। इस पूरे विषय पर संतों की कमेटी जांच कर रही थी। कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को जूना अखाड़े के सचिव को सौंपी गई जिसमें राधे मां निर्दोष पायी गईं। अंतिम निर्णय प्रयाग के महंतों के बीच चर्चा के बाद सामूहिक रूप से लिया जाएगा। अगर सब कुछ सही रहा तो बचे हुए शाही स्नानों में राधे मां आ भी सकती हैं।

कुंभ में फहरायाएगा तिरंगा -

indian flag

26 जनवरी को कुंभ में देशभकित की लहर देखने को मिलेगी। संतों के अनुसार देश उनके लिए सबसे बड़ा है। गणतंत्र दिवस पर गंगा तट पर तिरंगा शान से सर उठाए खड़ा रहेगा। कुंभ नगरी में रहने वाले प्रमुख संत और अखाड़ों के महंत -संत भी गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे हैं। गंगा सेवा अभियानम की ओर से गंगा तिरंगा का आयोजन होगा।इस कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद , पंच अगिन अखाड़ा के गोपालानंद बापू , कैलाशानंद ब्रहमचारी आदि शामिल होंगे । कई अन्य कार्यक्रम भी होंगे। निर्मोही अखाड़ा भी गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। कुंभ नगरी इस दिन पूरी तरह देशभकित के रंग में रंगी नजर आयेगी। आाधात्म की उस नगरी में भकित और देशभकित का संगम होगा।

आस्था में डूबे नेपाली -

nepaali in kumbh

कुंभ में कई नेपाली साधू संत देखने को मिलेंगे। दशनामी सन्यासिनी अखाड़ा में अनेक नेपाली महिला हैं। नेपाली संतों और श्रद्धालुओं ने नेपाल के वैष्णव संत देवराज आचार्य की अगुवाई में भव्य शोभा यात्रा निकालकर निराले अंदाज में कुंभ में प्रवेश किया। इस यात्रा के दौरान नेपाली श्रद्धालुओं ने रास्ते भर जमकर नृत्य किया। यह अपने आपको वैष्णव संप्रदाय का मानते हैं और कह रहे हैं कि कुंभ के बारे में जो सुना था वह कुछ भी नहीं है। भकित में डूबे इन श्रद्धालुओं के नृत्य को देखकर दूसरे लोग भी नृत्य करने लगे।

दर्शन करें बर्फानी दादा के -

barfani baba

बर्फानी दादा के चेहरे से उनके उम्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। क्या आप सोच सकते हैं उनकी उम्र क्या होगी ? खा गये न धोखा। अरे साहब इनकी उम्र 130 साल है। राजनांद गांव के कायाकल्पी संत बर्फानी दादा का पंडाल सेक्टर 11 में है जहां लोगों की भारी भीड़ लगी रहती है। यह लाल कपड़े के आसन पर बैठते हैं। इनका दावा है कि इन्होने हिमालय के मानसरोवर में कई वर्षों तक तप किया है। इनके एक शिष्य के अनुसार इन्होने अपने शरीर का दो बार कायाकल्प किया है। यह हिमालय में किये तप का फल है। एक उम्र के बाद वह शरीर का कायाकल्प करके पूर्व अवस्था में आ जाते हैं। एक बार शरीर को त्यागकर दूसरे ब्राहमण के मृत शरीर में भी दाखिल हो गये। उनका असली नाम हरिदत्त दूबे है। उनका जन्म 18वीं सदी में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के डोडिया खेड़ा गांव में हुआ था।

झटपट खबरें कुंभ की -

1॰ निरंजनी की महामंडलेश्वर बनीं निर्भयानंद पुरी।

2॰ बिग बास सीजन 6 की प्रतिभागी सपना भाववानी घूमीं कुंभ में।

3॰ श्रद्धालु 26 जनवरी से सेक्टर 6 में तिरूमाला तिरूपति देवस्थान से लाये तिरूपति बालाजी के विग्रह का दर्शन कर सकेंगे।

4॰ त्रिरमूर्ति श्रीगुरूदत्त सेवा ट्रस्ट के निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे।
5॰ संत मोरारी बापू पहुंचे गंगा एक्शन परिवार के चिदानंद मुनी से मिलने।

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