Friday, November 17, 2017
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commissioner-meeting
प्रत्येक विभागों द्वारा जो कार्य किये गये है और उनके विभाग की कुंभ मेले के आयोजन में क्या भूमिका थी, उसकी पूरी प्रशासनिक रिपोर्टविभागीय प्रतिवेदन बनाकर 10 अप्रैल 2013 के पूर्व तक सभी विभाग मेला कार्यालय को दे दें जिससे सभी विभागों के कार्योंभूमिका को संकलित करते हुए रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा सके।

यह निर्देश आयुक्त इलाहाबाद मण्डल इलाहाबाद श्री देवेश चतुर्वेदी ने कुंभ मेले से संबंधित समस्त विभागों के अधिकारियों की गांधी भवन में बैठक लेते हुए दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग का एक विषय होता है संबंधित विभाग द्वारा कुंभ मेले के आयोजन में क्या भूमिका निभाई गयी और क्या-क्या कार्य स्थाईअस्थाई, कार्यक्रम किये गये उन सब की प्राथमिक रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा इस कुंभ मेले में गत कुंभ मेले से हटकर जो कार्य किया गया है और उनके द्वारा क्या-क्या विशेष उपलबिधयां अर्जित की गयी हैं उसका विवरण भी दें। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाले कुंभ के लिए उनके विभाग द्वारा और क्या अतिरिक्त किया जा सकता है ऐसे कार्यों का सुझाव भी दें। आयुक्त ने कहा कि जो रिपोर्ट दी जाय वह सारगर्भित व संक्षिप्त हो। ए-4 साइज के पेपर पर डेढ़ इंच बाई तरफ एवं एक इंच दाई तरफ व डेढ़-डेढ़ इंच ऊपर-नीचे छोड़कर कृतिदेव-10 पर टाइप कराकर 16 के फान्ट साइज में 10 अपैल 2013 के पूर्व तक बनाकर दें।
बैठक में आयुक्त श्री चतुर्वेदी ने विभागवार किये गये कार्यों की जानकारी ली। बैठक में उन्होंने पाया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 171.6 किमी0 की चकर्डसड़क बनाई गयी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग से कहा कि उनके द्वारा सुरक्षा संबंधी जो भी कार्य किये गये है और सीसी कैमरों, विजुअल शाइनिंग बोर्ड सहित पूर्ण विवरण बनाकर भिजवायें। बैठक में जल निगम द्वारा बताया गया कि उनके विभाग द्वारा कुल 680 किमी0 पाइप लाइन बिछाई गयी थी तथा 29810 पानी के कनेक्शन दिया गया था। मेला क्षेत्र में 46 नलकूप, 05 ओवर हेड टैंक बनाये गये थे। उनके विभाग द्वारा प्रमुख स्नान पर्वो के दिनों में 92 हजार किलो लीटर पानी की सप्लाई की गयी। शेष दिनों में सप्लाई सामान्य रूप से 24 घंटे की जाती रही। विधुत विभाग द्वारा बताया गया कि उनके विभाग द्वारा 830 किमी0 विधुत लाइन, 25464 स्ट्रीट लाइटें लगाई गयी है। मेला क्षेत्र मे 1.90 लाख विधुत कनेक्शन दिये गये थे और 52 उप केन्द्र बनाये गये थे।
उक्त बैठक में आयुक्त श्री चतुर्वेदी के द्वारा जानकारी लेने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, एलोपैथिक द्वारा बताया गया कि उनके यहां 417097 मरीज अस्पतालों में तथा 4297 इन्डोर में इलाज किया गया। केन्द्रीय चिकित्सालय में दो डिलिवरी भी कराई गयी। कुल 123 एम्बुलेंस भी लगाई गयी थी। उनके विभाग द्वारा 32310 शौचालयों का निर्माण किया गया था तथा 340 सुलभ शौचालय एवं 63 गैर परम्परागत शौचालय स्थापित कराये गये थे। होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग द्वारा बताया गया कि उनके 12 अस्थाई अस्पतालों मे 454899 मरीजों की चिकित्सा तथा आयुर्वेद विभाग के 11 अस्पतालों में 341879 मरीजों का इलाज किया गया। बैठक में पूर्ति विभाग द्वारा बताया गया कि उनके विभाग द्वारा 1 लाख 2 हजार राशन कार्ड जारी किये गये थे। आयुक्त ने निर्देश दिये कि कितना राशन वितरण किया गया है उसका पूर्ण विवरण दें। बैठक में दुग्ध विभाग द्वारा बताया गया कि उनके विभाग द्वारा 15 लाख दुग्ध पैकेट एवं 3.89 लाख लीटर खुले दुध की सप्लाई 150 दुग्ध केन्द्रों व 8 मिल्क पार्लर द्वारा की गयी। बैठक में आयुक्त ने रोडवेज विभाग को निर्देश दिये कि उनके विभाग द्वारा कितनी बसों का संचालन और कितनी विशेष बसों का संचालन करते हुए कितने यात्रियों को गंतव्यों तक लाया-ले जाया गया है उसका विवरण बनाकर प्रस्तुत करें। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिये कि उनके यहां कितने विदेशी पर्यटक आये और कितने लोग उनके सिवस काटेज में रहे। उनके विभाग द्वारा क्या-क्या कार्य कराये गये है और कितनी सुविधायें देते हुए विभाग को कितनी राजस्व की प्राप्ती हुई। उन्होंने सूचना विभाग से कहा कि उनके द्वारा पत्रकारों को क्या-क्या सुविधायें दी गयी थी इन्टरनेशनल, नेशनल एवं स्थानीय मीडिया के कुल कितने पत्रकारों को पे्रस पास दिये गये है उसकी सूची और उन्हें कहां-कहां सिवस काटेज में रहने के लिए आवास दिये गये हैं, उनका विवरण तथा जारी पे्रस विज्ञपितयों की संख्या एवं समाचार पत्रों के ई-मेल, मीडिया प्लेटफार्म, मीडिया वाच टावर आदि दी गयी समस्त सुविधाओं का अलग-अलग विवरण बनाकर दें।

उक्त बैठक में आयुक्त ने समस्त विभागों को निर्देश दिये कि शासन द्वारा जो धनराशि स्वीÑत है और संबंधित विभागों को प्राप्त हुई है उसके सापेक्ष विभागों द्वारा संबंधित कार्य कराते हुए कितनी धनराशि व्यय की गयी है उसका विवरण तत्काल प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए जो पैसा आया है वह स्थाईअस्थाई कार्य पूर्ण हुआ या नहीं उसका पूर्ण विवरण प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो कार्य नहीं हुए है और धनराशि संबंधित विभाग को प्राप्त हुई है वह धनराशि समर्पित होगी। उक्त बैठक में मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र, नगर आयुक्त, सहित संबंधित विभागों के सभी अधिकारी उपसिथत रहे।

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